Suella Braverman: ब्रिटेन में और गहराया सियासी संकट, गृह मंत्री सुएला के बाद चीफ व्हिप के इस्तीफे की सूचना
गृह मंत्री ने एफटीए के तहत भारत के लिए ‘खुली सीमाओं’ की पेशकश पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि कई भारतीय वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी ब्रिटेन नहीं छोड़ते जिससे दबाव बढ़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन में सियासी संकट गहराता जा रहा है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार संधि पर अपने बयान से विवादों में आईं गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह एक तकनीकी नियम में की गई गलती को बताया है जिसमें उन्होंने अपने एक संसदीय सहयोगी को कुछ आधिकारिक दस्तावेज भेजे थे। हालांकि, मीडिया में खबर है कि उन्हें पद से हटाया गया है। इससे पहले ब्रिटेन के वित्त मंत्री को भी अचानक पद से हटा दिया गया था। खुद प्रधानमंत्री लिज ट्रस की कुर्सी भी खतरे में हैं और कंटरवेटिव पार्टी में उन्हें हटाए जाने की मुहिम चल रही है।
लिज ट्रस को एक और झटका
बुधवार को गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन के इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लिज ट्रस को एक और झटका लगा है। मीडिया खबरों की मानें तो बिट्रेन की चीफ व्हिप (मुख्य सचेतक) वेंडी मॉर्टन ने कथित तौर पर इस्तीफा दे दिया है। वहीं मॉर्टन को महीने पहले ही ट्रस द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था।
ब्रेवरमैन बोलीं, सरकारी नियम का किया उल्लंघन
ब्रेवरमैन ने कहा कि उन्होंने सरकारी नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, उन्होंने सरकार के प्रधान मंत्री लिज ट्रस के निर्देश पर भी चिंताओं का हवाला दिया। एक सप्ताह से भी कम समय में पीएम लिज ट्रस के मंत्रिमंडल में की वह दूसरी वरिष्ठ मंत्री हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है। 14 अक्टूबर को वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह जेरेमी हंट को नया वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। ब्रेवरमैन ने अपने इस्तीफे का पत्र ट्वीट किया है।
My letter to the Prime Minister. pic.twitter.com/TaWO1PMOF2
— Suella Braverman MP (@SuellaBraverman) October 19, 2022
भारत के साथ संधि को लेकर दिया था तीखा बयान
सुएला ब्रेवरमैन भारत के साथ होने वाले मुक्त व्यापार संधि को लेकर तीखा बयान देकर चर्चा में आई थीं। कहा गया कि सुएला ब्रेवरमैन द्वारा वीजा ओवरस्टेयर्स पर कार्रवाई को लेकर की गई टिप्पणियों से भारत सरकार के नाराज होने के बाद भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कथित तौर पर टूटने की कगार पर है। ब्रिटेन की एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था। हालांकि इस समझौते को लेकर अभी भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
गृह मंत्री ने एफटीए के तहत भारत के लिए ‘खुली सीमाओं’ की पेशकश पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि कई भारतीय वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी ब्रिटेन नहीं छोड़ते जिससे दबाव बढ़ रहा है। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एफटीए के लिए इस साल दिवाली तक की समयसीमा तय की थी। हालांकि, अब इस समय तक समझौता होने की संभावना कम होती जा रही है।
कहा था, समझौते से भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है
भारतीय मूल की गृह मंत्री ब्रेवरमैन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें डर है कि भारत के साथ व्यापार समझौते से ब्रिटेन में आने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है, जबकि पहले से ही वीजा ओवरस्टेयर्स के सबसे बड़े समूह के रूप में भारतीय शामिल हैं। ब्रेवरमैन ने साप्ताहिक समाचार पत्रिका द स्पेक्टेटर को बताया कि मुझे भारत के साथ खुली सीमाओं वाली आव्रजन नीति को लेकर आपत्ति है क्योंकि मुझे नहीं लगता कि लोगों ने इसके लिए ब्रेक्जिट के पक्ष में मतदान किया था।
भारत-यूके एफटीए के तहत छात्रों और उद्यमियों के लिए वीजा में लचीलेपन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे कुछ आपत्तियां हैं। इस देश में प्रवासियों को देखें, तो ओवरस्टे करने वाले लोगों का जो सबसे बड़ा समूह भारतीय प्रवासियों का है। इस संबंध में बेहतर सहयोग के लिए हमने पिछले साल भारत सरकार के साथ एक समझौता भी किया था। लेकिन जरूरी नहीं कि इसके बहुत अच्छा नतीजे मिले हों। ब्रेवरमैन ने पिछले साल मई में गृह मंत्रालय में अपने पूर्ववर्ती भारतीय मूल की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच प्रवासन और मोबिलिटी साझेदारी (एमएमपी) का उल्लेख करते हुए यह बात कही थी।