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Sri Lanka: श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, स्थानीय तमिलों के साथ संबंध सुधारने पर हुई चर्चा

Wed, 26 Jul 2023 04:53 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 26 Jul 2023 04:53 PM IST
सार

राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे बुधवार को श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिलों के जातीय मेल-मिलाप के जटिल मुद्दे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक करेंगे।

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Sri Lanka President Wickremesinghe to hold all party meeting on reconciliation of minority Tamils
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिलों के जातीय मेल-मिलाप के जटिल मुद्दे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक की। हाल ही भारत दौरे पर आए विक्रमसिंघे ने पीएम मोदी से वहां रह रहे तमिलों के साथ संबंध सुधारने पर भी बातचीत की थी। 

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जानिए क्या बोले राष्ट्रपति
राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बुधवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में कहा कि अल्पसंख्यक तमिलों के जातीय मेल-मिलाप के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को बातचीत में शामिल होना होगा, जिससे एक आम सहमति बन सके। राजनीतिक दलों के बीच सहमति, 13 (ए) के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है। विक्रमसिंघे ने जोर देते हुए कहा कि 13 (ए) पर बातचीत केवल तमिल पार्टियों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नौ प्रांतों में से सात प्रांत सिंहली बहुल क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रांतीय परिषदों को कृषि और पर्यटन जैसी शक्तियां प्रदान की जानी चाहिए। बता दें, फिलहाल यह शक्तियां केंद्र सरकार के पास हैं। प्रांतीय परिषदों को जमीनी स्तर पर मामलों का संचालन करना चाहिए। राष्ट्रपति का कहना है कि केंद्र को नीतियां बनानी चाहिए। जबकि, प्रांतीय परिषदों को विकास कार्य करने की ताकत दी जानी चाहिए।
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श्रीलंका की विपक्षी पार्टियां बंटी नजर आईं
दिल्ली यात्रा से पहले, विक्रमसिंघे ने उत्तर और पूर्वी प्रांतों में प्रतिनिधित्व करने वाली तमिल पार्टियों के साथ एक बैठक में प्रांतों को पुलिस शक्तियां दिए बिना सर्वदलीय सहमति से श्रीलंकाई संविधान में 13वें संशोधन (13ए) के पूर्ण कार्यान्वयन पर सहमति व्यक्त की थी। सर्वदलीय सम्मेलन में भागीदारी को लेकर श्रीलंका की विपक्षी पार्टियां बंटी हुई नजर आईं। जबकि राष्ट्रीय सुलह पर सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों और स्वतंत्र समूहों के नेताओं को निमंत्रण दिया गया था, कुछ विपक्षी दलों ने दावा किया है कि उन्हें सटीक एजेंडे की जानकारी नहीं है। 
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श्रीलंकाई संसद में मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने कहा कि हमें बैठक के एजेंडे के बारे में सूचित नहीं किया गया है। लेकिन हम लोगों की खातिर इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समागी जन बालवेगया (एसजेबी) ने बैठक से बाहर निकलने का अधिकार सुरक्षित रखा है अगर यह वास्तविक प्रयास के बजाय राजनीतिक नौटंकी साबित हुई। जबकि दूसरे सबसे बड़े विपक्षी समूह जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) ने कहा कि वे इसमें भाग नहीं लेंगे, अन्य राजनीतिक दलों ने कहा कि वे भाग लेंगे। पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी के दयासिरी जयसेकेरा ने कहा कि हम बैठक में भाग लेने जा रहे हैं।
 

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