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बांग्लादेश: बंगबंधु का ऐतिहासिक भाषण चलाने पर छात्रों की पिटाई, अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर साधा निशाना

Mon, 09 Mar 2026 04:34 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका। Published by: Nirmal Kant Updated Mon, 09 Mar 2026 04:34 PM IST
सार

बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के 7 मार्च 1971 के ऐतिहासिक भाषण चलाने पर बांग्लादेश में छात्रों और नागरिकों को गिरफ्तार किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। अवामी लीग ने मौजूदा सरकार और बीएनपी पर इतिहास को कमजोर करने का आरोप लगाया। पढ़ें रिपोर्ट-

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Students assaulted, arrested for playing Bangabandhu's 1971 speech: Awami League
अवामी लीग, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बांग्लादेश अवामी लीग ने सोमवार को कहा कि ढाका विश्वविद्यालय के कई छात्रों और अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई और उन्हें यातना दी गई। उन्हें केवल इसलिए गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि वे बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान का सात मार्च 1971 का ऐतिहासिक भाषण चला रहे थे। अवामी लीग ने तारीक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की आलोचना की। 
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अवामी लीग ने कहा कि मौजूदा सरकार उसी रास्ते पर चलती हुई दिखाई दे रही है, जिस पर पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार चली थी। यूनुस की अंतरिम सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति युद्ध के इतिहास को तेजी से कमजोर किया गया। 
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अवामी लीग ने क्या आरोप लगाया?
पार्टी ने आरोप लगाया कि बंगबंधु के सात मार्च के ऐतिहासिक भाषण को चलाने को अपराध मानते शाहबाग थाने ने शनिवार को ढाका विश्वविद्यालय के कई छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी से पहले छात्रों के साथ चरमपंथियों ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें यातना दी गई। 
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किन लोगों पर कार्रवाई हुई?
अवामी लीग के मुताबिक, कई रिक्शा चालकों को भी धनमंडी 32 स्थित बंगबंधु के घर से गिरफ्तार किया गया है। यह वही ऐतिहासिक जगह है, जिस पर पहले ही चरमपंथियों ने हमले किए हैं और तोड़फोड़ की है और इसे खंडहर में बदल दिया है। बताया जा रहा है कि ये लोग बांग्लादेश के राष्ट्रपति की स्मृति को सम्मान देने के लिए वहां पहुंचे थे।

पार्टी ने कहा कि बाद में इन लोगों को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत दर्ज मामलों में अदालत में पेश किया गया। इसी तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में भी कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसी कारण परेशान किया गया और उन पर भीड़ के हमले भी हुए। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या देश में सच में कोई काम करने वाली सरकार है।

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7 मार्च 1971 का महत्व क्या है?
1971 में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध की शुरुआत करने वाले इस भाषण के महत्व को बताते हुए अवामी लीग ने कहा कि बांग्लादेश राष्ट्र की स्थापना के लिए निर्णायक संघर्ष 7 मार्च 1971 को शुरू हुआ और 10 जनवरी 1972 को खत्म हुआ। 7 मार्च को बंगबंधु के ऐतिहासिक भाषण से शुरू हुआ यह युद्ध राष्ट्रपिता की अपने देश वापसी के साथ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा।

'इतिहास को मिटाने की कोशिश हो रही'
पार्टी ने यह भी कहा कि पहले बांग्लादेश की कई सैन्य, नागरिक और तथाकथित नागरिक समाज सरकारों ने देश के इतिहास से 7 मार्च को मिटाने की कोशिश की थी। लेकिन जनता की स्वतःस्फूर्त स्मृति ने इस दिन के महत्व को और बढ़ा दिया। 
 




 
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