{"_id":"616ca03090b72161c079ff8e","slug":"sri-lanka-seeks-500-million-dollars-loan-from-india-to-pay-for-crude-oil-due-to-the-foreign-exchange-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीलंका : विदेशी मुद्रा संकट के चलते कच्चे तेल के भुगतान के लिए भारत से मांगा 50 करोड़ डॉलर का कर्ज","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
श्रीलंका : विदेशी मुद्रा संकट के चलते कच्चे तेल के भुगतान के लिए भारत से मांगा 50 करोड़ डॉलर का कर्ज
Mon, 18 Oct 2021 03:44 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कोलंबो
एजेंसी, कोलंबो
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 18 Oct 2021 03:44 AM IST
सार
श्रीलंका की सरकारी तेल कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सीपीसी) पर पहले से देश के दो प्रमुख सरकारी बैंकों का बकाया है। सीपीसी पर बैंक ऑफ़ सीलोन और पीपल्स बैंक का लगभग 3.3 अरब डॉलर का बकाया है। जिसके भुगतान के लिए श्रीलंका ने भारत से 50 करोड़ डॉलर का कर्ज मांगा है।
विज्ञापन
india and sri lanka flag
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीलंका ने देश में गंभीर विदेशी मुद्रा संकट के बीच कच्चे तेल के भुगतान के लिए भारत से 50 करोड़ डॉलर का कर्ज मांगा है। यह कदम ऊर्जा मंत्री उदय गम्मनपिला के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने चेतावनी देते कहा था कि देश में ईंधन की वर्तमान उपलब्धता की गारंटी अगले साल जनवरी तक ही दी जा सकती है।
विज्ञापन
देश की सरकारी तेल कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सीपीसी) पर पहले से देश के दो प्रमुख सरकारी बैंकों का बकाया है। सीपीसी पर बैंक ऑफ़ सीलोन और पीपल्स बैंक का लगभग 3.3 अरब डॉलर का बकाया है। सीपीसी मध्य पूर्व से कच्चे तेल और सिंगापुर सहित अन्य क्षेत्रों से परिष्कृत उत्पादों का आयात करती है।
विज्ञापन
स्थानीय समाचार वेबसाइट न्यूज़फर्स्ट.एलके ने सीपीसी के चेयरमैन सुमित विजयसिंघे के हवाले से कहा कि हम वर्तमान में भारत-श्रीलंका आर्थिक साझेदारी व्यवस्था के तहत 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा पाने के लिए यहां भरतीय उच्चायोग के साथ बात कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस कर्ज सुविधा का उपयोग पेट्रोल और डीजल आवश्यकताओं की खरीद के लिए किया जाएगा। रिपोर्ट में वित्त सचिव एसआर अट्टीगले के हवाले से कहा गया है कि ऋण के लिए भारत और श्रीलंका दोनों के ऊर्जा सचिवों के जल्द ही एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।