{"_id":"66bc75a95d4b84f84b0695ce","slug":"thailand-court-dismisses-pm-srettha-thavisin-after-finding-him-guilty-in-ethics-case-2024-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Thailand: अदालत ने प्रधानमंत्री श्रीत्था थाविसिन को बर्खास्त किया, नैतिक उल्लंघन का दोषी ठहराया","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Thailand: अदालत ने प्रधानमंत्री श्रीत्था थाविसिन को बर्खास्त किया, नैतिक उल्लंघन का दोषी ठहराया
Wed, 14 Aug 2024 03:19 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:19 PM IST
सार
थाईलैंड की एक अदालत ने देश के प्रधानमंत्री श्रीत्था थाविसिन को बर्खास्त कर दिया है। अदालत ने प्रधानमंत्री को नैतिक उल्लंघन का दोषी पाया।
विज्ञापन
श्रीत्था थाविसिन
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
थाईलैंड की एक अदालत ने देश के प्रधानमंत्री श्रीत्था थाविसिन को बर्खास्त कर दिया है। अदालत ने प्रधानमंत्री को नैतिक उल्लंघन का दोषी पाया है। थाईलैंड के संवैधानिक न्यायालय ने प्रधानमंत्री श्रीत्था थाविसिन को नैतिक उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद पद से बर्खास्त कर दिया। इससे थाईलैंड में राजनीतिक उथल-पुथल का दौर शुरू हो सकता है।
संवैधानिक अदालत ने सुनाया फैसला
नौ सदस्यीय अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि श्रीत्था ने अप्रैल में एक दोषी वकील को कैबिनेट मंत्री के रूप में चुनकर नैतिक मानकों का 'गंभीर उल्लंघन' किया है, जो संविधान के तहत अयोग्यता का आधार है। न्यायाधीशों ने श्रीत्था और उनके मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने के लिए 5 के मुकाबले 4 मतों से मतदान किया। रियल एस्टेट टाइकून श्रीत्था बीते 16 वर्षों में चौथे थाई प्रधानमंत्री हैं, जिनका अदालत के फैसले की वजह से पद गया है। थाईलैंड में फिलहाल उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचयाचाई के कार्यवाहक पीएम के तौर पर कार्यभार संभालने की उम्मीद है।
श्रीत्था थाविसिन पर हैं ये आरोप
श्रीत्था ने शिनावात्रा के पूर्व वकील पिचिट चुएनबान की कैबिनेट में नियुक्ति को बरकरार रखा था, जिन्हें 2008 में अदालत के कर्मचारियों को रिश्वत देने से जुड़े केस में अदालत की अवमानना के लिए कुछ समय के लिए जेल भेजा गया था। हालांकि उन पर रिश्वतखोरी का आरोप साबित नहीं हुआ था। श्रीत्था पर आरोप है कि उन्होंने पिचिट चुएनबान को कैबिनेट पद पर नियुक्त करके संविधान का उल्लंघन किया है। इस आरोप को संवैधानिक अदालत ने सही माना।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवैधानिक अदालत ने सुनाया फैसला
नौ सदस्यीय अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि श्रीत्था ने अप्रैल में एक दोषी वकील को कैबिनेट मंत्री के रूप में चुनकर नैतिक मानकों का 'गंभीर उल्लंघन' किया है, जो संविधान के तहत अयोग्यता का आधार है। न्यायाधीशों ने श्रीत्था और उनके मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने के लिए 5 के मुकाबले 4 मतों से मतदान किया। रियल एस्टेट टाइकून श्रीत्था बीते 16 वर्षों में चौथे थाई प्रधानमंत्री हैं, जिनका अदालत के फैसले की वजह से पद गया है। थाईलैंड में फिलहाल उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचयाचाई के कार्यवाहक पीएम के तौर पर कार्यभार संभालने की उम्मीद है।
विज्ञापन
श्रीत्था थाविसिन पर हैं ये आरोप
श्रीत्था ने शिनावात्रा के पूर्व वकील पिचिट चुएनबान की कैबिनेट में नियुक्ति को बरकरार रखा था, जिन्हें 2008 में अदालत के कर्मचारियों को रिश्वत देने से जुड़े केस में अदालत की अवमानना के लिए कुछ समय के लिए जेल भेजा गया था। हालांकि उन पर रिश्वतखोरी का आरोप साबित नहीं हुआ था। श्रीत्था पर आरोप है कि उन्होंने पिचिट चुएनबान को कैबिनेट पद पर नियुक्त करके संविधान का उल्लंघन किया है। इस आरोप को संवैधानिक अदालत ने सही माना।
विज्ञापन