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South Korea: महाभियोग झेल रहे यून सुक येओल की मुश्किलें बढ़ीं, हिरासत के लिए कोर्ट ने जारी किया नया वारंट

Tue, 07 Jan 2025 05:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, सियोल
पीटीआई, सियोल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 07 Jan 2025 05:46 PM IST
सार

एजेंसी के मुख्य अभियोजक ओह डोंग-वून ने सांसदों के वारंट की वैधता के सवाल का उत्तर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी संवेदनशील है, क्योंकि एजेंसी और पुलिस वारंट को अमल में लाने के तरीकों पर विचार कर रही है। वारंट आमतौर पर सात से 10 दिनों तक चलते हैं।

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South Korean anti-corruption agency receives new court warrant to detain impeached President Yoon
यून सुक योल - फोटो : एएनआई

विस्तार

दक्षिण कोरिया की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी को महाभियोग लगाए गए राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने के लिए कोर्ट से नया वारंट मिला है। पिछले सप्ताह भी जांच एजेंसी ने यून को हिरासत में लेने का प्रयास किया था, लेकिन राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा ने उनके प्रयास को विफल कर दिया था।

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हालांकि, उच्च पदस्थ अधिकारियों के लिए भ्रष्टाचार जांच कार्यालय ने मंगलवार को पुष्टि नहीं की कि वारंट कितने समय तक वैध रहेगा। एजेंसी के मुख्य अभियोजक ओह डोंग-वून ने सांसदों के वारंट की वैधता के सवाल का उत्तर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी संवेदनशील है, क्योंकि एजेंसी और पुलिस वारंट को अमल में लाने के तरीकों पर विचार कर रही है। वारंट आमतौर पर सात से 10 दिनों तक चलते हैं।
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संसद द्वारा 14 दिसंबर को उन पर महाभियोग चलाने के लिए मतदान करने के बाद यून की राष्ट्रपति शक्तियों को निलंबित कर दिया गया। संवैधानिक न्यायालय ने इस बात पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है कि यून को औपचारिक रूप से पद से हटाया जाए या उन्हें बहाल किया जाए। अगर जांचकर्ता यून को हिरासत में लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे औपचारिक गिरफ्तारी करने की अनुमति के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे अन्यथा उन्हें (यून को) 48 घंटे बाद रिहा कर दिया जाएगा।
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इससे पहले दक्षिण कोरिया की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने पुलिस से अपील की कि महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने के लिए इस मामले को अपने हाथ में ले ले। पिछले सप्ताह शुक्रवार को भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने यून को हिरासत में लेने का प्रयास किया था, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा सेवा के साथ कई घंटों के गतिरोध के कारण वह ऐसा करने में नाकाम रही थी। इसके बाद एजेंसी की क्षमता पर सवाल उठने लगे।

भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी और पुलिस ने सोमवार को यून की हिरासत के संबंध में एक सप्ताह के वारंट की अवधि समाप्त होने से कुछ घंटे पहले इस चर्चा किए जाने की पुष्टि की। पुलिस ने कहा कि वह एजेंसी के अनुरोध पर विचार कर रही है। वारंट की अवधि सोमवार मध्य रात्रि को समाप्त हो गई थी। माना जाता है कि पुलिस के पास राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के वास्ते संभवतः अधिक सशक्त प्रयास करने के लिए संसाधन हैं।


‘सियोल वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ ने यून को हिरासत में लेने का वारंट 31 दिसंबर को जारी किया था, क्योंकि वह पूछताछ के लिए जांच अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हो रहे थे। जब तक यून अपने आधिकारिक आवास में हैं उन्हें हिरासत में लिया जाना काफी जटिल है। राष्ट्रपति इस बात से निराश थे कि विपक्षी दलों की बहुमत वाली संसद उनकी नीतियों को बाधित कर रही थी, जिसके बाद उन्होंने तीन दिसंबर को ‘मार्शल लॉ’ लगाने की घोषणा की। हालांकि मार्शल लॉ केवल कुछ घंटे तक ही लागू रहा, लेकिन इसने देश की राजनीति, कूटनीति और वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी। भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी, पुलिस और सैन्य जांच अधिकारी संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रहे हैं।

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