पाकिस्तान: पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई अब महंगी पड़ रही है इमरान खान सरकार को
पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जो अभी लंदन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं। एक ट्विट में उन्होंने कहा- ‘इस सरकार का हर कदम एक नए विनाश का संदेश लेकर आता है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में प्रति लीटर 12 रुपये की बढ़ोतरी लोगों को कुचल देने जैसा है...
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पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में की गई ताजा बढ़ोतरी से पाकिस्तान में आमजन में गुस्सा भड़क उठा है। विपक्षी दलों ने भी सरकार की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है कि उसके पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई और चारा नहीं था। सरकार ने इस बढ़ोतरी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के लगातार बढ़ रहे दाम को कारण बताया है।
पाकिस्तान सरकार में विज्ञान और टेक्नोलॉजी मंत्री शिबली फराज ने लोगों की सलाह दी कि वे पेट्रोलियम पदार्थों का कम से कम इस्तेमाल करें। उन्होंने लोगों से यह समझने को कहा कि पाकिस्तान के पास तेल के अपने कुएं नहीं हैं। प्रधानमंत्री के विशेष सहायक शाहबाज गिल ने ध्यान दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 95 बैरल प्रति डॉलर से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में पाकिस्तान सरकार लाचार है। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सत्ता पक्ष की तरफ से कही गई इन बातों ने लोगों में और भी ज्यादा गुस्सा भड़काने का काम किया है।
सरकार पर भड़के विपक्षी दल
विपक्षी दलों ने सरकार पर बेरहमी का आरोप लगाया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के ताजा फैसले को आम जनता पर इमरान खान सरकार की बमबारी बताया है। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थों को और महंगा करना लोगों की जिंदगी को और मुहाल कर देना है।
पाकिस्तानी अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक पेट्रोलियम के दाम में ताजा इजाफे से विपक्ष को सरकार के खिलाफ जारी उसकी मुहिम में एक और मुद्दा मिल गया है। विपक्ष पहले ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुका है। उसके अलावा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी 27 फरवरी से सरकार के खिलाफ ‘लॉन्ग मार्च’ का आयोजन करने जा रही है। बिलावल भुट्टो ने कहा है कि इमरान खान सरकार अब अपने आखिरी दिनों में है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 27 मार्च से शुरू हो रहे लॉन्ग मार्च में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।
नवाज शरीफ ने भी की आलोचना
पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जो अभी लंदन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं। एक ट्विट में उन्होंने कहा- ‘इस सरकार का हर कदम एक नए विनाश का संदेश लेकर आता है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में प्रति लीटर 12 रुपये की बढ़ोतरी लोगों को कुचल देने जैसा है। इस सरकार के हर समर्थक को यह अब समझना चाहिए कि उन्होंने कैसे अत्याचारी के हाथ में पाकिस्तान को सौंप दिया है।’
सीनेटर रज़ा रब्बानी ने आरोप लगाया है कि इमरान खान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की जिन शर्तों को माना, उनकी वजह से ही उसे हर जरूरी चीज को महंगा करना पड़ रहा है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि तीन रोज पहले ही सरकार ने बिजली शुल्क की दर में प्रति यूनिट तीन रुपये की बढ़ोतरी की थी।
सिविल सोसायटी संगठनों ने भी महंगाई के खिलाफ कमर कसने के संकेत दिए हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि सरकार विरोधी मुद्दे विपक्ष की झोली में आकर खुद गिर रहे हैं। इस वजह से उसके अभियान को नई ताकत मिलने की संभावना है, जो इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार को महंगी पड़ सकती है।