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बढ़ रहा है तनाव: अमेरिकी बेड़ों जैसे नमूने बना कर युद्ध अभ्यास कर रहा है चीन

Tue, 09 Nov 2021 07:09 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 09 Nov 2021 07:09 PM IST
सार

अमेरिकी नौसेना के एक स्वतंत्र अध्ययन में कहा गया है कि बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले निशानों को सामने रख कर अभ्यास करने से बिल्कुल असली युद्ध जैसा नजारा पैदा हो सकता है। अनुमान लगाया गया है कि चीन ने जो निशाने तैयार किए हैं, उन पर असली सेंसर लगाए गए हो सकते हैं, ताकि युद्ध के समय आने वाले चुनौतियों का बेहतर अंदाजा लग सके...

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tension is rising: China is doing war exercise by making prototype models of US warships
अमेरिकी युद्धपोत प्रोटोटाइप - फोटो : Agency

विस्तार

चीन की सेना ने ऐसे निशाने तैयार किए हैं, जो अमेरिकी लड़ाकू जहाजों से मिलते-जुलते हैं। चीन ने अभ्यास के लिए ये प्रतिकृतियां अपने शिनजियांग प्रांत के तकलामाकन रेगिस्तान में बनाई हैँ। इन प्रतिकृतियों की तस्वीरें अमेरिका को उपग्रह से प्राप्त हुई हैं। बताया जाता है कि चीन की सेना इन निशानों को नष्ट करने का अभ्यास कर रही है।

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विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी नौसेना के बेड़ों और उन पर तैनात हथियारों पर निशाना साध कर चीनी सेना अपनी क्षमता बढ़ा रही है। इस तरह वह अमेरिकी लड़ाकू जहाजों का मुकाबला करने के लिए खुद को तैयार कर रही है। चीनी सेना की इस तैयारी से अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञ सतर्क हो गए हैं। उन्होंने इस बारे में अमेरिकी सरकार और सेना को आगाह किया है। अमेरिका ताइवान के आसपास और दक्षिण चीन सागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में जुटा रहा है। बताया जाता है कि चीन की ये तैयारी उसी का जवाब है।

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अमेरिकी बेड़ों की नकल

दक्षिण चीन सागर को चीन अपना प्रभाव क्षेत्र मानता है। लेकिन अमेरिका उसके इस दावे को स्वीकार नहीं करता। ताइवान को हालांकि अमेरिका चीन का हिस्सा मानता है, लेकिन हाल में इस बारे में उसकी नीति में बदलाव के संकेत मिलते रहे हैं। इसे लेकर चीन के साथ उसका टकराव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में चीन की तैयारियों को देखा जा रहा है।

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अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक रिपोर्ट में उपग्रह से हासिल तस्वीरों का विवरण दिया गया है। इन तस्वीरों के मुताबिक चीन ने ठीक उसी आकार के लड़ाकू जहाजों की प्रतिकृतियां तैयार की हैं, जिस आकार के बेड़े अमेरिका ने उस क्षेत्र में भेजे हैं। उन प्रतिकृतियों पर वैसी ही मिसाइलें लगी दिखी हैं, जैसी मिसाइलें अमेरिकी बेड़ों पर तैनात हैं।

लगाए असली सेंसर!

विशेषज्ञों के मुताबिक उन नकली बेड़ों को रेल पटरी पर रखा गया है, ताकि उन्हें चला कर वैसी सूरत बनाई जा सके, जैसा समुद्र में बेड़ों के चलने पर देखने को मिलती है। इससे चलते बेड़ों पर हमले की तैयारी बेहतर ढंग से की जा सकती है। अमेरिकी नौसेना के एक स्वतंत्र अध्ययन में कहा गया है कि बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले निशानों को सामने रख कर अभ्यास करने से बिल्कुल असली युद्ध जैसा नजारा पैदा हो सकता है। अनुमान लगाया गया है कि चीन ने जो निशाने तैयार किए हैं, उन पर असली सेंसर लगाए गए हो सकते हैं, ताकि युद्ध के समय आने वाले चुनौतियों का बेहतर अंदाजा लग सके।



सोमवार को उपग्रह तस्वीरों का हवाला देते हुए इस बारे में बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन से सवाल पूछा गया। इस पर वांग ने कहा- ‘आप जिस स्थिति की चर्चा कर रहे हैं, उसकी मुझे जानकारी नहीं है।’ वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि ये जानकारी उस समय सामने आई है, जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की महत्त्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस बैठक में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हाथ में और ताकत मिलने की संभालना है। उसका असर चीन की विदेश और रक्षा नीति पर पड़ेगा। वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक उसने इस बारे मे बाइडन प्रशासन की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। लेकिन उसे अभी तक इस बारे में कोई जवाब नहीं मिला है।

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