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छिपकर दबोच रहा यह स्ट्रेन: नया खतरा बना 'स्टील्थ ओमिक्रॉन', आरटी-पीसीआर की भी पकड़ में नहीं आता
Mon, 24 Jan 2022 08:27 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 24 Jan 2022 08:27 AM IST
सार
इस बीए.2 स्ट्रेन से खतरा ज्यादा है, क्योंकि यह गुप्त स्वरूप आरटी-पीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे रहा है। इसके कारण यूरोप में नई कोरोना लहर का खतरा पैदा हो गया है।
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Omicron
- फोटो : iStock
विस्तार
कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया का जीना मुहाल कर रखा है। इसके अनगिनत व नित नए स्वरूपों ने आम जनता के साथ ही वैज्ञानिकों को भी परेशान कर रखा है। अब यूरोप में ओमिक्रॉन वैरिएंट का नया उप स्वरूप (sub-strain) मिला है, जिसे 'स्टील्थ ओमिक्रॉन' कहा जा रहा है।
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इस बीए.2 स्ट्रेन (BA.2 sub-strain) से खतरा ज्यादा है, क्योंकि यह गुप्त स्वरूप आरटी-पीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे रहा है। इसके कारण यूरोप में नई कोरोना लहर का खतरा पैदा हो गया है। ब्रिटेन ने कहा है कि 40 से अधिक देशों में कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट की इस नई उप-प्रजाति का पता चला है। यह कोरोना के महत्वपूर्ण टेस्ट आरटी-पीसीआर में पकड़ में नहीं आता है। बीए.2 उप स्वरूप यूरोप में तेजी से फैल रहा है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ओमिक्रॉन की तीन उप प्रजातियां बीए.1, बीए.2 और बीए.3 हैं। बीए.1 उप स्वरूप पूरी दुनिया में पाया गया है। अब बीए.2 प्रजाति तेजी से फैल रही है। डेनमार्क की बात करें तो 20 जनवरी तक देश में बीए.2 उप प्रजाति के संक्रमितों की संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में लगभग आधी हो गई है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बीए.2 स्ट्रेन को जल्द 'वैरिएंट आफ कंसर्न' के रूप में घोषित किया जा सकता है।
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भारत में भी मिला यह स्टील्थ स्ट्रेन
ब्रिटेन व डेनमार्क के अलावा बीए.2 स्ट्रेन स्वीडन, नार्वे और भारत में भी मिलने की खबर है। भारत और फ्रांस के वैज्ञानिकों ने भी इस नए स्वरूप को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह बीए.1 को पछाड़ सकता है। यानी इसके मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। ब्रिटेन ने 10 जनवरी तक BA.2 उप स्वरूप की पहचान की थी।