फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   The Republican Party supporting Trump to challenging Electoral votes

अमेरिका में चुनावी धांधली के सवाल पर ट्रंप के साथ है रिपब्लिकन पार्टी, 249 में से 222 सांसदों ने नहीं मानी हार

Wed, 09 Dec 2020 05:21 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 09 Dec 2020 05:21 PM IST
सार

ट्रंप के वकीलों की टीम ने षड्यतंत्र की कई कहानियां प्रचारित की हैं। लेकिन ट्रंप टीम ने चुनाव नतीजों को चुनौती देते हुए जो 39 याचिकाएं दायर की हैं, उनमें से सिर्फ एक में उनके पक्ष में फैसला आया। ये मामला भी वोटों की गिनती से संबंधित था...

विज्ञापन
The Republican Party supporting Trump to challenging Electoral votes
Donald Trump and Joe Biden - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

अमेरिका की सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी में हाल के चुनाव नतीजों को ना मानने के पक्ष में जितना भारी बहुमत है, उसे अमेरिकी जानकार दुनिया के इस सबसे पुराने लोकतंत्र के लिए खतरनाक मान रहे हैं। मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने इस हफ्ते एक सर्वे रिपोर्ट जारी की। ये रिपोर्ट रिपब्लिकन पार्टी के 249 सांसदों से की गई बातचीत पर आधारित है। ये सदस्य कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट से संबंधित है। वॉशिंगटन पोस्ट ने इन सांसदों के सामने एक सीधा सवाल रखा- नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कौन विजयी रहा?

विज्ञापन


उन 249 सांसदों में सिर्फ 29 ने जवाब दिया। उनमें से 27 ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन विजयी रहे हैं। दो सांसदों ने कहा कि उनकी राय में डोनाल्ड ट्रंप जीते हैं। बाकी सांसदों ने चुप्पी साध ली। यानी उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के रुख के खिलाफ जाकर बोलने का साहस नहीं जुटाया। टीवी चैनल सीएनएन ने अपनी एक टिप्पणी में रिपब्लिकन सांसदों की इस चुप्पी को खतरनाक बताया है। इस टिप्पणी में इसे हैरतअंगेज बताया गया कि रिपब्लिकन पार्टी के 88 फीसदी सांसद चुनाव परिणाम के बारे में कोई स्टैंड लेने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन



जबकि तथ्य यह है कि बाइडन ने स्पष्ट जीत हासिल की है। 538 सदस्यों के इलेक्टोरल कॉलेज में उनके समर्थक 306 सदस्य चुने गए हैँ। बाइडन को 8,12,84,062 वोट मिले, जबकि ट्रंप 7,42,21,849 वोट ही हासिल कर सके। मतदान प्रतिशत के हिसाब से देखें तो बाइडन को 51.3 फीसदी वोट मिले, जबकि ट्रंप के पक्ष में 46.9 फीसदी मतदाताओं ने ही वोट डाले। यानी चुनाव नतीजे को लेकर भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। इसके बावजूद ट्रंप ने अब तक हार नहीं मानी है। उनके वकीलों की टीम ने लगातार आरोप लगाए हैं कि चुनाव में धांधली के कारण बाइडन जीते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रंप के वकीलों की टीम ने षड्यतंत्र की कई कहानियां प्रचारित की हैं। लेकिन ट्रंप टीम ने चुनाव नतीजों को चुनौती देते हुए जो 39 याचिकाएं दायर की हैं, उनमें से सिर्फ एक में उनके पक्ष में फैसला आया। ये मामला भी वोटों की गिनती से संबंधित था। यानी डाले गए वोटों की वैधता पर उठाए गए सवालों को अब तक किसी न्यायालय में मंजूरी नहीं मिली है।

इसके बावजूद ट्रंप के कंजरवेटिव समर्थक उनसे लगातार अपील कर रहे हैं कि वे हार ना मानें। उन्होंने कहा है कि 14 दिसंबर को इलेक्टोरल कॉलेज की बैठक में नए राष्ट्रपति के औपचारिक चुनाव के बाद भी ट्रंप को हार नहीं माननी चाहिए। उनकी दलील है कि इलेक्टोरल कॉलेज में मतदान से चुनाव नतीजों को पलटवाने की कोशिशों पर कानूनी विराम नहीं लगेगा। फिर उसके बाद भी ट्रंप इस मामले को कांग्रेस (संसद) में ले जा सकते हैं, जहां इस पर पूरी बहस होगी। ओहायो राज्य से हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के रिपब्लिकन सदस्य जिम जॉर्डन ने कहा कि पांच जनवरी को कांग्रेस का सत्र आरंभ होने के बाद छह जनवरी को चुनाव में हुई धांधली के मुद्दे पर कांग्रेस में बहस कराई जा सकती है। उससे यह पता चल सकता है कि आखिर चुनाव में क्या हुआ।

फ्लोरिडा राज्य से हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के रिपब्लिकन सदस्य मैट गेट्स ने भी कहा है कि बहुत से सदस्यों की राय में कांग्रेस में बहस होने से ठोस बातें सामने आएंगी। उससे बता चलेगा कि कई राज्यों में काफी धांधली हुई हैं। गेट्स ने कहा कि दस घंटे की बहस करा लेने से देश में कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा।


मुख्यधारा की एक प्रमुख पार्टी के देश की चुनाव प्रणाली के प्रति ऐसे नजरिए को चिंताजनक माना जा रहा है। विश्लेषकों ने कहा है कि इससे देश के लोकतंत्र की साख को उतना नुकसान पहुंचा है, जितना अतीत में कभी नहीं हुआ। ट्रंप के रुख से भी ज्यादा चिंता की बात इसे माना जा रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी का भारी बहुमत या तो उनसे सहमत है, या फिर वह जुबान नहीं खोलना चाहता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed