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आतंकी हमलों के लिए चीन, पाकिस्तान को दोष देना बंद करे भारत: चीनी मीडिया
Tue, 19 Feb 2019 10:17 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Tue, 19 Feb 2019 10:17 AM IST
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मसूद अजहर
चीन की मीडिया ने पुलवामा हमले को लेकर कहा है कि भारत को बिना सबूत के हमले का दोष पाकिस्तान पर लगाने की बजाय अपनी आतंक विरोध नीति को दोबारा बनाने पर ध्यान देने की जरूरत है। उसने कहा है कि भारत को बिना किसी सबूत के संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी के तौर पर सूचीबद्ध करने के प्रयासों को रोकने के लिए चीन को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
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चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत अजहर के खिलाफ सबूत देने में नाकाम रहा है और चीन ने अजहर को आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करने के प्रति सावधानी बरती है।
बता दें 14 फरवीर को पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया। इसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गए जबकि पांच घायल हुए थे। ये एक आत्मघाती हमला था। जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जिसे संयुक्त राष्ट्र भी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है।
ये सारी जानकारी नेशनलिस्ट टैबलॉइड ग्लोबल टाइम्स के पीपल्स डेली में पब्लिश की गई है। जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का मुखपत्र है। हमले को लेकर भारत सरकार के सभी दावों को इसमें खारिज किया गया है।
इस आर्टिकल में कहा गया है, "ठोस सबूत के बिना भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान पर जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों और चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन प्रदान करने के लिए आतंकवादी हमलों को प्रायोजित करने का आरोप लगाया है।"
इसमें आगे लिखा है, "अन्य देश खास तौर पर चीन और पाकिस्तान पर दोष लगाने से बेहतर भारत सरकार को अपनी आतंक विरोधी नीति पर आत्मनिरीक्षण और कश्मीर के भारत-नियंत्रित हिस्से को बेहतर तरीके से संचालित करने के तरीके पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।" अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए बीजिंग ने कई बार अपना रुख बदला है क्योंकि नई दिल्ली ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है। चीन के पास मुद्दे को सावधानी से संभालने के लिए कई वजह हैं।
पर्यवेक्षकों को चिंता है कि भारत द्वारा पाकिस्तान पर अपने सैन्य दबाव को बढ़ाने के लिए अजहर को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, इस प्रकार दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ जाएगा। इस आर्टिकल में चीन ने इस बात को भी खारिज किया है कि चीन अजहर को लेकर भारत की मांग को नहीं मानता और आतंकवाद को समर्थन देता है।
इनमें आगे कहा गया है कि भारत ने कुछ सालों में आतंकियों को पालने को लेकर पाकिस्तान के साथ चीन पर भी आरोप लगाए हैं। चीन ने कहा है कि उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के आतंकवाद विरोधी प्रयासों का समर्थन करने का संकल्प लिया है और आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत और बाकी देशों के साथ खड़ा है।
आतंकवादी हमले के लिए चीन और पाकिस्तान को दोषी ठहराने से पड़ोसी देशों में भारतीयों की चिंता बढ़ जाएगी। भाजपा सरकार के कड़े रुख से सत्ताधारी पार्टी को अधिक समर्थन जीतने में मदद मिल सकती है। लेकिन यह भारत में पार्टियों के राजनीतिक हितों के लिए आतंकवाद विरोधी सहयोग को जोखिम में डाल रहा है।