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भारतीय कंपनियों ने डेटा चुराया?: अमेरिकी सीनेटरों ने की ब्लैक लिस्ट में डालने की मांग, क्या है पूरा मामला
Thu, 10 Sep 2026 07:54 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 10 Sep 2026 07:54 AM IST
सार
अमेरिकी सीनेटरों ने भारत की तीन कंपनियों पर एंटिटी लिस्ट में डालने की मांग की है।सीनेटरों ने आरोप लगाया है कि इन कंपनियों ने अमेरिकी नागरिकों, कारोबारों और वकीलों की कथित साइबर जासूसी की और डेटा चुराया।
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अमर उजाला ग्राफिक्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिकी सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन को पत्र लिखकर भारत की तीन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉन वाइडेन और शेल्डन व्हाइटहाउस तथा रिपब्लिकन पैट हैरिगन ने कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक से सनकिस्ड ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड, बेलट्रॉक्स लिमिटेड और साइबररूट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इन कंपनियों ने हजारों अमेरिकियों और अमेरिकी कंपनियों का डेटा हैक करके चुराया।
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15 साल से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप
वाइडेन, हैरिगन और व्हाइटहाउस ने लटनिक को लिखे पत्र में कहा,'भारत स्थित कई साइबर-मर्सिनरी ग्रुप (किराये के साइबर हैकर ग्रुप) 15 से अधिक वर्षों से अमेरिकी नागरिकों, व्यवसायों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के खिलाफ टारगेटेड जासूसी कर रहे हैं।' सीनेटरों ने कहा कि रॉयटर्स और द सिटिज़न लैब की जांच के अनुसार, इन कंपनियों ने चल रहे मुकदमों को प्रभावित करने के लिए प्राइवेट इक्विटी फर्मों, फार्मास्युटिकल कंपनियों और प्रमुख अमेरिकी लॉ फर्मों के 1,000 से अधिक वकीलों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हैकिंग अभियान चलाए।
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कतर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप
उन्होंने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि ये समूह कतर सरकार के इशारे पर काम करते थे। उन्होंने कतर की वर्ल्ड कप बोली के विरोधियों और हाउस परमानेंट सेलेक्ट कमिटी ऑन इंटेलिजेंस के पूर्व रिपब्लिकन चेयरमैन के परिवार को भी निशाना बनाया। सीनेटरों ने कहा,'इस सुरक्षा खतरे को और बढ़ाते हुए, इन साइबर मर्सिनरी और उनके सहयोगियों ने प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठनों की खोजी रिपोर्टिंग को सेंसर करने के लिए ग्लोबल लॉफेयर (कानूनी दांव-पेच) का आक्रामक अभियान चलाया है।' यह समन्वित प्रयास विदेशी संस्थाओं को विदेशी अदालतों का उपयोग करके अमेरिकी जनता को उनके अपने देश के लिए साइबर खतरों के बारे में अंधेरे में रखने की अनुमति देता है और अमेरिकी नागरिकों के मौलिक संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है।
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विदेशी अदालतों के जरिए रिपोर्टिंग रोकने की कोशिश
सीनेटरों ने आरोप लगाया कि इन्हीं कंपनियों ने विदेशी अदालतों का दुरुपयोग करके अपने हैकिंग अभियानों के बारे में हो रही रिपोर्टिंग को सेंसर करने की भी कोशिश की। एक समय उन्होंने जांच से जुड़ी सामग्री को दुनियाभर में हटाने के लिए मजबूर कर दिया था।
गूगल और मेटा समेत बड़ी कंपनियों पर मुकदमे
उन्होंने कहा कि अपनी आलोचना को दबाने और अपने अवैध हैकिंग अभियानों से जुड़े तथ्यों को छिपाने के लिए इन भारतीय कंपनियों ने गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और द न्यू यॉर्कर सहित अमेरिकी टेक्नोलॉजी और मीडिया कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दायर कर रखे हैं।
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'एंटिटी लिस्ट' में शामिल करने की मांग
सीनेटरों ने कॉमर्स डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी से इन तीन कंपनियों को 'एंटिटी लिस्ट' में शामिल करने की मांग की है, ताकि अमेरिकी सॉफ्टवेयर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा उपकरणों तक उनकी पहुंच को रोका जा सके।