जीत की चाहत: ओलंपिक के दौरान अमेरिकियों की देशभक्ति, चीन से हर हाल में आगे निकलने का जज्बा
‘अमेरिकी ओलंपिक को सबसे बड़ा खेल आयोजन मानते हैं। इसके साथ ही इस समय जो भू-राजनीतिक स्थिति है, उसे भी उन्होंने अपने मन में उतारा हुआ है।’ यानी अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस देश से तनाव है, वे उससे टोक्यो ओलंपिक में अमेरिका को आगे देखना चाहिए...
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ओलंपिक एक ऐसा मौका होता है, जब अमेरिका में देशभक्ति की भावना की अपने चरम पर पहुंच जाती है। ये बात एक ताजा सर्वे भी पुष्ट हुई है। इसके मुताबिक अमेरिकियों के बीच आम तौर पर तमाम तरह के मतभेद हमेशा मौजूद रहते हैं। ओलंपिक में खिलाड़ियों को रंगभेद जैसे मुद्दों पर विरोध जताना चाहिए या नहीं, ऐसे सवाल पर भी उनमें तीखे मतभेद उभरते हैं। लेकिन जब बात अमेरिकी झंडे लहराने की आती है, तो ऐसे मतभेद अचानक गायब हो जाते हैं। किसी अमेरिकी खिलाड़ी के पदक जीतने के साथ जब अमेरिकी राष्ट्र धुन बजाई जाती है, तो वह अमेरिका के लगभग सभी व्यक्तियों के लिए गौरव का क्षण होता है।
ताजा जारी एक्सियोस.कॉम/ मोमेंटिव सर्वे के मुताबिक इस बार ओलंपिक खेलों के समय चीन में शीत युद्ध जैसी सोच फिर से उभर आई है। इस बार आम भावना यह है कि अमेरिका को चीन से आगे रहना चाहिए। सर्वे एजेंसी मोंमेटिव ने न्यूज वेबसाइट एक्सियोस से कहा- ‘अमेरिकी ओलंपिक को सबसे बड़ा खेल आयोजन मानते हैं। इसके साथ ही इस समय जो भू-राजनीतिक स्थिति है, उसे भी उन्होंने अपने मन में उतारा हुआ है।’ यानी अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस देश से तनाव है, वे उससे टोक्यो ओलंपिक में अमेरिका को आगे देखना चाहते हैं।
सर्वे के दौरान उसमें शामिल लोगों से पूछा गया कि क्या उनकी राय में अमेरिका का जीतना महत्वपूर्ण है और अमेरिका के अलावा वे किस देश को जीतता या हारता देखना चाहेंगे। इस पर 63 फीसदी अमेरिकियों ने कहा कि जब अमेरिका का झंडा ओलंपिक में लहराता है, तो उनमें बेहद सकारात्मक भावना पैदा होती है। हालांकि ये देखा गया कि ये भावना उम्रदराज अमेरिकियों में ज्यादा है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के अमेरिकियों के 70 फीसदी हिस्से ने ऐसी राय जताई। जबकि 18 से 24 साल के अमेरिकियों के बीच ऐसी राय जताने वालों की संख्या 39 फीसदी ही रही।
सर्वे में शामिल लोगों से एक सवाल यह पूछा गया कि वे ओलंपिक खेलों में मुकाबले को खिलाड़ियों के बीच का मुकाबला समझते हैं या देशों के बीच का। इस पर 40 फीसदी लोगों ने कहा कि ये मुकाबला खिलाड़ियों के बीच का होता है, जबकि 37 फीसदी ने कहा कि दोनों के बीच मुकाबला होता है, जबकि 19 फीसदी की राय थी कि ओलंपिक में देशों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। 82 फीसदी लोगों ने कहा कि वे टोक्यो ओलंपिक के दौरान अमेरिकी खिलाड़ियों का समर्थन करेंगे।
लगभग एक चौथाई (23 फीसदी) अमेरिकियों ने राय जताई कि चीन के खिलाफ जो भी मुकाबले में होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। ऐसी राय जताने वालों में 34 फीसदी ऐसे थे, जो रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के 16 फीसदी समर्थकों ने ही ऐसी राय जताई। लेकिन ईरान और रूस के खिलाड़ियों के खिलाफ किसी भी दूसरे देश का समर्थन करने की जो राय सामने आई, उनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक ज्यादा हैं। जिन देशों के खिलाड़ियों के लिए अमेरिकियों के बीच ज्यादा समर्थन दिखा, उनमें कनाडा, मेक्सिको, ब्रिटेन, और जापान शामिल हैं।