Sri Lanka Crisis: PM मोदी ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को दी बधाई, जल्द ही सिंगापुर से श्रीलंका लौटेंगे राजपक्षे
कैबिनेट प्रवक्ता गुनावर्धने ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति छिपे नहीं हैं। उनके जल्दी ही सिंगापुर से लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि पूर्व राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग गए हैं और छिपे हुए हैं।
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आर्थिक संकटों का सामना कर रहे द्वीप राष्ट्र श्रीलंका में हालात सुधरते नहीं दिख (Sri Lanka Crisis) रहे। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने राष्ट्रपति चुनाव (President Election) जीतने पर रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) को बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत स्थापित लोकतांत्रिक साधनों के माध्यम से स्थिरता और आर्थिक सुधार के लिए श्रीलंकाई लोगों के चुनाव का समर्थन करेगा। इससे एक दिन पहले ही रानिल विक्रमसिंघे ने भारत की नवनियुक्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शुभकामनाएं दी थीं। इसी बीच, एक और बड़ी खबर आई है। दावा किया जा रहा है कि श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) छिपे नहीं हैं और वे जल्द ही सिंगापुर से देश वापस लौटेंगे।
जल्दी देश वापस लौटने की उम्मीद
साप्ताहिक कैबिनेट मीडिया ब्रीफिंग में राजपक्षे के बारे में पूछे जाने पर कैबिनेट प्रवक्ता गुनावर्धने ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति छिपे नहीं थे। उनके जल्दी ही सिंगापुर से लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि पूर्व राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग गए हैं और छिपे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने राजपक्षे की संभावित वापसी के बारे में कोई अन्य जानकारी नहीं दी। गुनावर्धने परिवहन और राजमार्ग और मास मीडिया मंत्री भी हैं।
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के मामले में दिया बयान
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के लिए सिंगापुर के अटॉर्नी जनरल से किए गए अनुरोध पर टिप्पणी करते हुए, कैबिनेट प्रवक्ता ने कहा कि यदि कोई स्थिति है, तो देश में जिम्मेदार अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि पूर्व राष्ट्रपति को कोई नुकसान न हो।
इंटरनेशनल ट्रुथ एंड जस्टिस प्रोजेक्ट ने किया है अनुरोध
दक्षिण अफ्रीका के एक अधिकार समूह ने सिंगापुर के अटार्नी जनरल को एक आपराधिक शिकायत सौंपी है। इसमें उसने पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर कथित युद्ध अपराधों लगाएं और उनके लिए उन्हें गिरफ्तार करने का अनुरोध भी किया है। जानकारी के मुताबिक, इंटरनेशनल ट्रुथ एंड जस्टिस प्रोजेक्ट के वकीलों ने ये शिकायत प्रस्तुत की है। 63 पन्नों वाली इस शिकायत में तर्क दिया गया है कि राजपक्षे ने 2009 में गृहयुद्ध के दौरान, जब वह रक्षा सचिव थे, जिनेवा सम्मेलनों का गंभीर उल्लंघन किया था।
गोटबाया राजपक्षे पहले मालदीव फिर सिंगापुर हुए थे रवाना
गौरतलब है कि आर्थिक संकटों का सामना कर रहे श्रीलंका में उनके खिलाफ महीनों के सार्वजनिक विरोध के बाद लोग 9 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में घुस गए थे। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास सहित कई अन्य सरकारी कार्यालयों पर कब्जा जमा लिया था। इसके बाद राजपक्षे 13 जुलाई को मालदीव भाग गए और वहां से अगले दिन सिंगापुर के लिए रवाना हो गए थे। सिंगापुर ने पूर्व राष्ट्रपति को 14 जुलाई को निजी यात्रा पर देश में प्रवेश करते ही 14 दिनों का अल्पकालिक यात्रा पास प्रदान किया है।
एक साल के लिए ईंधन आयात प्रतिबंधित
विदेशी मुद्रा की भारी कमी का सामना कर रहे श्रीलंका के बिजली और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने पूरे देश में ईंधन के वितरण के लिए एक राशन प्रणाली की घोषणा करते हुए कहा कि श्रीलंका अगले 12 महीनों के लिए ईंधन के आयात को प्रतिबंधित करेगा। सोमवार को ट्विटर पर विजेसेरा ने कहा कि वर्तमान हालातों में दैनिक ईंधन की मांग को पूरा नहीं किया जा सकता है इसलिए एक क्यूआर सिस्टम पेश किया गया है। इसके जरिए सीमित साप्ताहिक मात्रा के तहत ईंधन दिया जाएगा। इसके अलावा 27 जून से सरकार ने ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी है और आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया है।