पाकिस्तान: देश में बढ़ती मुसीबत और गिरती लोकप्रियता का असर, इमरान की पार्टी में तू तू-मैं मैं
विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को खुश करने के लिए इमरान खान सरकार ने जो ‘मिनी बजट’ पारित कराया है, उससे सत्ताधारी दल की समस्याएं और बढ़ गई हैं। पीटीआई के सहयोगी दल एमक्यूएम ने ‘मिनी बजट’ के जरिए खाद्य सामग्रियों पर लगाए गए नए तमाम टैक्स को वापस लेने की मांग कर दी है...
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पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) में अंदरूनी फूट पड़ने के संकेत हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह देश में पीटीआई और इसके नेता प्रधानमंत्री इमरान खान की घट रही लोकप्रियता का नतीजा है। पीटीआई की लोकप्रियता में गिरावट के संकेत हाल में स्थानीय चुनावों के दौरान साफ देखने को मिला था, जब सत्ताधारी दल को ज्यादातर जगहों पर हार का मुंह देखना पड़ा। जिन स्थानों पर पीटीआई हार गई थी, उनमें खैबर पख्तूनवा प्रांत भी शामिल है, जिसे पहले पीटीआई का गढ़ समझा जाता था।
खैबर पख्तूनवा से भेदभाव
पाकिस्तान के अखबार द नेशन के मुताबिक हाल में पीटीआई की एक बैठक में तू तू-मैं मैं जैसा नजारा देखने को मिला। पार्टी के नेता एक दूसरे पर निशाना साधते देखे गए। वरिष्ठ पीटीआई नेता और रक्षा मंत्री परवेज खटक ने संघीय ऊर्जा मंत्री हमद अजहर की कड़ी आलोचना की। पार्टी के संसदीय दल की बैठक में आरोप लगाया कि प्राकृतिक गैस की सप्लाई के मामले में खैबर पख्तूनवा प्रांत के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
द नेशन ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दी गई अपनी खबर में बताया है कि उस बैठक में खैबर पख्तूनवा प्रांत के नेता गरम मूड में नजर आए। पीटीआई की खैबर पख्तूनवा शाखा के अध्यक्ष और इस प्रांत से जीते सांसदों की ऊर्जा मंत्री अजहर से कड़वाहट तकरार हुई। हालात यहां तक पहुंचे कि रक्षा मंत्री खटक बैठक से वाकआउट कर बाहर चले गए। तब प्रधानमंत्री इमरान खान को दखल देना पड़ा। उनके निर्देश पर खटक को बैठक में वापस बुलाया गया।
द नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में वापस आने के बाद परवेज खटक ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- ‘खैबर पख्तूवना के लिए गैस सप्लाई पर पाबंदी लगी हुई है। अगर ये हालत बनी रही, तो हम आपको वोट नहीं दिलवा पाएंगे।’ बताया जाता है कि कड़ी टिप्पणियों से इमरान खान भी आपा खो बैठे। उन्होंने कहा- ‘अगर आपको मुझमें भरोसा नहीं बचा है, तो सरकार किसी और को सौंप दीजिए।’ इसके पहले खटक ने कहा था कि खैबर पख्तूनवा गैस उत्पादन करने वाला प्रांत है, लेकिन सप्लाई में उसकी ही अनदेखी की जा रही है और उसे कुचला जा रहा है।
इमरान पर अब नहीं है भरोसा
विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को खुश करने के लिए इमरान खान सरकार ने जो ‘मिनी बजट’ पारित कराया है, उससे सत्ताधारी दल की समस्याएं और बढ़ गई हैं। पीटीआई के सहयोगी दल एमक्यूएम ने ‘मिनी बजट’ के जरिए खाद्य सामग्रियों पर लगाए गए नए तमाम टैक्स को वापस लेने की मांग कर दी है। इमरान खान ने कहा था कि कोई ऐसा नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा, जिससे आम इंसान की मुश्किलें बढ़ें। लेकिन ऐसे संकेत हैं कि न सिर्फ पीटीआई के सहयोगी दलों, बल्कि खुद पीटीआई के भीतर भी एक समूह को खान के इस वादे पर अब भरोसा नहीं है।
पीटीआई की बैठक में हुई तकरार के बारे में अखबार द नेशन में खबर छपने के बाद मीडियाकर्मियों से एक अनौपचारिक बातचीत में परवेज खटक ने स्वीकार किया कि उन्होंने गैस का मुद्दा बैठक में उठाया था। लेकिन उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में उन्हें पूरा यकीन है।