फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump administration will end legal recognition of foreign students; American govt told entire plan to court

US: विदेशी छात्रों की कानूनी मान्यता खत्म करेगा ट्रंप प्रशासन; अमेरिकी सरकार ने कोर्ट को बताई पूरी योजना

Wed, 30 Apr 2025 08:04 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Wed, 30 Apr 2025 08:04 AM IST
सार

मार्च के अंत से अब तक 170 से ज्यादा यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में पढ़ रहे हजारों छात्रों के वीजा या कानूनी स्थिति को खत्म कर दिया गया था। इसे लेकर तमाम छात्रों ने अदालत में मुकदमे दायर किए हैं। इसके जवाब में सरकार ने अदालत को नई नीति की जानकारी दी। 

विज्ञापन
Trump administration will end legal recognition of foreign students; American govt told entire plan to court
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका - फोटो : एएनआई

विस्तार

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों की कानूनी मान्यता को समाप्त करने का एलान किया है। हाल ही में छात्रों के वीजा रद्द किए जाने के मामलों के बाद अमेरिका सरकार ने संघीय अदालत को नई नीति की पूरी जानकारी कोर्ट को दी। 

विज्ञापन


मार्च के अंत से अब तक 170 से ज्यादा यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में पढ़ रहे हजारों छात्रों के वीजा या कानूनी स्थिति को खत्म कर दिया गया था। इसे लेकर तमाम छात्रों ने अदालत में मुकदमे दायर किए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें न तो कोई चेतावनी दी गई, न ही सफाई का मौका मिला। सरकार की कार्रवाई के बाद कुछ छात्र आव्रजन अधिकारियों द्वारा पकड़े जाने के डर से छिप गए या अपनी पढ़ाई छोड़कर घर लौट गए।
विज्ञापन


कानूनी मान्यता रद्द करने के विरोध में अदालत पहुंचे छात्र अक्षर पटेल के मामले में अदालत में सरकार ने अपनी नई नीति की जानकारी दी। अक्षर पटेल टेक्सास में सूचना प्रणाली का अध्ययन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं। पटेल की कानूनी स्थिति इस महीने समाप्त कर दी गई थी और फिर बहाल कर दी गई। निर्वासन बचने के लिए उन्होंने प्रारंभिक अदालती फैसले की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में अधिकारियों ने कहा कि सरकार नई नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कानूनी स्थिति को बहाल कर रही है। नीति में छात्रों की कानूनी स्थिति को रद्द करने के कई कारण बताए गए हैं। इसमें उनके वीजा को रद्द करना भी शामिल है।

ये भी पढ़ें:  'भारत अगले 24-36 घंटों में सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा'; पाकिस्तान को हर पल सता रहा डर

होमलैंड सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने छात्र वीजा धारकों के नामों की जांच राष्ट्रीय अपराध सूचना केंद्र से की है। यह एफबीआई का डाटाबेस है जिसमें अपराधों से संबंधित तमाम जानकारी हैं। इसमें संदिग्धों, लापता व्यक्तियों और गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम शामिल हैं, भले ही उन पर कभी कोई अपराध का आरोप न लगाया गया हो या उन पर से आरोप हटा दिए गए हों। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के आंद्रे वॉटसन ने कहा कि पटेल वैध रूप से अमेरिका में मौजूद हैं। उन्हें तत्काल हिरासत में लेने या हटाने की आवश्यकता नहीं है।

जज ने कहा- रिकॉर्ड की समीक्षा नहीं की गई
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अमेरिकी जिला न्यायाधीश एना रेयेस ने कहा कि डाटाबेस सर्च में कुल मिलाकर लगभग 6,400 छात्रों की पहचान की गई। इसमें एक स्प्रेडशीट में 734 छात्रों के नाम हैं। यह स्प्रेडशीट होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारियों को भेजी गई थी। इस पर होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारियों ने छात्रों का कानूनी दर्जा समाप्त करने के निर्देश दिए।

जज रेयेस ने कहा कि कम समय सीमा से पता चलता है कि किसी ने भी व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड की समीक्षा नहीं की है ताकि पता लगाया जा सके कि छात्रों के नाम एनसीआईसी में क्यों आए? अगर कोई व्यक्ति थोड़ा भी सचेत होता तो यह सब टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस देश में आने वाले व्यक्तियों के प्रति चिंता की कमी दिखाई है। रेयेस ने प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करने से इनकार कर दिया तथा दोनों पक्षों के वकीलों से कहा कि वे समझौता कर लें, ताकि अक्षर पटेल अमेरिका में रह सकें।


ये भी पढ़ें:  'हारने वाली पार्टी को कार्नी ने डेढ़ माह में जिता दिया; ये रही इसकी वजह; पहली बार 22 भारतवंशी जीते

छात्रों ने किया नई नीति का विरोध
सरकार की कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों ने नई नीति का विरोध किया है। छात्रों के वकील ब्रैड बैनियास ने कहा कि नए दिशानिर्देश आईसीई के अधिकार को पिछली नीति से कहीं अधिक विस्तृत करते हैं। अब उन्हें विदेश विभाग से वीजा रद्द करवाने और फिर उन छात्रों को निर्वासित करने की पूरी छूट मिल गई, भले ही उन्होंने कुछ भी गलत न किया हो।

छात्र अक्षर पटेल के वकील ने कहा  कि जब कॉलेजों को पता चला कि छात्रों की कानूनी मान्यता समाप्त हो गई है, तो भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। पहले जब कॉलेज सरकार को यह बता देती थी कि छात्र अब स्कूल में नहीं पढ़ रहे हैं तो कानूनी स्थिति को अपडेट कर दिया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं किया जा रहा है। 

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed