{"_id":"68843fb5bd2e8140a90baefa","slug":"thailand-cambodia-conflict-firing-continues-on-border-death-toll-increases-un-also-expressed-concern-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Thailand-Cambodia Conflict: सीमा पर गोलाबारी जारी, मौत का आंकड़ा 32 तक पहुंचा; UN ने भी जताई चिंता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Thailand-Cambodia Conflict: सीमा पर गोलाबारी जारी, मौत का आंकड़ा 32 तक पहुंचा; UN ने भी जताई चिंता
Sat, 26 Jul 2025 08:24 AM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंगकॉक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंगकॉक
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 26 Jul 2025 08:24 AM IST
सार
थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर दो दिन से जारी संघर्ष में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। कंबोडिया ने 12 नई मौतों की पुष्टि की है। यूएन और आसियान ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। बमबारी और गोलीबारी के बीच नागरिक ठिकानों पर हमले के आरोप भी लगे हैं।
विज्ञापन
थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर संघर्ष।
- फोटो : ANI / Reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर जारी तनावपूर्ण हालात अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं। कंबोडिया के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि सीमा पर संघर्ष के चलते 12 नई मौतें हुई हैं। इस तरह अब तक दोनों देशों में कुल 32 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिक भी शामिल हैं।
संघर्ष के चलते दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 58,000 से ज्यादा लोग प्रभावित जिलों से निकाले गए हैं। वहीं, कंबोडिया के अधिकारियों का कहना है कि करीब 23,000 लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बंद कमरे में आपात बैठक बुलाई और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र और आसियान की मध्यस्थता की पहल
कंबोडिया के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने संघर्ष को लेकर यूएन से तत्काल संघर्षविराम की अपील की और कहा कि उनकी ओर से आक्रामकता नहीं की गई। उधर, ASEAN (आसियान) की अध्यक्षता कर रहे मलेशिया ने भी इस तनाव को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बताया कि दोनों देशों ने संघर्षविराम की सैद्धांतिक सहमति दी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप को फिर बड़ा झटका, जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने की कोशिश पर लगी रोक
विवाद का कारण और बढ़ते टकराव
तनाव की शुरुआत मई में हुई थी जब एक कंबोडियाई सैनिक मारा गया। हाल ही में सीमा पर बारूदी सुरंग फटने से पांच थाई सैनिक घायल हुए, जिससे टकराव और बढ़ गया। इसके बाद थाई सेना ने जवाबी कार्रवाई की और सीमा पर कई स्थानों पर भारी गोलाबारी हुई।
सीमा पर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
सीमा के पास रहने वाले लोग गोलाबारी की चपेट में आ गए हैं। सैकड़ों लोगों को अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। कुछ लोग अपने घरों के पास बंकर बनाकर किसी तरह जान बचा रहे हैं। थाईलैंड के सुरिन जिले में लोगों ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों में बनाए गए शिविरों में शरण ली है।
ये भी पढ़ें- ट्रंप प्रशासन ने स्कूलों को दी राहत, वयस्क शिक्षा और इंग्लिश कोर्स के लिए छह अरब डॉलर की फंडिंग बहाल
नागरिक ठिकानों पर हमलों के आरोप
कंबोडियाई अधिकारियों का आरोप है कि थाई सेना ने बौद्ध मंदिर और स्कूल को निशाना बनाया, जबकि थाई सेना ने इसे नकारते हुए कहा कि कंबोडिया अपनी तोपें नागरिक इलाकों में छिपा रहा है। इस संघर्ष में बच्चों और बुजुर्गों की भी जान गई है, जिससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं।
विज्ञापन
संघर्ष के चलते दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 58,000 से ज्यादा लोग प्रभावित जिलों से निकाले गए हैं। वहीं, कंबोडिया के अधिकारियों का कहना है कि करीब 23,000 लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बंद कमरे में आपात बैठक बुलाई और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र और आसियान की मध्यस्थता की पहल
कंबोडिया के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने संघर्ष को लेकर यूएन से तत्काल संघर्षविराम की अपील की और कहा कि उनकी ओर से आक्रामकता नहीं की गई। उधर, ASEAN (आसियान) की अध्यक्षता कर रहे मलेशिया ने भी इस तनाव को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बताया कि दोनों देशों ने संघर्षविराम की सैद्धांतिक सहमति दी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप को फिर बड़ा झटका, जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने की कोशिश पर लगी रोक
विवाद का कारण और बढ़ते टकराव
तनाव की शुरुआत मई में हुई थी जब एक कंबोडियाई सैनिक मारा गया। हाल ही में सीमा पर बारूदी सुरंग फटने से पांच थाई सैनिक घायल हुए, जिससे टकराव और बढ़ गया। इसके बाद थाई सेना ने जवाबी कार्रवाई की और सीमा पर कई स्थानों पर भारी गोलाबारी हुई।
सीमा पर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
सीमा के पास रहने वाले लोग गोलाबारी की चपेट में आ गए हैं। सैकड़ों लोगों को अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। कुछ लोग अपने घरों के पास बंकर बनाकर किसी तरह जान बचा रहे हैं। थाईलैंड के सुरिन जिले में लोगों ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों में बनाए गए शिविरों में शरण ली है।
ये भी पढ़ें- ट्रंप प्रशासन ने स्कूलों को दी राहत, वयस्क शिक्षा और इंग्लिश कोर्स के लिए छह अरब डॉलर की फंडिंग बहाल
नागरिक ठिकानों पर हमलों के आरोप
कंबोडियाई अधिकारियों का आरोप है कि थाई सेना ने बौद्ध मंदिर और स्कूल को निशाना बनाया, जबकि थाई सेना ने इसे नकारते हुए कहा कि कंबोडिया अपनी तोपें नागरिक इलाकों में छिपा रहा है। इस संघर्ष में बच्चों और बुजुर्गों की भी जान गई है, जिससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन