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इन देशों के लोग आत्महत्या करने में सबसे आगे, जहर बनता है सबसे आसान जरिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:40 AM IST
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दुनिया में हर साल 8 लाख यानी हर घंटे 92 लोग खुदकुशी करते हैं। यह खुलासा विश्व स्वास्थ्य संगठन और मेंटल हेल्थ कमीशन ऑफ कनाडा की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में दुनिया में 15-29 साल की उम्र के जितने लोगों की मौत हुई, उनमें अधिकांश ने खुदकुशी की थी।
नेशनल हेल्थ प्रोफाइल-2018 की रिपोर्ट सोमवार को जारी हुई। इसके अनुसार इस दौरान भारत में 1.35 लाख लोगों ने खुदकुशी की। रिपोर्ट के मुताबिक खुदकुशी करने वालों में 80 फीसदी यानी 6.4 लाख लोग कम और मध्यम आय वाले देशों के थे। दुनिया के करीब 38 देशों ने खुदकुशी जैसे अपराध रोकने की रणनीति बनाई है।
सबसे अधिक जहर खाकर मरते हैं लोग
मरने वालों में सबसे अधिक 20 फीसदी लोग जहर खाकर खुदकुशी करते हैं। ऐसा करने वालों में सबसे अधिक कम और मध्यम वाले देशों में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग और किसान होते हैं। इसके अलावा मौत को गले लगाने के लिए लोग फांसी और आग भी लगा लेते हैं।
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नेशनल हेल्थ प्रोफाइल-2018 की रिपोर्ट सोमवार को जारी हुई। इसके अनुसार इस दौरान भारत में 1.35 लाख लोगों ने खुदकुशी की। रिपोर्ट के मुताबिक खुदकुशी करने वालों में 80 फीसदी यानी 6.4 लाख लोग कम और मध्यम आय वाले देशों के थे। दुनिया के करीब 38 देशों ने खुदकुशी जैसे अपराध रोकने की रणनीति बनाई है।
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सबसे अधिक जहर खाकर मरते हैं लोग
मरने वालों में सबसे अधिक 20 फीसदी लोग जहर खाकर खुदकुशी करते हैं। ऐसा करने वालों में सबसे अधिक कम और मध्यम वाले देशों में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग और किसान होते हैं। इसके अलावा मौत को गले लगाने के लिए लोग फांसी और आग भी लगा लेते हैं।
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