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US: तीन बर्खास्त FBI अधिकारियों ने काश पटेल पर दायर किया मुकदमा, ट्रंप प्रशासन के दबाव में हटाने का आरोप

Thu, 11 Sep 2025 12:43 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 11 Sep 2025 12:43 AM IST
सार

पिछले महीने बर्खास्त किए गए एफबीआई अधिकारी ब्रायन ड्रिस्कॉल, स्टीव जेन्सन और स्पेंसर इवांस ने वाशिंगटन की संघीय अदालत में एफबीआई निदेशक काश पटेल पर मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें 'बदले की कार्रवाई' के तहत नौकरी से निकाला गया। पूर्व अधिकारियों ने नौकरी बहाली, बकाया वेतन भुगतान और बर्खास्तगी को अवैध घोषित करने की मांग की है। 
 

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Three fired FBI officials sue Kash Patel saying he bowed to Trump administration campaign of retribution
एफबीआई प्रमुख काश पटेल (फाइल) - फोटो : एक्स@FBIDirectorKash

विस्तार

पिछले महीने बर्खास्त किए गए तीन एफबीआई अधिकारियों ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को काश पटेल पर मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 'बदले की कार्रवाई' के तहत नौकरी से निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि एफबीआई निदेशक पटेल जानते थे कि यह बर्खास्तगी गैरकानूनी है, लेकिन उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन के दबाव में यह कदम उठाया। 

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संघीय अदालत में दायर मुकदमे में दावा किया गया है कि निदेशक पटेल ने बर्खास्त एजेंटों में से एक, ब्रायन ड्रिस्कॉल को सीधे तौर पर संकेत दिया था कि उन्हें पता है कि बर्खास्तगी 'संभवत: अवैध' है, लेकिन वे इसे रोकने में असमर्थ थे, क्योंकि व्हाइट हाउस और न्याय विभाग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जांच में मदद करने वाले सभी एजेंटों को हटाने पर अड़े थे। इसमें पटेल के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने पिछले महीने ड्रिस्कॉल से बातचीत में कहा था, 'एफबीआई ने राष्ट्रपति को जेल में डालने की कोशिश की थी और वह इसे भूले नहीं हैं।'
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इन अधिकारियों की ओर से दायर किया गया मुकदमा 
यह मुकदमा ब्रायन ड्रिस्कॉल, स्टीव जेन्सन और स्पेंसर इवांस की ओर से दायर किया गया है। ये तीनों पांच एजेंटों में शामिल हैं, जिन्हें पिछले महीने बर्खास्त किया गया था। पूर्व और मौजूदा अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से एफबीआई के कर्मचारियों में भय का माहौल है और अनुभवी नेतृत्व खत्म हो रहा है। बर्खास्त एजेंटों ने एक ऐसी कानून प्रवर्तन एजेंसी पर आरोप लगाए हैं, जिसके कर्मचारियों के स्थानांतरण व्हाइट हाउस द्वारा निर्धारित होते हैं और जन सुरक्षा से ज्यादा राजनीति से निर्देशित होते हैं।


पटेल पर कानून तोड़ने का लगाया आरोप
मुकदमे में कहा गया है कि 'पटेल ने न केवल गैरकानूनी तरीके से काम किया, बल्कि जानबूझकर अमेरिकी लोगों की सुरक्षा की बजाय एफबीआई के राजनीतिकरण को प्राथमिकता दी।' मुकदमे में आगे कहा गया है कि पटेल के फैसले ने एफबीआई के तीन सबसे अनुभवी परिचालन प्रमुखों को बर्खास्त करके देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया है। एफबीआई के ये एजेंट आतंकवाद को रोकने और हिंसक अपराध को कम करने में विशेषज्ञ थे। हालांकि, एजेंटों को हटाए जाने के बाद एफबीआई के प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

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प्रतिष्ठा को नुकसान की चिंता 
यह मुकदमा वाशिंगटन की संघीय अदालत में दायर किया गया है। इसमें प्रतिवादी के रूप में काश पटेल, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी, एफबीआई, न्याय विभाग और राष्ट्रपति कार्यालय को शामिल किया गया है। पूर्व अधिकारियों ने नौकरी बहाली, बकाया वेतन भुगतान और बर्खास्तगी को अवैध घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पटेल ने एक टीवी इंटरव्यू में यह झूठा दावा किया कि 'हर वह व्यक्ति जो एफबीआई का दुरुपयोग करता था, उसे हटा दिया गया है।' जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान हुआ है।

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