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UK: भारतीय छात्रों के लिए अब और आसान होगी ब्रिटेन में पढ़ाई, NISU-ICEF ने लंदन में किया रणनीतिक गठजोड़

Sat, 29 Nov 2025 07:59 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 29 Nov 2025 07:59 AM IST
सार

भारतीय छात्रों के हितों की सुरक्षा और उनकी विदेश शिक्षा यात्रा को पारदर्शी बनाने के लिए एनआईएसएयू ब्रिटेन और आईसीईएफ ने लंदन में नई रणनीतिक साझेदारी की। यह गठजोड़ आवेदन से लेकर कोर्स पूरा होने तक छात्रों को भरोसेमंद मार्गदर्शन देगा, गलत जानकारी रोकेगा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व मानक सुधार को बढ़ावा देगा।

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Studying in the UK will now be easier for Indian students NISU-ICEF form a strategic alliance in London
भारतीय छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय छात्रों के हितों को सुरक्षित करने और उनकी विदेश शिक्षा यात्रा को अधिक पारदर्शी बनाने के लक्ष्य के साथ नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स एंड अलम्नी यूनियन (एनआईएसएयू) ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख संस्था आईसीईएफ ने शुक्रवार को लंदन में एक नया रणनीतिक साझेदारी समझौता किया। यह गठजोड़ भारत-ब्रिटेन शिक्षा क्षेत्र में सही, जिम्मेदार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं को बढ़ावा देगा। इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रों को आवेदन के शुरुआती चरण से लेकर कोर्स पूरा होने तक विश्वसनीय और तथ्य आधारित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

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एनआईएसएयू ब्रिटेन ने कहा कि यह सहयोग पारदर्शिता बढ़ाने, गलत जानकारी रोकने और मानक सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आईसीईएफ के सीईओ मार्कस बैडे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्पष्टता, पारदर्शिता और भरोसेमंद सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनआईएसएयू के साथ जुड़ने से दोनों संस्थाएं मिलकर सरहदों के पार एक बेहतर और सुरक्षित छात्र-केन्द्रित प्रणाली विकसित कर सकेंगी।
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विद्यार्थियों को मिलेगी नैतिक  और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
भारत-ब्रिटेन के बीच नैतिक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना, छात्रों और संस्थानों के लिए साझा गुणवत्ता मानक और दिशा-निर्देश तैयार करना और ऐसा संयुक्त डाटा और विश्लेषण तैयार करना, जो शिक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय बेस्ट प्रैक्टिस को प्रभावित कर सके। एनआईएसएयू की संस्थापक और चेयर सैनम अरोरा ने कहा कि आईसीईएफ की लंबे समय से गुणवत्ता पर जोर देने की नीति भारतीय छात्रों को सही समय पर सही सलाह सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि यह गठजोड़ छात्रों को भर्ती प्रक्रिया के केंद्र में रखने पर आधारित है।
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यह साझेदारी अवैध एजेंटों की गतिविधियों पर लगाम लगाएगी
शिक्षा नियमों और वीजा नीतियों में लगातार बदलाव के बीच विश्वसनीय जानकारी की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। दोनों संस्थाएं उम्मीद कर रही हैं कि यह साझेदारी भारत में अवैध एजेंटों की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद करेगी। इस दिशा में एनआईएसएयू ब्रिटेन ने दुनिया का पहला छात्र-केंद्रित एजेंट ऑफ द ईयर अवार्ड शुरू किया है, जो फरवरी 2026 में पहली बार दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उन एजेंटों को सम्मानित करना है जो पारदर्शिता, ईमानदारी और छात्र हित को सर्वोपरि रखते हैं। यह पुरस्कार लंदन में आयोजित होने वाले एनआईएसयू के अचीवर्स गाला में प्रदान किया जाएगा।

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