श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी उम्मीदवार गोटाबाया राजपक्षे की जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई
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श्रीलंका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार गोटबाया राजपक्षे ने जीत हासिल की है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार सजीत प्रेमदास को बड़े अंतर से हराया। गृह युद्ध काल में विवादित रक्षा सचिव रहे गोटबाया देश के नए राष्ट्रपति होंगे और इसके साथ ही चीन की ओर झुकाव रखने के लिए जाना जाने वाला शक्तिशाली राजपक्षे परिवार सत्ता में वापसी करेगा। श्रीलंका की सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार सजीत प्रेमदास ने देश में राष्ट्रपति पद के चुनाव में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी गोटबाया राजपक्षे के हाथों अपनी हार रविवार को स्वीकार कर ली।
जिसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोटबाया राजपक्षे को जीत की बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति चुनावों में जीत के लिये आपको बधाई गोटबाया। मैं, हमारे दोनों देशों और नागरिकों के बीच घनिष्ठ तथा भाइचारे वाले संबंधों को और अधिक मजबूत करने, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में सुरक्षा के लिये आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं।
PM Modi: Congratulations Gotabaya Rajapaksa on your victory in Sri Lanka Presidential elections. I look forward to working closely with you for deepening close&fraternal ties between our 2 countries & citizens & for peace, prosperity as well as security in our region. (File Pics) pic.twitter.com/75cVmYWj6M
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— ANI (@ANI) November 17, 2019
"हम श्रीलंका के लिए नई यात्रा शुरू कर रहे हैं"
जीत के बाद 70 वर्षीय सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल गोटबाया राजपक्षे ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से जश्न मनाने की अपील की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हम श्रीलंका के लिए नई यात्रा शुरू कर रहे हैं, ऐसे में हमें यह याद रखना चाहिए कि श्रीलंका के सभी लोग इस यात्रा का हिस्सा हैं। आइए शांतिपूर्वक, गरिमा और अनुशासन के साथ उसी तरह जश्न मनाएं जिस प्रकार हमने प्रचार मुहिम की थी।
प्रेमदास ने निर्वाचन सचिवालय की ओर से परिणाम की आधिकारिक घोषणा से भी पहले चुनाव में हार स्वीकार करते हुए यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के उपनेता के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। मालूम हो कि प्रेमदास को देश के तमिल बहुल उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ज्यादा वोट मिले हैं, जबकि सिंहली बहुल जिलों में राजपक्षे आगे रहे। चुनाव में 80 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
गोटबाया को बधाई देना मेरा सौभाग्य: प्रेमदास
सत्तारूढ़ यूएनपी के उम्मीदवार प्रेमदास ने कहा कि लोगों के निर्णय का सम्मान करना और श्रीलंका के सातवें राष्ट्रपति के तौर पर चुने जाने के लिए गोटबाया राजपक्षे को बधाई देना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं हमारे उन नागरिकों का आभारी हूं जिन्होंने मेरे लिए मतदान किया। मैं आभारी हूं कि आपने मुझमें अपना भरोसा दिखाया। आपका समर्थन मेरे पूरे राजनीतिक करियर की ताकत का आधार रहा है।
विक्रमसिंहे देंगे इस्तीफा तो बड़े भाई को पीएम बनाएंगे गोटबाया
इस बीच, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंहे के पद से हटने की संभावना है। मौजूदा संसद को कम के कम अगले साल फरवरी से पहले भंग नहीं किया जा सकता। विक्रमसिंघे को तब तक पद से हटाया नहीं जा सकता, जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते। ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति बनने के बाद गोटबाया राजपक्षे अपने बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे।
महिंदा ने तमिल अलगाववादी युद्ध को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके कारण वह सिंहली बौद्ध बहुल समुदाय के प्रिय बन गए। गोटबाया उनके शीर्ष रक्षा मंत्रालय अधिकारी थे जिन्होंने लिट्टे के खिलाफ सैन्य अभियान की निगरानी की। गोटबाया की जीत राजपक्षे परिवार को फिर से देश की सत्ता में ले आई है। महिंदा राजपक्षे पिछले राष्ट्रपति चुनाव में आश्चर्यजनक रूप से हार गये थे।
सिरिसेना ने नहीं लड़ा था चुनाव
बता दें कि वर्ष 2015 में राष्ट्रपति चुने गए सिरिसेना इस बार चुनाव नहीं लड़ा। श्रीलंका में राष्ट्रपति सिरिसेना के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए शनिवार को मतदान हुआ था। मतदान से कुछ घंटे पहले उत्तर-पश्चिम श्रीलंका में अल्पसंख्यक मुस्लिम मतदाताओं को ले जा रही बसों के एक काफिले पर कुछ बंदूकधारियों ने हमला भी किया था।
राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार कुल मिलाकर लगभग 80 फीसदी मतदान हुआ। मतदान संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पत्रकारों से कहा कि हमने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जिससे हम सभी खुश हो सकते हैं।