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ज्ञान-विज्ञान: पेड़ भी बदलते हैं अपने रहने की जगह, गोली मारकर राज जानने की कोशिश
Thu, 03 Jun 2021 04:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 03 Jun 2021 04:11 PM IST
सार
पेड़ भी विस्थापित होते हैं। यह सुनकर ही आपको हैरत हो रही होगी। लेकिन ये सच है। जिस तरह हम और आप अपने आस-पास के माहौल के बिगड़ने पर या किसी और तरह की असुविधा होने पर बेहतर इलाके की ओर शिफ्ट होते हैं, वैसे ही पेड़ भी अपना स्थान बदलते रहते हैं। वैज्ञानिक इसके पीछे राज जानने के लिए लंबे समय से अध्ययन और प्रयोग कर रहे हैं। पढ़िए ये खास रिपोर्ट...
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Forest
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
न्यूयॉर्क सिटी के पास स्थित ब्लैक रॉक फॉरेस्ट में एक वैज्ञानिक यह जानने के लिए अनोखा प्रयोग कर रही हैं कि वृक्षों में विस्थापन क्यों और कैसे होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो पेड़ एक जगह से दूसरी जगह कैसे और क्यों जाते हैं। प्लांट इकोफिजियोलॉजिस्ट एंजी पैटरसन इस बात को समझने के लिए पेड़ों को गोली मार रही हैं। पैटरसन इस बात का अध्ययन करती हैं कि पेड़ बदलते पर्यावरण में क्या करते हैं। उनका कहना है कि जिन पत्तियों पर वह गोली मार रही हैं उनसे उन्हें वह डाटा मिलेगा जो इस गुत्थी को सुलझाने में मदद तक सकता है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि पेड़ पिछले हिम युग से विस्थापिन करते रहे हैं। जैसे ही उनके स्थान में समस्या आने लगती है वो वहां से धीरे-धीरे उन स्थानों की ओर पलायन करने लगते हैं, जो उनके रहने के अनुकूल हो। 2019 के आंकड़ों के अनुसार आईयूसीएन (प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ) रेड लिस्ट में पेड़ों की 20 हजार से अधिक प्रजातियों को खतरे में बताया गया था और 1400 से अधिक प्रजातियों को अत्यधिक गंभीर श्रेणी में रखा गया था।
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हालांकि, पेड़ों के विस्थापन की प्रक्रिया बेहद धीमी होती है मगर यह प्रकृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। लेकिन, वैज्ञानिकों के अनुसार पेड़ हर 10 साल में 10 से 20 किलोमीटर तक विस्थापित हो सकते हैं। इसके अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। इस तरह के विस्थापन पूरी दुनिया में देखे गए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 50 साल में न्यूयॉर्क का पर्यावरण वर्जीनिया के जैसा हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि जलवायु परिवर्तन, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसे कारणों की वजह से पेड़ों के विस्थापन में गंभीर समस्या देखने को मिली है।
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वैज्ञानिकों में हमेशा से इस बात को जानने के लिए कौतूहल रहा है कि आखिर वह क्या कारण है जिससे पेड़ विस्थापित होना शुरू कर देते हैं। वहीं कुछ लोग इसका उपयोग भविष्य के लिए करने की योजना बना रहे हैं। जैव विविधिता के संरक्षण के लिए 'सहायक प्रवास' की रणनीति का रुख किया जा रहा है। इसमें पौधों को नए नए स्थानों पर लगाना होता है। दरअसल, बढ़ता तापमान वैश्विक पर्यावरण संस्थानों को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि क्या बचाना है और क्या नहीं।