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इस बार जनवरी ने तोड़ा 141 साल पुराना रिकॉर्ड
Sat, 15 Feb 2020 01:58 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 15 Feb 2020 01:58 PM IST
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global warming
- फोटो : amar ujala
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साल 2016 से अबतक हर साल जनवरी में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिकी एजेंसी एनओएए ने कहा कि इस साल 1880 के बाद सबसे गर्म जनवरी दर्ज की गई। वैज्ञानिकों ने इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग को जिम्मेदार ठहराया है।
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गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते तापमान के कारण ही पिछले महीने बड़े क्षेत्रों में आग से भारी तबाही हुई थी। साथ ही वैज्ञानिकों पेरिस समझौते का पालन करने की भी नसीहत दी।
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जलवायु परिवर्तन के कारण ही यूरोपीयन यूनियन ने बताया कि इस बार की जनवरी के तापमान में 2016 की जनवरी की तुलना में 0.03 डिग्री तापमान में बढो़तरी दर्ज की गई है।
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कड़ाके की ठंड के बाद अब भयंकर गर्मी के आसार
फरवरी का महीना आने के साथ ही अब गर्मी का अहसास भी होने लगा है। जहां जनवरी में पूरा उत्तर भारत भयंकर ठंड झेलता रहा, अब गर्मी के कहर की आशंका सताने लगी है। 13 फरवरी का तापमान अन्य दिनों के मुकाबले कुछ ज्यादा ही महसूस हुआ। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस बार गर्मी पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। ऐसे में फिर वही सवाल उठ रहा है कि क्या गर्मी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगी। ऐसे हालात में गौर करते हैं विशेषज्ञों की रिसर्च और उनकी ओर से दिए गए लगातार संदेशों की जिसने हर मोड़ पर हमें चेताया है।
हाल ही में आईआईटी खड़गपुर ने लंबे अध्ययन में सचेत किया कि भारतीय गांवों की अपेक्षा शहरों में ज्यादा गर्मी बढ़ रही है। देश के गांवों के मुकाबले शहर ज्यादा गर्म हो रहे हैं। इस समस्या को वैज्ञानिकों की भाषा में अर्बन हीट आइलैंड कहा जाता है। यह खुलासा आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने 16 साल तक देश के 44 शहरों में रिसर्च के बाद किया है। आईआईटी के मुताबिक ये गर्मी भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकती है। हालांकि पुणे, कोलकाता, गुवाहाटी जैसे शहरों में हरियाली के कारण गर्मी कुछ हद तक काबू में है।