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US: 'ऐसे सैनिकों से दोबारा बात करें, जिन्हें कोरोना वैक्सीन की वजह से सेना से निकाला गया था', पेंटागन कर आदेश
Sat, 15 Feb 2025 08:39 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 15 Feb 2025 08:39 AM IST
सार
कोविड वैक्सीनेशन नहीं कराने पर बर्खास्त अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक बड़ा एलान किया है। इसके तहत रक्षा विभाग ने सैन्य सेवाओं से कहा है कि वे उन सैनिकों से फिर से संपर्क करें जिन्हें कोविड वैक्सीनेशन नहीं कराने पर सेना से बाहर किया गया था या जिन्होंने स्वेच्छा से सेना छोड़ दी थी।
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अमेरिकी सैनिक (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सत्ता संभालते ही कई सारे बदलाव देखने को मिल रहें है। इसके बाद अमेरिकी रक्षा विभाग मुख्यालय पेंटागन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सैन्य सेवाओं से कहा है कि वे उन सैनिकों से फिर से संपर्क करें जिन्हें कोविड वैक्सीनेशन नहीं कराने पर सेना से बाहर किया गया था या जिन्होंने स्वेच्छा से सेना छोड़ दी थी। साथ ही इस बात की भी जानकारी लेने के लिए कहा कि क्या वे सैनिक फिर से भर्ती होना चाहते है। पेंटागन द्वारा यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि जो सैनिक वापस आना चाहते हैं, उन्हें कम से कम दो साल के लिए फिर से भर्ती होना होगा।
रक्षा अवर सचिव ने दी जानकारी
मामले में जारी ज्ञापन में रक्षा अवर सचिव डेरिन सेलनिक ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन अनिवार्यता सैनिकों पर अनावश्यक और अत्यधिक बोझ थी। इसके तहत सैनिकों से संपर्क करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने को कहा गया है। बता दें कि 2021 में 8,200 से ज्यादा सैनिकों को वैक्सीन लेने से इनकार करने पर सेना से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, 2023 में उन सैनिकों को यह सलाह दी गई कि वे फिर से सेना में शामिल हो सकते हैं, लेकिन केवल 113 सैनिकों ने वापस लौटने का विकल्प चुना।
सैनिकों के लिए नए प्रस्ताव में क्या...
देखा जाए तो अमेरिकी रक्षा विभाग ने सैनिकों के लिए जारी नए प्रस्ताव में कई सारी मुख्य चिजों का जिक्र किया है। इसके तहत जो सैनिक फिर से भर्ती होना चाहते हैं, उन्हें उनके पिछले पद पर वापस लाया जाएगा और उन्हें वेतन, लाभ और बोनस मिलेगा, बशर्ते वे सभी जरूरी शर्तों को पूरा करें। इसमें शारीरिक फिटनेस और मेडिकल जांच जैसी शर्तें शामिल हैं। अगर किसी के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड हो, तो उसे भर्ती नहीं किया जा सकेगा।
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साथी ज्ञापन में बताया गया कि सैनिकों को वापस लाने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा और उन्हें 60 दिन का समय मिलेगा यह तय करने के लिए कि वे वापस लौटना चाहते हैं या नहीं। यह प्रस्ताव 7 फरवरी से एक साल के लिए वैध रहेगा। जिन सैनिकों ने वैक्सीन न लेने के कारण स्वेच्छा से सेवा छोड़ दी थी, उन्हें भी वापस आने का अवसर मिलेगा, लेकिन उन्हें यह लिखित में बताना होगा कि उन्होंने सेवा क्यों छोड़ी थी।
एक नजर रक्षा विभाग के द्वारा जारी आकड़ों पर
रक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन लेने से इनकार करने के कारण छुट्टी पे गए सैनिकों में से बहुत कम संख्या में सैनिकों ने फिर से सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया है। देका जाए तो 3,748 मरीन को छुट्टी दी गई थी, जिनमें से केवल 25 ने फिर से भर्ती होने का विकल्प चुना। 1,903 सेना के सैनिकों को छुट्टी दी गई, और 73 सैनिकों ने वापसी का फैसला किया। 1,878 नाविक छुट्टी पर गए, जिनमें से केवल 2 ने फिर से भर्ती होने का विकल्प चुना। साथ ही 671 वायुसैनिक छुट्टी पर थे, जिनमें से 13 ने सेना में वापसी की।
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रक्षा अवर सचिव ने दी जानकारी
मामले में जारी ज्ञापन में रक्षा अवर सचिव डेरिन सेलनिक ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन अनिवार्यता सैनिकों पर अनावश्यक और अत्यधिक बोझ थी। इसके तहत सैनिकों से संपर्क करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने को कहा गया है। बता दें कि 2021 में 8,200 से ज्यादा सैनिकों को वैक्सीन लेने से इनकार करने पर सेना से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, 2023 में उन सैनिकों को यह सलाह दी गई कि वे फिर से सेना में शामिल हो सकते हैं, लेकिन केवल 113 सैनिकों ने वापस लौटने का विकल्प चुना।
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सैनिकों के लिए नए प्रस्ताव में क्या...
देखा जाए तो अमेरिकी रक्षा विभाग ने सैनिकों के लिए जारी नए प्रस्ताव में कई सारी मुख्य चिजों का जिक्र किया है। इसके तहत जो सैनिक फिर से भर्ती होना चाहते हैं, उन्हें उनके पिछले पद पर वापस लाया जाएगा और उन्हें वेतन, लाभ और बोनस मिलेगा, बशर्ते वे सभी जरूरी शर्तों को पूरा करें। इसमें शारीरिक फिटनेस और मेडिकल जांच जैसी शर्तें शामिल हैं। अगर किसी के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड हो, तो उसे भर्ती नहीं किया जा सकेगा।
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साथी ज्ञापन में बताया गया कि सैनिकों को वापस लाने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा और उन्हें 60 दिन का समय मिलेगा यह तय करने के लिए कि वे वापस लौटना चाहते हैं या नहीं। यह प्रस्ताव 7 फरवरी से एक साल के लिए वैध रहेगा। जिन सैनिकों ने वैक्सीन न लेने के कारण स्वेच्छा से सेवा छोड़ दी थी, उन्हें भी वापस आने का अवसर मिलेगा, लेकिन उन्हें यह लिखित में बताना होगा कि उन्होंने सेवा क्यों छोड़ी थी।
एक नजर रक्षा विभाग के द्वारा जारी आकड़ों पर
रक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन लेने से इनकार करने के कारण छुट्टी पे गए सैनिकों में से बहुत कम संख्या में सैनिकों ने फिर से सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया है। देका जाए तो 3,748 मरीन को छुट्टी दी गई थी, जिनमें से केवल 25 ने फिर से भर्ती होने का विकल्प चुना। 1,903 सेना के सैनिकों को छुट्टी दी गई, और 73 सैनिकों ने वापसी का फैसला किया। 1,878 नाविक छुट्टी पर गए, जिनमें से केवल 2 ने फिर से भर्ती होने का विकल्प चुना। साथ ही 671 वायुसैनिक छुट्टी पर थे, जिनमें से 13 ने सेना में वापसी की।