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कोरोना संकट के बीच यहां डॉक्टर कर रहे मैकेनिक से लेकर केमिस्ट तक का काम

Tue, 19 May 2020 06:02 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 19 May 2020 06:02 AM IST
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The condition of hospitals in Ukraine is frightening, doctors have to work from electrician to chemist
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

यूक्रेन की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था चिकित्सकों से लेकर मरीजों तक के लिए परेशानियों का सबब बनती जा रही है। अस्पतालों में टूटे हुए घटिया उपकरणों की वजह से मरीजों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। अस्पतालों का बजट काफी कम होने की वजह से पुराने उपकरणों से ही काम चलाना पड़ रहा है। एक डॉक्टर के अनुसार यहां स्थिति इतनी खराब है कि कभी-कभी तो रोगियों को सांस देने वाली मशीन बीच में ही टूट जाती है और फिर मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

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सिर्फ यही नहीं इस मशीन को ठीक कराना है तो उसके लिए भी डॉक्टर को ही इलेक्ट्रीशियन को ढूंढने जाना पड़ता है, ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके। कभी-कभी इलेक्ट्रीशियन न मिलने पर डॉक्टर को ही इसकी मरम्मत के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
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यूक्रेन के पश्चिमी शहर चेर्नित्सी के एक अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर कोबेवको ने बताया कि वह इस अस्पताल की एकमात्र संक्रामक रोग विशेषज्ञ हैं। वह कहती हैं यहां पहले करीब 60 मरीज आते थे, अब 100 से अधिक मरीज आने लगे हैं। इस वजह से काम का दबाव अधिक हो गया है।
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उन्होंने कहा कि टूटे हुए या घटिया उपकरण, दवाओं की कमी, कम मजदूरी, यूक्रेन की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है। उन्होंने आगे बताया कि अगर अस्पतालों की स्थिति ऐसी ही रहेगी तो और देशों के मुकाबले कोरोना के मामले यहां भी तेजी से बढ़ने लगेंगे।   

दरअसल यूक्रेन को छह साल तक रूस समर्थित अलगाववादियों के साथ युद्ध का सामना करना पड़ा है, जिस वजह से इसकी अर्थव्यवस्था और कमजोर हो गई है। दूसरी तरफ यह देश भ्रष्टाचार से अब तक ग्रस्त है। 

खराब स्वास्थ्य सेवा की यह है वजह
बता दें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को खराब स्वास्थ्य व्यवस्था विरासत में मिली थी। जानकारी के अनुसार पूर्ववर्ती सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी सब्सिडी में भारी कटौती की थी जिस वजह से यह और चरमरा गई।

इन सभी राजनीतिक कारणों से अस्पतालों को घटिया उपकरण, दवाओं की कमी और कम मजदूरी को दंश झेलना पड़ रहा है। चेर्नित्सि में मुख्य क्षेत्रीय अस्पताल का संक्रामक रोग विंग 100 साल से अधिक समय पूर्व तब बनाया गया था जब शहर में ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य का प्रभुत्व था और इसके अलावा इसमें एक केंद्रीकृत ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली का अभाव है जो किसी भी आधुनिक क्लिनिक में उचित मानक नहीं हैं।

अस्पताल की ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली सिर्फ एक कमरे में स्थित है और नर्सों को बैग को हाथ से रिफिल करना पड़ता है, जिसे वे हर कुछ मिनटों में दूसरे मरीजों तक ले जाते हैं।

ऑक्सीजन बैग लेकर मरीज की ओर भागते हैं डॉक्टर

डॉक्टर के अनुसार स्थिति इतनी भयावह है कि मरीज अपनी सांसों के लिए भीख मांगते हैं। एक मरीज के पास जाते ही पीछे से दूसरे मरीज की आवाज आती है— हवा, हवा, मुझे हवा दो! और हमारे पास कोई चारा नहीं होता। इस स्थिति में हमलोग एक जीवन को बचाने में असमर्थ रहते हैं, जो कि हमारे लिए सबसे दर्दनाक है। डॉक्टर ने आगे बताया कि केंद्रीयकृत ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए बहुत कम लागत आती है, फिर भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती।

डॉक्टर ने आगे बताया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को एक अलग इमारत में ले जाया जाता है जिसमें कुछ वेंटिलेटर होते हैं, लेकिन इसकी क्षमता भी बेहद कम है। अब इस कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना धीरे-धीरे डॉक्टरों और नर्सो को अपने चपेट में ले रहा है। बता दें कि यूक्रेन में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 18 हजार 616 हो गई है। वहीं मृतकों की संख्या 535 हो गई है।

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