US: ट्रंप प्रशासन के खिलाफ 20 राज्यों का बड़े मुकदमे की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर उठाए सवाल
हजारों कर्मचारियों की अवैध बर्खास्तगी को लेकर मैरीलैंड और 19 अन्य राज्य ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा करने की तैयारी कर रहे है। राज्यों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हजारों संघीय कर्मचारियों को अवैध तरीके से निकाल दिया है।
विस्तार
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के द्वारा हजारों संघीय कर्मचारियों को बर्खास्त करने पर विरोध की राजनीति शुरू हो गई है। इसको लेकर मैरीलैंड और 19 अन्य राज्य संघीय एजेंसियों पर मुकदमा करने की तैयारी कर रहे है। मामले में उनका आरोप है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हजारों संघीय कर्मचारियों को अवैध तरीके से निकाल दिया है।
बता दें कि मैरीलैंड के अटॉर्नी जनरल एंथनी ब्राउन इस मुकदमे में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जिसे गुरुवार रात मैरीलैंड में दायर किया गया। इसको लेकर राज्य की सरकार का कहना है कि लगभग 10% परिवारों को संघीय सरकार से वेतन मिलता है, और इन कर्मचारियों की बर्खास्तगी से उन परिवारों की जीवन-यापन पर बड़ा असर पड़ेगा।
मैरीलैंड के डेमोक्रेट गवर्नर ने दी जानकारी
मामले में मैरीलैंड के डेमोक्रेट गवर्नर वेस मूर ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई सैकड़ों हजारों लोगों की ज़िंदगी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और इससे करोड़ों डॉलर की आय की कमी हो सकती है। अटॉर्नी जनरल ब्राउन ने शुक्रवार को मैरीलैंड की संघीय अदालत में एक अस्थायी आदेश के लिए याचिका दायर की, जिसमें और बर्खास्तगी को रोकने और पहले से बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की गई।
साथ ही इस मुकदमे में यह भी कहा गया है कि इन बर्खास्तगीयों से राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, क्योंकि उन्हें बेरोजगार हुए कर्मचारियों को सहारा देने के लिए बेरोजगारी लाभ देने की प्रक्रिया को संभालना होगा। ब्राउन के कार्यालय ने बताया कि मैरीलैंड में 800 से अधिक बर्खास्त कर्मचारियों ने पहले ही बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन किया है।
मामले में ट्रंप की सफाई
वहीं इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे संघीय सरकार में धोखाधड़ी, अपव्यय और दुरुपयोग को खत्म करना चाहते हैं। उनके सलाहकार, एलन मस्क की अगुवाई में सरकारी दक्षता विभाग ने नए और पुराने दोनों कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई। इस फैसले के बाद कई मुकदमे दायर किए गए, क्योंकि यूनियन और अटॉर्नी जनरल ने इस बर्खास्तगी को गलत बताया। व्हाइट हाउस और न्याय विभाग से टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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