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दक्षिण अफ्रीका: डेल्टा जितना खतरनाक नहीं ओमिक्रॉन, डॉक्टरों ने सतर्क रहने की दी सलाह
Sat, 11 Dec 2021 03:28 PM IST
प्रशांत कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sat, 11 Dec 2021 03:28 PM IST
सार
जोहानिसबर्ग के चर्चित डॉक्टर अनबेन पिल्ले ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा संस्करण से हल्का है, लेकिन इसका फैलाव डेल्टा की अपेक्षा ज्यादा है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन डेल्टा जितना खतरनाक नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टरों ने यह जानकारी साझा की है। जोहानिसबर्ग के चर्चित डॉक्टर अनबेन पिल्ले ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा संस्करण से हल्का है, लेकिन इसका फैलाव डेल्टा की अपेक्षा ज्यादा है। उन्होंने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट के मरीजों को अस्पताल नहीं भेजना पड़ रहा है। मरीज घर पर ही 10 से 12 दिनों तक क्वारंटीन रहकर ठीक हो जा रहे हैं। हालांकि, पिल्ले ने बुजुर्ग और गंभीर बीमारी वाले मरीजों के लिए खतरे का संकेत बताया।
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अफ्रीका स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के निदेशक विलेम हानेकोम ने राष्ट्रीय संस्थान के आंकड़ों और अन्य रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा, "फिलहाल, लगभग सब कुछ इसके हल्के रोग होने की ओर इशारा करता है।" "अभी शुरुआती दिन हैं, और हमें कुछ समय तक इसे देखने की जरूरत है।
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दक्षिणी अफ्रीका में पहली बार ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलने के बाद पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बन गया, हालांकि, इसकी रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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तेजी से फैलता है ओमिक्रॉन
दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान ते अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में अस्पताल में भर्ती होने वाल कोरोना संक्रमित मरीजों में से केवल 30% ही गंभीर रूप से संक्रमित हुए हैं, जो पिछली महामारी की लहरों की तुलना में आधे से भी कम हैं। कोरोना से संक्रमित मरीज इस बार अस्पतालों में कम समय के लिए रुक पा रहे हैं। दो या तीन दिन के भीतर मरीजों को छुट्टी दे दी जा रही है। वहीं, कोरोना की इस लहर में अस्पतालों में भर्ती संक्रमित मरीजों में सिर्फ तीन फीसदी लोगों की जान गई ,जबकि देश के पहली लहर में लगभग 20% की मृत्यु हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन भले ही तेजी से फैल रहा हो, लेकिन डेल्टा जितना यह खतरनाक नहीं है।