फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Top Immunologist says new and more powerful strain of coronavirus detected in Sri Lanka

कोरोना वायरस पर बुरी खबर: श्रीलंका में मिला नया स्ट्रेन, इस वजह से है सबसे घातक

Sun, 25 Apr 2021 03:15 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: देव कश्यप Updated Sun, 25 Apr 2021 03:15 AM IST
सार

यह स्ट्रेन एयरबोर्न है जो हवा को संक्रमित करता है। यानी आप अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में नहीं भी आते हैं तो यह स्ट्रेन हवा में फैलकर भी आपको संक्रमित कर सकता है।

विज्ञापन
Top Immunologist says new and more powerful strain of coronavirus detected in Sri Lanka
श्रीलंका में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

भारत समेत पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण के हालात पहले ही बेकाबू हो चुके हैं। ऐसे में एक और बुरी खबर यह है कि पड़ोसी देश श्रीलंका में कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन मिला है जो अब तक का सबसे घातक स्ट्रेन है। यह स्ट्रेन एयरबोर्न है जो हवा को संक्रमित करता है। यानी आप अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में नहीं भी आते हैं तो यह स्ट्रेन हवा में फैलकर भी आपको संक्रमित कर सकता है।

विज्ञापन

श्रीलंका की जयवर्देनापुरा यूनिवर्सिटी में इम्यूनोलिजी एंड मॉलिक्यूलर साइंसेज विभाग की प्रमुख नीलिका मालाविगे ने शनिवार को बताया कि यह स्ट्रेन बेहद आसानी से और बहुत तेजी से फैलता है। इसकी वजह यह है कि ये हवा में एक घंटे तक बना रहता है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में पाए गए अब तक के सभी वैरियंट में कोरोना का यह स्ट्रेन सबसे अधिक घातक और तेजी से फैलने वाला है।

विज्ञापन


श्रीलंका के स्वास्थ्य प्रशासन को डर है कि नया स्ट्रेन पिछले हफ्ते नववर्ष समारोह से फैलना शुरू हुआ है। इसीलिए इसका सबसे अधिक संक्रमण युवाओं में फैला हुआ है। जनस्वास्थ्य इंस्पेक्टर उपल रोहाना का कहना है कि अगले दो-तीन हफ्ते में इस संक्रमण के फलने-फूलने से यह संक्रमण इतना अधिक फैल सकता है कि तीसरी लहर आ जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच कोविड से बचाव के लिए 31 मई तक नई गाइडलाइंस को जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले संक्रमण के लक्षण इतने साफ और स्पष्ट नहीं थे, अब जो लोग इस संक्रमण के शिकार पाए गए हैं, उनमें युवाओं की संख्या अधिक देखने को मिल रही है।


भर्ती न हुए मरीजों को भी 60 फीसदी ज्यादा जोखिम
दुनियाभर में कई संक्रमितों को भले ही अस्पतालों में भर्ती न होना पड़ा हो, फिर भी उन पर लंबी बीमारियों और मौत का खतरा मंडरा रहा है। एक अध्ययन में लॉन्ग कोविड के स्वास्थ्य पर लंबे दुष्प्रभाव से जुड़ी जानकारी दी गई है। नेचर पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में 73 हजार से अधिक ऐसे संक्रमितों के मेडिकल रिकॉर्ड खंगाले गए, जिन्हें भर्ती कराने की नौबत नहीं आई। लेकिन संक्रमण के छह माह के भीतर इन लोगों में अन्य बीमारियों से पीड़ितों की तुलना में मौत का 60 फीसदी ज्यादा जोखिल मिला।

जुलाई तक 70 फीसदी वयस्क आबादी का टीकाकरण होने की संभावना
यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय संघ (ईयू) की लगभग 70 प्रतिशत वयस्क आबादी का टीकाकरण करने की तारीख करीब दो महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, वॉन डेर लेयेन ने पुएर्स, बेल्जियम में फाइवर प्लांट का दौरा किया जहां से यूरोपीय संघ में अब तक इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य टीके का उत्पादन किया गया है।


अमेरिका में फिर से शुरू हुआ जॉनसन एंड जॉनसन का टीका
अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने निर्धारित किया है कि जॉनसन कोविड वैक्सीन के उपयोग पर लगी अस्थायी रोक को हटा दिया जाना चाहिए। बता दें कि कुछ दिन पहले ही अमेरिका में स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीका प्राप्त करने वाले लाखों अमेरिकियों के बीच गंभीर रक्त के थक्कों के मामले सामने आने के बाद जॉनसन की वैक्सीन पर रोक लगा दी थी। अमेरिका में एकल खुराक वाले इस टीका को दिए जाने के कुछ दिनों बाद छह महिलाओं में खून के थक्के जमने और प्लेटलेट्स की संख्या घटने की रिपोर्ट जारी की गई थी। बयान में कहा गया है कि इस टीके की अमेरिका मे ं68 लाख से अधिक खुराक दी जा चुकी है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed