सेक्स स्लेव बना रहा तालिबान: घटिया खाना बनाने पर एक महिला को जिंदा जलाया, पूर्व जज का गंभीर आरोप
तालिबान समर्थक भले दावा करे कि वह इस बार बदले रूप में सामने आया है, लेकिन उसकी हरकतें बदली नहीं हैं। अमेरिका में रह रहीं एक पूर्व महिला जज का आरोप है कि तालिबान महिलाओं को सेक्स स्लेव बना रहा है।
विस्तार
अपनी जान बचाकर अमेरिका में रह रहीं पूर्व जज नजला अयुबी ने तालिबान पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि तालिबान अब भी नहीं बदला है। उसके लड़ाके महिलाओं को सेक्स स्लेव बनाकर उनका शोषण कर रहे हैं। एक महिला को इसलिए जिंदा जला दिया गया कि उसने उनके लिए घटिया खाना बनाया था। अयुबी ने यह भी दावा किया कि महिलाओं को ताबूतों में बंद कर पड़ोसी देश भेजा जा रहा है, ताकि उनका यौन शोषण किया जा सके।
पूर्व जज अयूबी ने स्काई न्यूज को बताया कि वह अफगानिस्तान की महिलाओं के संपर्क में हैं। कई महिलाओं ने उनके साथ तालिबानियों द्वारा आपत्तिजनक व्यवहार व हिंसा की शिकायत की। अयूबी ने दावा किया कि एक महिला को इसलिए जिंदा जला दिया गया कि उसका बनाया खाना तालिबानी लड़ाकों को पसंद नहीं आया। पिछले कुछ दिनों में बहुत सारी अफगान युवतियों को ताबूतों में डालकर पड़ोसी देशों को भेजा गया, ताकि वहां उन्हें सेक्स स्लेव बनाकर उनका यौन शोषण किया जा सके।
बुरे सपने जैसा है तालिबान
नजला अयुबी ने कहा कि तालिबानी लड़ाकों से छोटी बच्चियों का जबरन निकाह किया जा रहा है। अयुबी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि महिलाओं को काम पर जाने की इजाजत के वादे का क्या हुआ? दरअसल तालिबान एक बुरे सपने की तरह है।
बता दें, अफगानिस्तान पर 20 साल बाद तालिबान ने फिर कब्जा कर लिया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा कर लिया है। मुल्क को इस्लामिक अमीरात घोषित कर दिया गया है।
एक लड़की का वीडियो हो रहा वायरल
अफगानिस्तान की एक ऐसी ही लड़की का वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनका खौफ सामने आ रहा है। पढ़ने लिखने व नौकरी करने की उम्र में इन लड़कियों को दरिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें कोई बचाने वाला नहीं है।
एक्टिविस्ट मासिह अलीनेजाद के ट्विटर अकाउंट से सोशल मीडिया में साझा किए गए वीडियो में एक अफगानी लड़की आंसू रोती हुई दिख रही है। वह रोते हुए बताती है कि उसका जुर्म सिर्फ इतना है कि उसने अफगानिस्तान में जन्म लिया। हमारी गिनती ही नहीं होती, क्योंकि हम अफगानी लड़कियां हैं।
“We do not count because we were born in Afghanistan . . . We’ll die slowly in history.” I am heartbroken. The women & girls of Afghanistan have been abandoned. What of their dreams, hopes? The rights they have fought two decades for? #PrayforAfghanistan pic.twitter.com/Os6aSRv5RK
— Khaled Hosseini (@khaledhosseini) August 14, 2021