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USAID: हजारों कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा, ट्रंप प्रशासन की विदेशी सहायता एजेंसी को खत्म करने की योजना

Sat, 08 Feb 2025 03:44 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 08 Feb 2025 03:44 AM IST
सार

एक न्यायाधीश ने शुक्रवार दोपहर संघीय कर्मचारी संघों के मुकदमे में सुनवाई की, जिन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कांग्रेस के कानून में निहित एजेंसी को बंद करने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने शुक्रवार को यूएसएड के सोशल मीडिया पर कहा, 'इसे बंद कर दो।'

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Thousands employees forced leave part of Trump administration plan to dismantle foreign aid agency USAID
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलमेंट (यूएसएड) के दुनियाभर में अधिकांश कर्मचारियों को शुक्रवार को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया। वहीं, कई कर्मचारियों ने इस फैसले को वापस लेने के लिए संघीय अदालतों का रुख किया। कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजने का फैसला ट्रंप प्रशासन द्वारा 60 साल पुरानी सहायता एजेंसी को खत्म करने की योजना से जुड़ा है। 

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एक न्यायाधीश ने शुक्रवार दोपहर संघीय कर्मचारी संघों के मुकदमे में सुनवाई की, जिन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कांग्रेस के कानून में निहित एजेंसी को बंद करने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने शुक्रवार को यूएसएड के सोशल मीडिया पर कहा, 'इसे बंद कर दो।'
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कर्मचारियों ने शुक्रवार को वाशिंगटन मुख्यालय के बाहर एजेंसी का नाम छिपाने के लिए डक्ट टेप का इस्तेमाल किया और एक झंडा उतार दिया। कुछ कर्मचारियों ने दरवाजे के बाहर फूलों का गुलदस्ता भी रख दिया। 
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अधिकारियों ने विदेश मंत्री के दावे पर किया विवाद
यूएसएड के आधा दर्जन अधिकारियों ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस दावे पर विवाद किया कि विदेशों में सबसे आवश्यक जीवन रक्षक कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए छूट मिल रही है। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के आदेश से कई सौ कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है और फंडिंग बंद कर दी गई है, जिससे एजेंसी का अस्तित्व संकट में है। ट्रंप प्रशासन और अरबपति सहयोगी एलन मस्क ने यूएसएड को अपने कार्यक्रमों के लिए अब तक का सबसे बड़ा निशाना बनाया है।

611 कर्मचारियों की नई सूची को दिया अंतिम रूप
यूएसएड कर्मचारियों और अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने बृहस्पतिवार दोपहर को शेष यूएसएड अधिकारियों को बताया कि उसने 8,000 कर्मचारियों और ठेकेदारों के लिए आदेशित वैश्विक छुट्टी और फर्लो से 297 कर्मचारियों को छूट देने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने कहा कि उस रात नौकरी पर बने रहने के लिए 611 कर्मचारियों की एक नई सूची को अंतिम रूप दिया गया, उनमें से कई को हजारों कर्मचारियों, ठेकेदारों और उनके परिवारों की विदेश में घर वापसी का प्रबंधन करना था। न्या विभाग के वकील ब्रेट शुमेट ने अदालत में 611 कर्मचारियों की पुष्टि की। 

ट्रंप प्रशासन के आदेश के कारण यूएसएड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बात की। अधिकारियों ने कहा कि बचे हुए कर्मचारियों और ठेकेदारों में से कुछ, जिनमें 5,000 स्थानीय कर्मचारी भी शामिल हैं, कुछ जीवन रक्षक कार्यक्रम चलाएंगे। 

कटौती स्थायी या अस्थायी होगी, स्पष्ट नहीं
यह स्पष्ट नहीं था कि कटौती स्थायी होगी या अस्थायी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह कुछ कार्यक्रमों को फिर से शुरू करना चाहता है। यूएसएड में अधिकारियों ने कहा कि जिन कार्यक्रमों को बंद किया गया है, उनमें से एक 36 मिलियन लोगों के लिए खाद्य आपूर्ति और सूडान के दारफुर क्षेत्र में युद्ध से विस्थापित लोगों के लिए पानी की आपूर्ति शामिल है।

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका लौटने के लिए 30 दिन का समय दिया
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने विदेशों में तैनात लगभग सभी यूएसएड कर्मचारियों को अमेरिका लौटने के लिए 30 दिन का समय दिया है। सरकार उनकी यात्रा और स्थानांतरण लागत का भुगतान करेगी। दूतावासों में राजनयिकों ने कुछ लोगों के लिए अधिक समय की अनुमति देने के लिए छूट मांगी, जिनमें वे परिवार भी शामिल हैं जिन्हें अपने बच्चों को बीच साल में ही स्कूल से निकालना पड़ा। 

यूएसएड वेबसाइट पर पोस्ट किए गए नोटिस में...
बृहस्पतिवार देर रात यूएसएड वेबसाइट पर पोस्ट किए गए नोटिस में, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि छुट्टी पर भेजे गए किसी भी विदेशी कर्मचारी को उस देश को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, जहां वे काम करते हैं। लेकिन जो कर्मचारी 30 दिनों से अधिक समय तक रुकना चाहते हैं, उन्हें अपने खर्च खुद उठाने पड़ सकते हैं, जब तक कि उन्हें कोई विशिष्ट छूट न मिले। 

डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस कदम को बताया अवैध
डेमोक्रेटिक सांसदों और अन्य लोगों ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना इस कदम को अवैध बताया। अमेरिकी विदेश सेवा संघ और अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के महासंघ ने मांग की है कि यूएसएड की इमारतें फिर से खोली जाएं, कर्मचारियों को काम पर वापस लाया जाए और फंडिंग बहाल की जाए।


मुकदमे में ये दिया गया तर्क 
मुकदमे में तर्क दिया गया है कि सरकारी अधिकारियों ने अपने कार्यों के संभावित गंभीर परिणामों को नजरअंदाज किया है, जो अमेरिकी श्रमिकों और दुनियाभर में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। 

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