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श्रीलंका में हालात बिगड़े: सरकारी खजाना खाली, बिजली बचाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद करने की तैयारी

Thu, 31 Mar 2022 08:29 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Amit Mandal Updated Thu, 31 Mar 2022 08:29 PM IST
सार

बिजली कटौती ने पहले से ही आवश्यक वस्तुओं की किल्लत से जूझ रहे श्रीलंकाई लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है और कीमतों में उछाल आ रहा है। 

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Sri Lanka To Turn Off Street Lights In Deepening Economic Crisis
श्रीलंका सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

श्रीलंका की आर्थिक स्थिति लगातार चरमरा रही है। अब वह बिजली बचाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद कर रहा है। एक मंत्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दशकों अपने सबसे खराब आर्थिक संकट ने और अधिक बिजली कटौती को मजबूर कर दिया है। यहां मुख्य शेयर बाजार में कारोबार को भी रोक दिया गया है। 2.2 करोड़ लोगों का द्वीप दिन में 13 घंटे तक ब्लैकआउट से जूझ रहा है क्योंकि सरकार के पास ईंधन आयात के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं है। बिजली मंत्री पवित्रा वनियाराची ने संवाददाताओं से कहा कि हमने पहले ही अधिकारियों को बिजली बचाने में मदद करने के लिए देश भर में स्ट्रीट लाइट बंद करने का निर्देश दिया है। 

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खाद्य मुद्रास्फीति 30.2% तक पहुंची 
बिजली कटौती ने पहले से ही आवश्यक वस्तुओं की किल्लत से जूझ रहे श्रीलंकाई लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है और कीमतों में उछाल आ रहा है। सांख्यिकी विभाग ने गुरुवार को कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 18.7% पर पहुंच गई। मार्च में खाद्य मुद्रास्फीति 30.2% तक पहुंच गई, जो आंशिक रूप से मुद्रा अवमूल्यन और पिछले साल रासायनिक उर्वरकों पर प्रतिबंध के बाद ऐसा हुआ, हालांकि इसे बाद में उलट दिया गया था। फर्स्ट कैपिटल रिसर्च के शोध प्रमुख दिमंथा मैथ्यू ने कहा कि श्रीलंका ने एक दशक से अधिक समय में मुद्रास्फीति का सबसे खराब दौर का अनुभव किया है। 
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डीजल शिपमेंट का हो रहा इंतजार
वन्नियाराची ने कहा कि शनिवार को भारत से 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद के तहत डीजल शिपमेंट की उम्मीद थी, हालांकि इससे हालात सुधरने की उम्मीद नहीं है। मंत्री ने कहा कि एक बार इसके आने के बाद हम लोड शेडिंग की अवधि को कम कर सकेंगे, लेकिन जब तक बारिश नहीं होती है, शायद मई में कुछ समय के लिए बिजली कटौती जारी रखनी होगी। हम और कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पनबिजली परियोजनाओं को चलाने वाले जलाशयों में जल स्तर रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है, जबकि गर्म, शुष्क मौसम के दौरान मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।
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बता दें कि श्रीलंका पर कई देशों का कर्ज है। यहां जनवरी में विदशी मुद्रा भंडार 70 फीसदी से ज्यादा घटकर 2.36 अरब डॉलर रह गया था, जिसमें लगातार गिरावट आती जा रही है। विदेशी मुद्रा की कमी के चलते ही देश में ज्यादातर जरूरी सामानों दवा, पेट्रोल-डीजल का विदेशों से आयात नहीं हो पा रहा है। बीते दिनों आई रिपोर्ट की मानें तो देश में कुकिंग गैस और बिजली की कमी के चलते करीब 1,000 बेकरी बंद हो चुकी हैं और जो बची हैं उनमें भी उत्पादन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
 

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