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Sri Lanka Crisis: 21वां संविधान संशोधन कैबिनेट के सामने पेश, राष्ट्रपति की निरंकुश शक्तियों पर लगाम लगाने की तैयारी
Mon, 23 May 2022 10:09 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, कोलंबो।
एजेंसी, कोलंबो।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 23 May 2022 10:09 PM IST
सार
श्रीलंका के न्याय मंत्री डॉ. विजयदास राजपक्षे के मुताबिक, संशोधन के बाद दोहरी नागरिकता वाले लोग संसद के लिए नहीं चुने जा सकेंगे। राष्ट्रीय लेखा परीक्षा आयोग और खरीद आयोग को स्वतंत्र आयोगों का दर्जा होगा। नए संशोधन के जरिये केंद्रीय बैंक के गवर्नर की नियुक्ति का अधिकर सांविधानिक परिषद को दिया जएगा।
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राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे।
- फोटो : Twitter
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विस्तार
श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की निरंकुश शक्तियों पर लगाम लगाने के लिए संविधान का प्रस्तावित 21वां संशोधन कैबिनेट के सामने पेश किया गया है। विक्रमसिंघे ने कहा कि संशोधन पार्टी नेताओं के बीच रखा गया ताकि वे उस पर टिप्पणी कर सकें। उसके बाद प्रस्तावित संशोधन को अंतिम मंजूरी के लिए वापस कैबिनेट में भेजा जाएगा।
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विक्रमसिंघे ने एक बयान में कहा कि 21ए को कैबिनेट में पेश किया गया, संशोधन को पार्टी नेताओं के बीच उनकी टिप्पणियों के लिए रखा जाएगा। इसके बाद संशोधन को अंतिम मंजूरी के लिए वापस कैबिनेट में भेजा जाएगा। इसके खिलाफ कोई भी व्यक्ति उच्चतम न्यायालय जा सकता है।
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संविधान के 21वें संशोधन के ‘20ए’ को रद्द करने की उम्मीद है, जिसने 19वें संशोधन को समाप्त करने के बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को असीमित अधिकार दिए थे। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्र के नाम अपने संदेश में राजपक्षे ने संवैधानिक सुधार को लेकर संकल्प व्यक्त किया था।
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जनविरोध के कारण महिंदा को छोड़ना पड़ा पीएम पद
हिंसक प्रदर्शनों की वजह से महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। फिलहाल अपनी पार्टी के अकेले सांसद रानिल विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री हैं। वह गोतबाया भाइयों की पार्टी श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना के समर्थन से सरकार चला रहे हैं। लोगों में बढ़ रहे गुस्से के कारण गोतबाया खुद इसके लिए सहमत हैं कि राष्ट्रपति के बजाय संसद को शक्तियां मिलें।
बिगड़ते हालात...भीड़ ने पेट्रोल पंप मालिक का घर फूंका
गुस्साई भीड़ ने आईओसी पेट्रोल पंप के मालिक के घर में आग लगा दी। घटना श्रीलंका के केकीरावा के इपालोगामा की है। पुलिस के अनुसार, 21 मई को ईंधन लेने के लिए भीड़ जमा हुई थी। कुछ को ईंधन नहीं मिला तो भीड़ उग्र हो गई और मालिक के घर में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि जिस समय घर में आग लगी उस समय पेट्रोल पंप मालिक की पत्नी और दो बच्चे घर पर ही थे। हालांकि, पड़ोसियों, ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचा लिया। इससे पूर्व, गुस्साई भीड़ के हाथों एक सांसद मारा जा चुका है।
8 और मंत्रियों ने ली शपथ, 9 मई की हिंसा में 1,500 गिरफ्तार
श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने मंत्रिमंडल बढ़ाते हुए आठ और मंत्रियों को इसमें शामिल किया। हालांकि संकटग्रस्त देश में आर्थिक मामलों के लिए उन्होंने वित्तमंत्री की नियुक्ति नहीं की। इस बीच, श्रीलंकाई पुलिस ने 9 मई को हुई हिंसा के मामले में 1,500 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 9 मई की हिंसा में 10 लोगों की मौत और 200 से ज्यादा अन्य लोग घायल हो गए थे। इस हिंसा को लेकर पिछले सप्ताह सीआईडी ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यीय समूह के तीन सदस्यों से भी झड़प में उनकी संलिप्तता को लेकर पूछताछ की। इसे लेकर पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे को समन भी जारी किया गया।
इस बीच, राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने डगलस देवानंद को मत्स्य पालन मंत्री, बंडुला गुणवर्धना को परिवहन व राजमार्ग मंत्री की शपथ दिलाई। केहेलिया रामबुक्केला को स्वास्थ्य व जल आपूर्ति मंत्री, रमेश पथिराणा को उद्योग मंत्री और महिंदा अमरवीरा को कृषि एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री की शपथ दिलाई। विदुर विक्रमनायक को धर्म-संस्कृति मंत्री, नसीर अहमद को पर्यावरण मंत्री व रोशन रणसिंघे ने सिंचाई व खेलमंत्री के रूप में शपथ ली।
भारत हमारा बड़ा भाई, मानवीय मदद का शुक्रिया : नमल
श्रीलंका के पूर्व कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे ने देश को दो अरब रुपये की मानवीय मदद और जरूरी चीजों की नई खेप के लिए भारत का आभार जताया। पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने कहा कि भारत वर्षों से देश का एक बड़ा भाई रहा है और इसे वे कभी नहीं भूलेंगे। नमल ने कहा, मैं पीएम नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और भारतीयों का आभारी हूं। पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस मदद के लिए भारतीयों का आभार जताया।