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Hindi News ›   World ›   "South Pacific shouldn't become arena for great power competition": China attacks AUKUS

AUKUS: 'दक्षिण प्रशांत में परमाणु प्रसार के खतरे को बढ़ा रहा पश्चिम', चीन की टिप्पणी; बिगड़ सकते हैं हालात

Sun, 21 Apr 2024 10:22 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 21 Apr 2024 10:22 PM IST
सार

वांग ने AUKUS देशों की घोषणा के बारे में बताते हुए कहा कि वे (ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) इसी महीने की शुरुआत में उन्नत प्रौद्योगिकी को लेकर जापान के साथ समझौता करने पर विचार कर रहे हैं।  AUKUS द्वारा क्षेत्र में टकराव को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहल में और भी ज्यादा देशों को शामिल करने के ये प्रयास पूरी तरह से असंगत है। 

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"South Pacific shouldn't become arena for great power competition": China attacks AUKUS
चीन के विदेश मंत्री वांग यी। - फोटो : ANI

विस्तार

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी AUKUS में शामिल पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है। वांग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका विभाजनकारी रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ये देश दक्षिणी प्रशांत को शक्ति प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा बनाने पर तुले हैं।  

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गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग ने ये टिप्पणी अपने पापुआ न्यू गिनी के दौरे के दौरान की। शनिवार को द्वीप राष्ट्र के साथ अपनी राजनयिक उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने इन देशों पर दक्षिण प्रशांत में परमाणु प्रसार के जोखिम को बढ़ाने का आरोप भी लगाया। वांग की ये यात्रा तब हो रही है जब आने वाले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भी द्वीप राष्ट्र पापुआ न्यू गिनी का दौरा करने वाले हैं। ये इस क्षेत्र में चीन और अमेरिका समर्थित इस गुट के बीच टकराव को साफ दिखाता है। 
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इस दौरान वांग ने AUKUS देशों की घोषणा के बारे में बताते हुए कहा कि वे (ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) इसी महीने की शुरुआत में उन्नत प्रौद्योगिकी को लेकर जापान के साथ समझौता करने पर विचार कर रहे हैं।  AUKUS द्वारा क्षेत्र में टकराव को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहल में और भी ज्यादा देशों को शामिल करने के ये प्रयास पूरी तरह से असंगत है। 
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इस दौरान उन्होंने प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों के साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों की भी आलोचना की। वांग ने कहा कि दक्षिण प्रशांत क्षेत्र को शक्ति प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए। किसी भी देश को इन द्वीप देशों को अपने बैकयार्ड के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।   


इससे पहले, वांग ने पापुआ न्यू गिनी के अपने समकक्ष जस्टिन टकाचेंको के साथ बैठक भी की। इसमें दोनों के बीच जल्द से जल्द मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने और पुलिस सहयोग पर चर्चा हुई। 

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