तुर्की ने सेना नहीं हटाई तो युद्ध होगा, सीरिया ने दी धमकी
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अमेरिकी सेना के उत्तरी सीरिया में कुर्द क्षेत्रों को खाली करने से पैदा हुए संघर्ष के बाद तुर्की ने पहली बार सीमावर्ती शहर से पकड़े गए 18 सीरियाई सैनिकों को रिहा कर दिया है। इस बीच सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने चेताया है कि उत्तरी सीरिया से तुर्की की सेनाएं हटाने के लिए यदि सियासी वार्ता के ठोस नतीजे नहीं निकले तो युद्ध ही एकमात्र विकल्प बचेगा।
राष्ट्रपति ने कहा तुर्की को शत्रु बनाना नहीं चाहते
सीरिया के राष्ट्रपति का यह बयान तुर्की और रूस के बीच जारी शांति वार्ता के बीच में आया है। उन्होंने सीरिया नेशनल टीवी चैनल पर दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वह पड़ोसी देश तुर्की को शत्रु बनाना नहीं चाहते हैं लेकिन वार्ता के ठोस न निकलने पर यदि तुर्की सीरियाई इलाकों से अपनी सेना नहीं हटाता है तो जंग छिड़ना लाजमी हो जाएगा।
हालांकि इस बीच राहत की बात यह है कि रूस और तुर्की में जारी बातचीत के चलते तुर्की ने सीरिया के उन 18 सैनिकों को रिहा कर दिया है जो रास-अल-एन शहर के पास से पकड़े गए थे। तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने कहा था कि 18 में से दो का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
संयुक्त गश्ती को रूसी जवान पहुंचे
पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सीमा पर संयुक्त गश्ती के लिए रूस के 300 जवान 20 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पहुंच गए हैं। रूसी सेना 10 रिहायशी बस्तियों से होकर 150 किलोमीटर की यात्रा पांच घंटे में पूरा करेगी। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन और रूसी समकक्ष पुतिन के बीच 22 अक्तूबर को हुए समझौते में पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सीमा के पास संयुक्त गश्ती का फैसला किया गया था।