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Hindi News ›   World ›   Taliban Raids at Closed Indian Consulates in Afghanistan: First Told India Make Friends Then Breaks Business Relations, Sabotage The Indian Embassy

पाक-चीन जैसी तालिबानी चाल: कंधार और हेरात में भारतीय दूतावास में ताला तोड़कर घुसे तालिबानी, दफ्तरों की ली तलाशी

Fri, 20 Aug 2021 12:22 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 20 Aug 2021 12:22 PM IST
सार

Taliban Searched Indian Embassies: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काबुल पर कब्जा जमाते ही तालिबानी नेता, भारतीय अधिकारियों से मिले थे और दोस्ती की पेशकश की थी। तालिबान ने दूतावास बंद न करने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उसने व्यापारिक रिश्ते तो तोड़े ही साथ ही कंधार व हेरात में बंद भारतीय दूतावासों में भी घुस गए। 

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Taliban Raids at Closed Indian Consulates in Afghanistan: First Told India Make Friends Then Breaks Business Relations, Sabotage The Indian Embassy
तालिबान (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होते ही तालिबान ने पैंतरे भी चलने शुरू कर दिए हैं। भारत के साथ वह वही चाल चल रहा है जो चीन और पाकिस्तान चलता आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आया है कि तालिबान ने काबुल पर कब्जा जमाते ही भारत से संपर्क साधा था और रिश्ते न तोड़ने की पेशकश की थी। इस बीच सबसे चौंकाने वाली खबर यह सामने आई है कि तालिबान के लड़ाके बुधवार को कंधार और हेरात में बंद पड़े भारतीय वाणिज्य दूतावास भी पहुंचे थे और तलाशी ली थी। 

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बंद भारतीय दूतावास में घुसे तालिबानी
सूत्रों के मुताबिक कंधार व हेरात में बंद भारतीय दूतावास में बुधवार को कुछ तालिबानी आतंकी घुसे थे और वहां कागजातों की छानबीन भी की थी। इसके बाद वे कुछ कागज और दूतावास के बाहर खड़ी कारें अपने साथ लेकर चले गए। भारतीय अधिकारियों का कहना है तालिबान अपने उस वादे के खिलाफ काम कर रहा है, जिसमें उसने दुनिया से किसी को नुकसान न पहुंचाने का आश्वासन दिया था। वहीं, हेरात में भी तालिबानियों ने वाणिज्य दूतावास परिसर में प्रवेश किया और वाहनों को ले गए। एक ओर जहां हक्कानी नेटवर्क कैडर बड़े पैमाने पर काबुल को नियंत्रित कर रहा है, दिवंगत मुल्ला उमर के बेटे और तालिबान सैन्य आयोग के प्रमुख मुल्ला याकूब के नेतृत्व वाला तालिबान गुट पश्तूनों की पारंपरिक सीट कंधार से सत्ता और सरकार लेने की योजना बना रहे हैं। मुल्ला बरादर 18 अगस्त को दोहा से आने के बाद मुल्ला याकूब से मिला है।
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तालिबान के वरिष्ठ नेता शेर मोहम्मद अब्बास, भारतीय पक्ष के पास पहुंचे थे और अनुरोध किया था वे भारतीय दूतावास बंद न करें। तालिबान की ओर से उन्हें कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन बीते गुरुवार को तालिबान ने अफगानिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते तोड़ दिए। अब न तो वहां से कुछ आयात किया जा सकता है और न कुछ निर्यात किया जा सकेगा। 
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तालिबान का अहम सदस्य है मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई
बीते दिनों भारत ने अफगानिस्तान से अपने 200 लोगों को बाहर निकाला था। इससे ठीक पहले तालिबानी नेता मोहम्मद अब्बास ने भारत के सामने दोस्ती की पेशकश रखी थी। बता दें कि मोहम्मद अब्बास कतर की राजधानी दोहा में तालिबान के राजनीतिक मोर्चा वाले नेतृत्व का अहम सदस्य है और वह हमेशा से ही अफगानिस्तान में भारत की भूमिका का आलोचक रहा है। ऐसे में दोस्ती के संदेश ने भारतीय अधिकारियों को भी चौंका दिया था। 


भारत को मिली थी खुफिया रिपोर्ट 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के पास तालिबान की कुछ खुफिया जानकारी थी। इसके तहत भारत को यह सूचना मिली थी कि तालिबान का कब्जा होते ही लश्कर व हक्कानी के आतंकी काबुल में प्रवेश कर गए हैं, जिनसे भारतीय दूतावास के अधिकारियों को खतरा हो सकता है। इसलिए भारत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने राजनायिकों को सैन्य विमान से वापस बुला लिया था। 

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