फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri lanka Crisis: Former Army Chief Field Marshal Sarath Fonseka claimed for the post of President in Sri Lanka

Sri Lanka Crisis: किस बूते पूर्व सेनाध्यक्ष फोंसेका ने राष्ट्रपति पद के लिए उछाला अपना नाम?

Sat, 16 Jul 2022 06:30 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 16 Jul 2022 06:30 PM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की तरह ही फील्ड मार्शल फोंसेका की भी नायक जैसी छवि रही है। 2009 में जब अलगाववादी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) को कुचला गया था, तो उस समय श्रीलंका की सेना का नेतृत्व फोंसेका ने किया था। उसके बाद 2010 में उन्होंने महिंदा राजपक्षे को सियासी चुनौती दी, लेकिन तब वे इस कोशिश में नाकाम रहे...

विज्ञापन
Sri lanka Crisis: Former Army Chief Field Marshal Sarath Fonseka claimed for the post of President in Sri Lanka
सरत फोंसेका - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका में राष्ट्रपति पद के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल सरत फोंसेका ने अपना दावा पेश कर दिया है। फोंसेका ने कहा है कि वे मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। इसलिए अगर संसद का बहुमत इसे स्वीकार करे, तो वे राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं। पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की तरह ही फील्ड मार्शल फोंसेका की भी नायक जैसी छवि रही है। 2009 में जब अलगाववादी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) को कुचला गया था, तो उस समय श्रीलंका की सेना का नेतृत्व फोंसेका ने किया था। उसके बाद 2010 में उन्होंने महिंदा राजपक्षे को सियासी चुनौती दी, लेकिन तब वे इस कोशिश में नाकाम रहे।

विज्ञापन

 

अब देश में जारी उथल-पुथल के बीच फोंसेका ने फिर से खुद को आगे किया है। कुछ रोज पहले उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी दल समगी जना बुलावेगया (एसजेपी) के नेता सजित प्रेमदासा के नाम का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने खुद अपना नाम आगे बढ़ाया है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक 71 वर्षीय फोंसेका की राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएं पहले भी जाहिर रही हैं। वे फिलहाल संसद के सदस्य भी हैं। इसीलिए उनकी ताजा पेशकश को गंभीरता से लिया जा रहा है। देश जिस अभूतपूर्व अस्थिरता में है, उसके बीच सेना के रुख को लेकर लगातार कयास लगाए गए हैं। समझा जाता है कि अगर सेना ने उनका पक्ष लिया, तो राष्ट्रपति के लिए उनके नाम पर सहमति बन सकती है।

विज्ञापन

 

 

फोंसेका उन विपक्षी सांसदों में हैं, जो हाल में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने उस दौरान जिन दो सांसदों पर हमले नहीं किए, उनमें एक 71 वर्षीय फोंसेका भी हैं। इसे बात का संकेत माना गया है कि सरकार विरोधी जन समूहों में फोंसेका को लेकर आदर का भाव बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

फोंसेका ने अब कहा है कि अगर उन्हें राष्ट्रपति पद दिया गया, तो वे उन्हें पूरा भरोसा है कि वे देश को मौजूदा संकट से निकाल लेंगे। उन्होंने कहा- ‘इस संकट से देश को निकालना कोई असंभव काम नहीं है। अगर मुझे राष्ट्रपति बनाया गया, तो अवश्य ही मैं आम जनता की बात सुनूंगा। जब मैं सेनाध्यक्ष बना था, तो यह बात तब की सरकार और कई जनरलों को भी पसंद नहीं आई थी। लेकिन तब मैंने उसकी परवाह नहीं की, क्योंकि तब मुझे मालूम था कि अगर मैंने अच्छा काम किया, तो मैं टिकूंगा और अगर ऐसा मैंने नहीं किया, तो मुझे घर वापस लौटना होगा।’

 

 

श्रीलंका की संसद अगले राष्ट्रपति का चुनाव 20 जुलाई को करेगी। गुरुवार को गोटाबया राजपक्षे ने ई-मेल के जरिए राष्ट्रपति पद से अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर को भेज दिया। इससे बिना किसी दिक्कत के नए राष्ट्रपति के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही अगले राष्ट्रपति के लिए संभावित नामों की चर्चा जोर पकड़ गई है। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर गहरे मतभेद हैं।


 

समझा जाता है कि संसद में बहुमत के कारण राजपक्षे की एसएलपीपी पार्टी की नया राष्ट्रपति चुनने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। एसएलपीपी में फील्ड मार्शन फोंसेका को लेकर विरोध भाव रहा है। क्या अब उनके मामले में पार्टी का रुख बदलेगा, इस पर पर्यवेक्षकों की नजर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed