फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lanka minister Samaraweera says government is trying to save suspects of Easter attacks news in Hindi

श्रीलंका में विवाद: ईस्टर हमलों को लेकर मंत्री ने ही लगाया आरोप, संदिग्धों को बचाने की कोशिश कर रही सरकार

Tue, 21 Dec 2021 07:09 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलंबो
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलंबो Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 21 Dec 2021 07:09 PM IST
सार

श्रीलंका में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टी एनएफएफ के एक नेता और मंत्री ने देश की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

विज्ञापन
Sri Lanka minister Samaraweera says government is trying to save suspects of Easter attacks news in Hindi
Sri Lanka Flag - फोटो : Pixabay

विस्तार

राष्ट्रपति गोतबाया के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन श्रीलंका पोडुजना पेरामुना (एसएलपीपी) के एक घटक दल ने ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में कथित आरोपी डॉ. शफी शाहबदीन को दी गई रियायत को लेकर सरकार की आलोचना की है। डॉ. शाहबदीन पर कुरुनेगला क्षेत्र में सिंहली समुदाय की महिलाओं का बिना उनकी सहमति के परिवार नियोजन का ऑपरेशन करने का इल्जाम भी है। सरकार ने डॉ. शफी के वेतन का भुगतान शुरू करने का आदेश दिया है। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल नेशनल फ्रीडम फ्रंट (एनएफएफ) का इल्जाम है कि इस सरकारी रहम से डॉ. शफी पर चल रहे मुकदमे कमजोर हो गए हैं। 
विज्ञापन

एनएफएफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आरोप लगाया कि सरकार कई जांचों को कमजोर कर रही है। उनमें ईस्टर संडे के हमले भी शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस को राज्यमंत्री जयंत समरावीरा ने संबोधित किया। उन्होंने डॉ. शफी को नौकरी पर बहाल करने और उन्हें वेतन के भुगतान का आदेश देने के लिए श्रीलंका के लोक सेवा आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय की कड़ी आलोचना की।
विज्ञापन

पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 17 दिसंबर को ही ये साफ कर दिया था कि डॉ. शफी को नौकरी पर बहाल नहीं किया गया है। सिर्फ पिछले वेतन के भुगतान का आदेश दिया गया है। ऐसे में समरावीरा ने मंत्री रहते हुए ऐसे आरोप क्यों लगाए, इसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। डॉ. शफी पहले कुरुनेगला अस्पताल के निदेशक थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कछुए की रफ्तार से चल रही है डॉ. शफी के खिलाफ जांच
एनएफएफ के श्रीलंका की संसद में छह सदस्य हैं। समरावीरा एनएफएफ संसदीय दल के नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. शफी शाहबदीन के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई कछुए की रफ्तार से चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. शफी को बचाने की कोशिश हो रही है। इसीलिए आरोप लगने के बाद उन्हें लंबी छुट्टी पर भेजा गया था। जबकि जरूरत इस बात की थी कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती।
 
समरावीरा ने ये इल्जाम दोहराया कि डॉ. शफी का संबंध 2019 में हुए ईस्टर संडे आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड जहरान हाशिम से रहा है। उन्होंने हाशिम के एक सहयोगी को 44 करोड़ रुपए दिए थे। समरावीरा ने कहा कि ये बात ईस्टर संडे हमलों से जुड़े मामले में हुई एक गिरफ्तारी से सामने आई थी। ईस्टर संडे हमलों में दो सौ से अधिक लोग मारे गए थे। समरावीरा ने कहा कि डॉ. शफी के कुरुनेगला अस्पताल का निदेशक रहने के समय वहां आठ हजार महिलाओं के परिवार नियोजन संबंधी ऑपरेशन किए गए। उनमें से 601 महिलाओं ने अपने बयान में कहा था कि इस ऑपरेशन के लिए उनकी सहमति नहीं ली गई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर दिया आरोपों का जवाब
समरावीरा के आरोपों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जून 2019 में डॉ. शफी को एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के मुताबिक लंबी छुट्टी पर भेजा गया था। उस समिति ने सिंहला महिलाओं के परिवार नियोजन ऑपरेशन से जुड़े आरोप की जांच की थी। इस बीच डॉ. शफी ने कोर्ट से जमानत हासिल कर ली। इसके बावजूद उन्हें लंबी छुट्टी पर ही रखा गया। लेकिन कानून के तहत उन्हें उनके वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed