{"_id":"629f4a7002f2db4c0b045d1f","slug":"sri-lanka-crisis-sri-lanka-seeks-usd-55-million-loan-from-india-for-buying-fertiliser","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sri Lanka Crisis: श्रीलंका ने भारत से मांगा साढ़े पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज, यूरिया खरीद में करेगा इस्तेमाल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Sri Lanka Crisis: श्रीलंका ने भारत से मांगा साढ़े पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज, यूरिया खरीद में करेगा इस्तेमाल
Tue, 07 Jun 2022 06:54 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 07 Jun 2022 06:54 PM IST
सार
कैबिनेट ने कृषि के लिए यूरिया खरीदने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रधान मंत्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने कहा कि भारत सरकार निर्यात-आयात बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 55 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण प्रदान करने पर सहमत हो गई है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के उनके समकक्ष रानिल विक्रमसिंघे
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विदेशी मुद्रा के अति गंभीर संकट से जूझ रहे श्रीलंका ने उर्वरक खरीदने के लिए भारत से मदद की अपील की है। द्वीप राष्ट्र ने उर्वरक खरीदने के लिए 55 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कर्ज मांगा है। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि गंभीर आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में खाद्य संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
कैबिनेट ने दी मंजूरी
एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने कृषि के लिए यूरिया खरीदने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रधान मंत्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने कहा कि भारत सरकार निर्यात-आयात बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 55 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण प्रदान करने पर सहमत हो गई है। बता दें कि श्रीलंका सरकार 2022-23 महा' फसल सीजन के लिए यूरिया की खरीद के लिए भारत से ऋण ले रही है।
विज्ञापन
सरकार ने किसानों से की अपील
श्रीलंका के नवनियुक्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने हाल ही में चल रहे आर्थिक संकट के कारण देश में खाद्य संकट पैदा होने की चेतावनी दी थी। विश्लेषकों के मुताबिक अपने इसी आकलन के कारण अब सरकार अनाज पैदावार बढ़ाने की नई योजना बना रही है। अमरावीरा ने कहा- ‘यह स्पष्ट है कि खाद्य हालात बदतर हो रहे हैं। ऐसे में हम किसानों से गुजारिश करते हैं कि वे अगले पांच से दस दिन तक अपने खेतों में जाएं और अधिक मात्रा में धान की रोपाई करें।’
विज्ञापन
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि किसानों को हो रही उर्वरकों की कमी को दूर करने के लिए अगर जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी तो आने वाले पांच से छह महीने के भीतर देश में खाद्यान की मौजूदा कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
राष्ट्रपति के फैसले से देश परेशान
गौरतलब है कि पिछले साल राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के रासायनिक उर्वरक आयात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के कारण देश को लगभग 50 प्रतिशत फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उनके इस निर्णय का किसानों ने व्यापक रूप से विरोध किया था, लेकिन सरकार ने अपने उस फैसले को जैविक उर्वरक के साथ हरित कृषि की ओर मुड़ने की नीति बताते हुए किसानों के विरोध को नजरअंदाज कर दिया था।
श्रीलंका में मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के कारण छुट्टी मनाने वालों की संख्या में कमी आई है। देश के पर्यटन प्राधिकरण ने इसकी जानकारी दी। प्राधिकरण ने बताया कि मई में भारत, श्रीलंका के शीर्ष पर्यटन बाजार के रूप में उभरा है।
श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण (एसएलटीडीए) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि मई में भारत के 5,562 पर्यटक श्रीलंका आए। उसके बाद ब्रिटेन के 3,723 पर्यटक आए। हालांकि, मई में पर्यटकों की संख्या अप्रैल की तुलना में आधी रह गई।
बयान में कहा गया कि मई 2022 के दौरान श्रीलंका आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की कुल संख्या 30,207 थी। मई के महीने में पर्यटकों के आगमन में अप्रैल की तुलना में लगभग 52 प्रतिशत और मार्च 2022 की तुलना में 72 प्रतिशत की गिरावट आई है।
कृषि क्षेत्र के लिए भारत का समर्थन चाहता है श्रीलंका
श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक संकट की घड़ी में अपने पड़ोसी यानी भारत की मदद चाहता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा ने खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत से मदद मांगी है।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले ने हाल ही में श्रीलंकाई कृषि मंत्री से मुलाकात की। देश में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौरान कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन के बीच यह बैठक हुई।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, पिछले दो महीनों के दौरान भारत सरकार और भारत के लोगों द्वारा दान की गई 25 टन से अधिक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति की मदद की। जबकि पिछले सप्ताह ही 3.3 टन जरूरी चिकित्सा आपूर्ति श्रीलंका को सौंपी। भारत यह मदद पड़ोसी पहले की नीति के तहत कर रहा है।
संविधान का 21वां संशोधन एक हफ्ते के लिए टला
श्रीलंकाई मंत्रिमंडल ने संविधान के 21वें संशोधन पर सत्तारूढ़ दल के कुछ सदस्यों के कड़े विरोध के बाद उसे एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। संशोधन के बाद संसद को राष्ट्रपति से अधिक शक्तियां और अधिकार मिल जाएंगे। संविधान के 21वें संशोधन के जरिये अनुच्छेद-20ए को निरस्त किए जाने की उम्मीद है, जो राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे को व्यापक शक्तियां प्रदान करता है।