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सीरिया: एक और अहम शहर पर विद्रोहियों का कब्जा; राष्ट्रपति के पिता की मूर्ति तोड़ी; अब बढ़ रहे होम्स की तरफ

Fri, 06 Dec 2024 09:37 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 06 Dec 2024 09:37 AM IST
सार

सीरिया के हमा शहर पर विद्रोहियों का कब्जा हो गया है। इस दौरान विद्रोहियों ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के पिता की मूर्ति भी तोड़ डाली। हमा से पहले सीरिया विद्रोहियों ने तीन बड़े शहरों पर कब्जा किया था। 

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Syrian rebels capture second major city as army withdraws from Hama news in hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई

विस्तार

पिछले साल सात अक्तूबर को हमास के हमले के बाद इस्राइल ने जो जंग शुरू की थी, वो अभी खत्म भी नहीं हुई है। सीरिया में एक और युद्ध शुरू हो गया है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से सीरिया में जो कुछ भी हो रहा है, वो इस बात के सबूत हैं कि मध्य-पूर्व में युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीरिया में बीते 27 नवंबर से सेना और विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष में सेना को एक और झटका लगा है। विद्रोहियों ने एक और शहर हमा पर भी कब्जा कर लिया है। सेना ने एलान करते हुए बताया कि विद्रोहियों ने शहर में डिफेंस लाइन को तोड़ दिया था, जिसके बाद उन्होंने पीछे हटने का फैसला किया है। हमा शहर, अलेप्पो के बाद सीरिया का सबसे अहम शहर है। सीरियाई सेना ने शहर को खाली करने का एलान कर दिया है।

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सीरियाई राष्ट्रपति के पिता की मूर्ति तोड़ी
सीरिया के हमा शहर पर विद्रोहियों का कब्जा हो गया है। इस दौरान विद्रोहियों ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के पिता की मूर्ति भी तोड़ डाली। हमा से पहले सीरिया विद्रोहियों ने तीन बड़े शहरों पर कब्जा किया था। विद्रोही गुटों ने पिछले सप्ताह, उत्तरी सीरिया पर अपने हमले तेज करते हुए सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर कब्जा कर लिया था। अलेप्पो के बाद हमा सीरिया का अहम शहर था। 
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करीब एक सप्ताह से चल रहा विद्रोह 
इस्लामी चरमपंथी विद्रोही समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों ने एक सप्ताह से भी कम समय पहले अपना आक्रमण शुरू किया था, ठीक उसी समय जब पड़ोसी लेबनान में इस्राइल और असद के सहयोगी हिजबुल्ला के बीच संघर्ष विराम समझौता हुआ था।
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हयात तहरीर अल-शाम ने जीत का किया एलान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एचटीएस के नेता अबू मोहम्मद अल-जवलानी ने हमा में जीत की घोषणा की है। हालांकि, इससे पहले विद्रोहियों और उनके सहयोगियों ने हमा की सेंट्रल जेल पर कब्जा कर लिया था। उसके बाद उन्होंने भीषण लड़ाई के बीच कैदियों को रिहा कर दिया था। बता दें कि, अलेप्पो से 110 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हमा में दस लाख लोग रहते हैं। 

विद्रोही लड़ाकों ने जमीन को चूमा और जश्न के दौरान गोलियां चलाईं
ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि रातभर हुई झड़पों के बाद विद्रोहियों ने हमा पर कई तरफ से हमला किया और राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेना के साथ सड़कों पर लड़ाई शुरू कर दी। इस बीच, विद्रोहियों ने बाद में अपने टेलीग्राम चैनल पर एक संदेश में 'हमा शहर पूरी तरह से मुक्त' की घोषणा की। विद्रोही लड़ाकों ने सीरिया के चौथे सबसे बड़े शहर में प्रवेश करते ही जमीन को चूमा और जश्न के दौरान गोलियां चलाईं। कई निवासी विद्रोही लड़ाकों का स्वागत करने के लिए आए। एक मीडिया चैनल के फोटोग्राफर ने देखा कि कुछ निवासियों ने सिटी हॉल के पास लगे असद के एक विशाल पोस्टर में आग लगा दी। 

सेना ने अलेप्पो और दमिश्क में असद की सत्ता की सीट के बीच रणनीतिक रूप से स्थित शहर पर नियंत्रण खोने की बात स्वीकार की है। रक्षा मंत्री अली अब्बास ने जोर देकर कहा कि सेना की वापसी एक अस्थायी रणनीतिक उपाय था। हमारे बल अब भी आसपास के क्षेत्र में हैं।

सीरियाई सरकार के लिए बड़ा झटका
सेंचुरी इंटरनेशनल थिंक टैंक के फेलो एरन लुंड ने हमा को कब्जाए जाने को सीरियाई सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका बताया है।उन्होंने कहा कि एचटीएस अब सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स की ओर बढ़ने की कोशिश करेगी, जो दक्षिण में लगभग 40 किलोमीटर (25 मील) दूर है। यहां से निवासी पहले ही अपने घरों को छोड़कर जाने लगे हैं। 

सीरिया में 2011 में शुरू हुआ गृह युद्ध
2011 में अरब क्रांति के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हुई थी। सीरिया के लोगों ने 10 साल से सत्ता में काबिज बशर अल-असद सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसके बाद 'फ्री सीरियन आर्मी' के नाम से एक विद्रोही गुट तैयार हुआ।


विद्रोही गुट के बनने के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई थी। इसमें अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब के शामिल होने के बाद ये संघर्ष और बढ़ता गया। इस बीच, सीरिया में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने भी पैर पसार लिए थे। 2020 के सीजफायर समझौते के बाद यहां सिर्फ छिटपुट झड़प ही हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक तक चले गृहयुद्ध में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके अलावा लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।

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