War: तेहरान से लेकर तेल अवीव तक..इस्राइल-ईरान युद्ध में हर तरफ तबाही के निशान;12 दिन में किसका कितना नुकसान
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण संस्था रैंड कॉरपोरेशन, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज और स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) के अनुमानों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक दोनों पक्षों को करीब 75-80 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति हुई है।
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इस्राइल-ईरान सैन्य संघर्ष हाल के दशकों का सबसे विनाशकारी युद्ध बनकर उभरा है। यह हवाई और तकनीकी टकराव न केवल हथियारों की ताकत का प्रदर्शन था, बल्कि इसकी वजह से अरबों डॉलर की आर्थिक क्षति, नागरिक क्षेत्रों की बर्बादी और रणनीतिक अस्थिरता की एक भयावह तस्वीर सामने आई है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण संस्था रैंड कॉरपोरेशन, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज और स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) के अनुमानों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक दोनों पक्षों को करीब 75-80 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक इस्राइल को लगभग 30 से 35 अरब डॉलर की क्षति हुई है, जिसमें रक्षा प्रणाली, बुनियादी ढांचे और नागरिक परिसंपत्तियों को हुए नुकसान शामिल हैं। जबकि ईरान को लगभग 40 से 45 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है, जिसमें तेल रिफाइनरियों, सैन्य ठिकानों और परिवहन नेटवर्क पर हमले शामिल हैं।
12 दिन के भीषण युद्ध से 10 साल पीछे चला गया ईरान
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांड सेंटर के प्रमुख अली शादमानी की मौत हो गई है। इस्राइली हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने बुधवार को शादमानी की मौत की सूचना दी। गार्ड्स कमांड सेंटर ने शादमानी की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। हालांकि, इस्राइली सेना ने 17 जून को ही शादमानी को मार गिराने का दावा किया था। अब मौत की पुष्टि हो गई है।
ईरान के इन शहरों को पहुंचा नुकसान
तेहरान में रक्षा मंत्रालय, आईआरजीसी हेडक्वार्टर को व्यापक क्षति, संचार नेटवर्क और कई आवासीय क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद। इस्फहान में ड्रोन फैक्ट्रियां, मिसाइल संयंत्र और सैन्य बेस पूरी तरह ध्वस्त। अराक में प्लूटोनियम आधारित परमाणु संयंत्र का ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो गया।कोम के धार्मिक शिक्षण संस्थान, अस्पताल और मिसाइल लांचिंग साइटों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रमुख प्रभावित इस्राइली शहर
तेलअवीव इस्राइल का आर्थिक और तकनीकी हब है। यहां ईरान ने चुन चुन कर प्रमुख स्थानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। इन मिसाइल हमलों से अनेक अत्यधिक बहुमंजिला इमारतें ढह गईं। हजारों लोगों ने घरबार खो दिए और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली 500 से अधिक कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। साथ ही हाइफा बंदरगाह भी युद्ध से प्रभावित है।
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इस्राइल ने हिजबुल्ला वित्त पोषक को मार गिराया
वहीं, इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला के एक प्रमुख वित्तीय संचालक हेथम अब्दुल्ला बकरी को मार गिराया है। आईडीएफ ने बुधवार को बताया कि बकरी ईरान के साथ मिलकर काम करता था, और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स आतंकी समूह को धन पहुंचाता है। वह दक्षिणी लेबनान में अल-सादिक मुद्रा विनिमय का भी रहा है। उसने हिजबुल्ला के वित्तीय संचालन में केंद्रीय भूमिका निभाई, जो कुद्स बल से हस्तांतरित धन के लिए एक बड़ा माध्यम था।
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