फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Stranded container ship blocking the Suez Canal was re floated

राहत: स्वेज नहर में फंसा मालवाहक पोत निकला, जलमार्ग खुला

Mon, 29 Mar 2021 10:18 AM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा Published by: प्रियंका तिवारी Updated Mon, 29 Mar 2021 10:18 AM IST
सार

स्वेज नहर में फंसा जहाज एवर गिवेन छह दिन बाद निकलने में सफल हो गया है। अब यह जहाज अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। इस जहाज पर सवार चालक दल के सभी 25 भारतीय सदस्य सुरक्षित हैं। जाम में फंसे सभी पोतों को निकालने में 10 दिन लग सकते हैं।

विज्ञापन
Stranded container ship blocking the Suez Canal was re floated
मिस्र के स्वेज नहर में फंस गया था विशालकाय कंटेनर जहाज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

स्वेज नहर में करीब एक सप्ताह से फंसे विशालकाय मालवाहक पोत को अंतत: निकाल लिया गया है। इसके बाद विश्व के इस सबसे अहम जलमार्ग पर यातायात सुचारू हो गया है और एक बड़ा संकट भी खत्म हो गया है। पोत के फंसे होने से समुद्री परिवहन में प्रतिदिन अरबों डॉलर का नुकसान होता रहा है।

विज्ञापन


रेतीले किनारे पर अटके ‘एवर गिवेन’ नामक पोत को निकालने में कई ‘टगबोट’ का इस्तेमाल किया गया जहां वह 23 मार्च से फंसा हुआ था। इसे निकालने के लिए ‘बोस्कालिस’ कंपनी की मदद ली गई। कंपनी के सीईओ पीटर बरडोस्की ने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे विशेषज्ञों के दल ने स्वेज नहर प्राधिकरण के सहयोग से एवर गिवेन को सफलतापूर्वक जल के बीच में दोबारा लाने में कामयाबी हासिल की है। इसके बाद स्वेज नहर में आवागमन बहाल हो गया।
विज्ञापन


स्वेज नहर प्राधिकरण के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ओसामा रबेई ने कहा कि नहर में सबसे पहले पशुओं को ढोने वाले पोतों को जाने दिया गया। उन्होंने कहा, यहां फंसे 420 में से 113 पोतों को जल्द निकाल दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां फंसे सभी पोतों को निकालने में 10 दिन का समय लग सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मालवाहक पोत की जांच जारी
स्वेज नहर में लगभग एक सप्ताह तक फंसे रहने के बाद निकाले गए विशालकाय मालवाहक पोत ‘एवर गिवेन’ पर मंगलवार को विशेषज्ञ पहुंचे और वे पोत के धंसने के कारणों की जांच कर रहे हैं। पोत को निकालने के बाद उसे नहर के उत्तरी-दक्षिणी सिरे के बीच लंगर डाल कर खड़ा किया है। विशेषज्ञ संभावित क्षति का पता लगा रहे हैं। इंजीनियर पता कर रहे हैं कि पोत नीदरलैंड स्थित गंतव्य के लिए कब रवाना हो सकता है।

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को इस मार्ग पर सौ से ज्यादा जहाज जाम में फंसे गए थे। इस जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं। सभी भारतीय चालक पूरी तरह से सुरक्षित बताए गए हैं। इससे हर घंटे 2800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 

जानकारी के अनुसार इस विशाल मालवाहक जहाज 'एवर गिवेन' पर पनामा का झंडा लगा हुआ है। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। मंगलवार सुबह स्वेज पोर्ट के उत्तर में नहर को पार करने के दौरान कंट्रोल खोने से यह जहाज स्वेज नहर में फंस गया। इसे निकालने के लिए बड़े पैमाने पर टगबोट्स (जहाजों को धक्का देने वाली ताकतवर बोट) को तैनात किया गया।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एवर गिवेन नामक इस जहाज के चालक दल ने बताया कि स्वेज नहर को पार करते समय आए हवा के एक तेज बवंडर के कारण उनका शिप घूम गया। बाद में जब उसे सीधा करने का प्रयास किया, तो जहाज ने नहर की चौड़ाई में घूमकर पूरे ट्रैफिक को ही बंद कर दिया। इस जहाज के पीछे एक और मालवाहक जहाज द मेर्सक डेनवर भी फंस गया। इतना ही नहीं, एवर गिवेन शिप के फंसने से लाल सागर और भूमध्य सागर के किनारों पर बड़ी संख्या में जहाजों का जाम लगा गया।


इसी नहर के रास्ते हर दिन हजारों की संख्या में छोटे बड़े शिप यूरोप से एशिया और एशिया से यूरोप का सफर करते हैं। लंबे समय तक इस रास्ते के बंद रहने से कुछ समुद्री जहाजों को पूरे अफ्रीका महाद्वीप का चक्कर लगाते हुए यूरोप तक जाना पड़ा। ऐसे में अधिक समय लगने के साथ-साथ इसमें अधिक खर्च भी हुआ। इससे दुनिया भर की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed