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मध्यावधि चुनाव: क्या नरम पड़े ट्रंप? कनाडाई पीएम कार्नी का दावा- अमेरिका समझौते की शर्तों पर सहमत, आगे क्या?

Tue, 27 Oct 2026 07:36 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 27 Oct 2026 07:36 AM IST
सार

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले कनाडा के साथ व्यापार समझौते को लेकर हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां ट्रंप टैरिफ में बदलाव के संकेत दे रहे हैं वहीं, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का दावा है कि अमेरिका अब कनाडा की शर्तों के करीब आ रहा है। 

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Trump bows before midterm elections Hope for agreement with Canada increased Carney said US close to our terms
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच अब बातचीत में तेजी आती दिख रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन व्यापार समझौते को लेकर कनाडा के रुख के करीब आ रहा है। हालांकि, कनाडा अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं और टैरिफ का मुद्दा चुनावी राजनीति में अहम बन गया है।

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अमेरिका कनाडा की शर्तों के करीब
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में थोड़ी तेजी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रगति कनाडा की मांगें कम करने से नहीं, बल्कि अमेरिका के रुख में बदलाव के कारण हुई है। कार्नी ने कहा, 'अगर कोई प्रगति हुई है, तो वह इसलिए है क्योंकि अमेरिका हमारे रुख के करीब आ रहा है।' वहीं, कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक के कार्यालय ने भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत की पुष्टि की है। अमेरिकी आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने भी समझौते की उम्मीद जताई है।
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पहले भी टूट चुकी है समझौते की उम्मीद
इससे पहले अगस्त में दोनों देश समझौते के करीब पहुंचे थे, लेकिन कनाडा ने अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कार्नी के मुताबिक, अमेरिकी मांगें कनाडा की तय सीमाओं से बाहर थीं। इसके बाद ट्रंप ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक
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रिश्तों में तनाव बढ़ गया।

ट्रंप के बयानों से बढ़ी समझौते की उम्मीद
शुक्रवार को ट्रंप ने कनाडा के सामान पर लगे 50 प्रतिशत टैरिफ हटाने की बात कही, लेकिन साथ ही कुछ अन्य उत्पादों पर नए शुल्क लगाने के संकेत भी दिए। रविवार को मिशिगन की चुनावी रैली में उन्होंने दावा किया कि कनाडा अमेरिका को रियायतें देने के लिए तैयार है और समझौता जल्द हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत पूरी होने में कुछ महीने लग सकते हैं। दूसरी ओर, कार्नी ने समझौते को लेकर निश्चितता जताने से परहेज किया।

चुनाव में टैरिफ बना बड़ा मुद्दा
अमेरिका में टैरिफ का मुद्दा अब चुनावी बहस का हिस्सा बन चुका है। मिशिगन में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स ने अपने विज्ञापन में कहा कि कनाडा अमेरिका का दुश्मन नहीं है और टैरिफ युद्ध खत्म होना चाहिए। मेन की रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कोलिन्स ने भी किसानों और कारोबारियों को राहत देने के लिए कनाडाई सामान पर शुल्क घटाने की मांग की। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने कुछ उत्पादों को टैरिफ में छूट देने की घोषणा की।

व्यापार घाटे और ऑटो उद्योग पर नजर
ट्रंप कनाडा के साथ अमेरिकी व्यापार घाटे की शिकायत करते रहे हैं। हालांकि, इसकी बड़ी वजह ऊर्जा क्षेत्र है। अमेरिका कनाडा से रोजाना लाखों बैरल तेल खरीदता है। ऊर्जा कारोबार को अलग रखने पर अमेरिका का कनाडा के साथ व्यापार अधिशेष रहता है। ट्रंप चाहते हैं कि वाहन निर्माता कनाडा के बजाय अमेरिका में उत्पादन बढ़ाएं, लेकिन दोनों देशों का ऑटो उद्योग दशकों से एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।


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कनाडा नए बाजारों की तलाश में
ट्रंप की टैरिफ नीति और कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने संबंधी बयानों के बाद कार्नी सरकार दूसरे बाजारों पर ध्यान दे रही है। कनाडा का लक्ष्य अगले दशक में अमेरिका के बाहर अपने निर्यात को दोगुना करना है। इसी दिशा में कार्नी गुरुवार और शुक्रवार को मॉन्ट्रियल में यूरोपीय संघ के नेताओं की मेजबानी करेंगे। बैठक में व्यापार और सुरक्षा संबंध मजबूत करने पर चर्चा होगी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव भी दिया है।

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