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'दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ': पीट हेगसेथ का दावा- अमेरिका ने टॉरपीडो से डुबोया ईरानी युद्धपोत
Wed, 04 Mar 2026 08:52 PM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 04 Mar 2026 08:52 PM IST
सार
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया कि हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने ही निशाना बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो से युद्धपोत को डुबोने का यह पहला मामला है। पढ़िए रिपोर्ट-
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जहाज पर हमला
- फोटो : एक्स/अमेरिकी रक्षा मंत्रालय
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विस्तार
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस देना को टॉरपीडो से निशाना बनाकर हिंद महासागर में डुबो दिया।
हेगसेथ ने ईरानी युद्धपोत को लेकर क्या कहा?
हेगसेथ ने कहा, कल हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लग रहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। लेकिन उसे टॉरपीडो से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया गया है। उस युद्ध की तरह हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।
अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी ने क्या कहा?
ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने इस हमले को अमेरिका की वैश्विक पहुंच का एक असाधारण प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा, जैसा कि रक्षा मंत्री वीडियो दिखाया, 1945 के बाद पहली बार अमेरिकी नौसेना की एक तेजी से हमला करने वाली पनडुब्बी ने एक ही टॉरपीडो मार्क-48 से दुश्मन के युद्धपोत को डुबो दिया और तुरंत असर दिखाया। यह अमेरिका की उस क्षमता का प्रमाण है, जिससे वह दुनिया के किसी भी हिस्से में जाकर लक्ष्य को ढूंढकर तबाह कर सकता है और इस स्तर की क्षमता केवल अमेरिका के पास है।
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हमले का वीडियो जारी किया
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने आईआरआईएस देना पर टॉरपीडो हमले का वीडियो जारी किया। इससे पहले श्रीलंका के मीडिया की रिपोर्ट में उनकी नौसेना के हवाले से बताया गया था कि उसने संकट में फंसे आईआरआईएस देना से 30 लोगों को बचा लिया है, जबकि जहाज में 180 लोग सवार थे। यह जहाज श्रीलंका के गॉल तट से करीब 40 किलोमीटर दूर था। यह तट राजधानी कोलंबो के दक्षिण में स्थित है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पुष्टि की थी कि बचाए गए लोगों को उपचार के लिए करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, वॉशिंगटन डीसी में हेगसेथ ने यह भी बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जारी रहने के बीच बुधवार को और बमवर्षक व लड़ाकू विमान युद्ध क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया?
पेंटागन ने यह भी दावा किया अमेरिकी सेना ने ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित हत्या की साजिश से जुड़े एक समूह का प्रमुख था। यह घोषणा ईरान के साथ चार दिन से जारी संघर्ष को लेकर पेंटागन में दी गई एक ऑपरेशनल ब्रीफिंग के दौरान की गई। हालांकि, पेंटागन ने मारे गए ईरानी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया?
अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बताया कि यह कार्रवाई मंगलवार को की गई। उन्होंने कहा कि यह ईरानी अधिकारी युद्ध का शुरुआती लक्ष्य नहीं था, लेकिन उसकी भूमिका बेहद गंभीर थी। हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा कि जिस समूह ने राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश की थी, उसके प्रमुख को ढूंढकर मार दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की कोशिश की थी, लेकिन आखिर में ट्रंप ही उन पर भारी पड़े।
साल 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एक ईरानी नागरिक पर ट्रंप की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। उस समय कहा गया था कि यह साजिश ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के आदेश पर रची गई थी। उस वक्त ट्रंप अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति थे।
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हेगसेथ ने ईरानी युद्धपोत को लेकर क्या कहा?
हेगसेथ ने कहा, कल हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लग रहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। लेकिन उसे टॉरपीडो से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया गया है। उस युद्ध की तरह हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।
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अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी ने क्या कहा?
ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने इस हमले को अमेरिका की वैश्विक पहुंच का एक असाधारण प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा, जैसा कि रक्षा मंत्री वीडियो दिखाया, 1945 के बाद पहली बार अमेरिकी नौसेना की एक तेजी से हमला करने वाली पनडुब्बी ने एक ही टॉरपीडो मार्क-48 से दुश्मन के युद्धपोत को डुबो दिया और तुरंत असर दिखाया। यह अमेरिका की उस क्षमता का प्रमाण है, जिससे वह दुनिया के किसी भी हिस्से में जाकर लक्ष्य को ढूंढकर तबाह कर सकता है और इस स्तर की क्षमता केवल अमेरिका के पास है।
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हमले का वीडियो जारी किया
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने आईआरआईएस देना पर टॉरपीडो हमले का वीडियो जारी किया। इससे पहले श्रीलंका के मीडिया की रिपोर्ट में उनकी नौसेना के हवाले से बताया गया था कि उसने संकट में फंसे आईआरआईएस देना से 30 लोगों को बचा लिया है, जबकि जहाज में 180 लोग सवार थे। यह जहाज श्रीलंका के गॉल तट से करीब 40 किलोमीटर दूर था। यह तट राजधानी कोलंबो के दक्षिण में स्थित है।
https://t.co/PiqQpVIrMu pic.twitter.com/Wc1e0B0um7
— Department of War 🇺🇸 (@DeptofWar) March 4, 2026
श्रीलंका के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पुष्टि की थी कि बचाए गए लोगों को उपचार के लिए करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, वॉशिंगटन डीसी में हेगसेथ ने यह भी बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जारी रहने के बीच बुधवार को और बमवर्षक व लड़ाकू विमान युद्ध क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया?
पेंटागन ने यह भी दावा किया अमेरिकी सेना ने ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित हत्या की साजिश से जुड़े एक समूह का प्रमुख था। यह घोषणा ईरान के साथ चार दिन से जारी संघर्ष को लेकर पेंटागन में दी गई एक ऑपरेशनल ब्रीफिंग के दौरान की गई। हालांकि, पेंटागन ने मारे गए ईरानी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी को मार गिराया?
अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बताया कि यह कार्रवाई मंगलवार को की गई। उन्होंने कहा कि यह ईरानी अधिकारी युद्ध का शुरुआती लक्ष्य नहीं था, लेकिन उसकी भूमिका बेहद गंभीर थी। हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा कि जिस समूह ने राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश की थी, उसके प्रमुख को ढूंढकर मार दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की कोशिश की थी, लेकिन आखिर में ट्रंप ही उन पर भारी पड़े।
साल 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एक ईरानी नागरिक पर ट्रंप की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। उस समय कहा गया था कि यह साजिश ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के आदेश पर रची गई थी। उस वक्त ट्रंप अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति थे।