{"_id":"6672db732f91d76ff101a493","slug":"south-africa-cyril-ramaphosa-took-oath-as-president-formed-a-coalition-govt-for-1-time-in-absence-of-majorit-2024-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"South Africa: सिरिल रामाफोसा ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली, पूर्ण बहुमत के अभाव में पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
South Africa: सिरिल रामाफोसा ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली, पूर्ण बहुमत के अभाव में पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार
Wed, 19 Jun 2024 06:51 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 19 Jun 2024 06:51 PM IST
सार
सिरिल रामफोसा ने बुधवार को दूसरी बार अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। दरअसल पिछले महीने हुए चुनाव में अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) संसद में बहुमत हासिल करने में असफल रही, लेकिन गठबंधन कर सरकार बनाने में कामयाब रही।
विज्ञापन
सिरिल रामाफोसा
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता सिरिल रामाफोसा ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। अपने पिछले 30 सालों के रिकॉर्ड को तोड़कर पहली बार एनएनसी ने संसद में बहुमत न मिलने पर गठबंधनक की सरकार बनाई है।
पिछले 30 वर्षों में पहली बार रामापोशा की अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने बहुमत खो दिया। इसलिए एएनसी और डेमोक्रेटिक गठबंधन ने मिलकर सरकार बनाने पर समझौता किया। बता दें कि इस बार चुनाव में एएनसी को चुनाव में 40 प्रतिशत वोट मिले, डेमोक्रेटिक अलायंस 22 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। प्रिटोरिया में यूनियन बिल्डिंग में मुख्य न्यायाधीश रेमंड जोंडो ने उनको शपथ दिलाई। 71 वर्षीय रामाफोसा ने कहा, "मैं शपथ लेता हूं कि मैं दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के प्रति वफ़ादार रहूंगा... मैं संविधान और गणराज्य के अन्य सभी कानूनों का पालन, पालन और पालन करूंगा।"
रामाफोसा जोर देकर कहा कि दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों को एक-दूसरे के खिलाफ करने के प्रयासों से विचलित नहीं होना चाहिए। क्योंकि देश राष्ट्रीय एकता की सरकार में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें विभाजित करने या हमें विचलित करने, संदेह या निराशा फैलाने या हमें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के हर प्रयास को अस्वीकार करना चाहिए। जो लोग हमारे रास्ते में खड़े होने की कोशिश करते हैं, जो लोग तनाव को भड़काना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे, क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी दृढ़ हैं।" रामफोसा ने सरकार की सीट, यूनियन बिल्डिंग में कहा, जबकि हजारों अतिथि, जिनमें राष्ट्राध्यक्ष और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे, देख रहे थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय एकता की नई सरकार में रामफोसा की एएनसी, केंद्र-दक्षिणपंथी और छोटी पार्टियां शामिल हैं। उन्होंने कहा "जो लोग हमारी संस्थाओं को कमजोर करना चाहते हैं, वे फेल हो जाएंगे क्योंकि लोकतंत्र हमारे लोगों के दिलों में रहता है। इसे कभी नहीं हटाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, विश्लेषकों का मानना है कि यह स्पष्ट रूप से आर्थिक स्वतंत्रता सेनानियों और मखोंटो वेसिज़वे का संदर्भ था।
विज्ञापन
पिछले 30 वर्षों में पहली बार रामापोशा की अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने बहुमत खो दिया। इसलिए एएनसी और डेमोक्रेटिक गठबंधन ने मिलकर सरकार बनाने पर समझौता किया। बता दें कि इस बार चुनाव में एएनसी को चुनाव में 40 प्रतिशत वोट मिले, डेमोक्रेटिक अलायंस 22 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। प्रिटोरिया में यूनियन बिल्डिंग में मुख्य न्यायाधीश रेमंड जोंडो ने उनको शपथ दिलाई। 71 वर्षीय रामाफोसा ने कहा, "मैं शपथ लेता हूं कि मैं दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के प्रति वफ़ादार रहूंगा... मैं संविधान और गणराज्य के अन्य सभी कानूनों का पालन, पालन और पालन करूंगा।"
विज्ञापन
रामाफोसा जोर देकर कहा कि दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों को एक-दूसरे के खिलाफ करने के प्रयासों से विचलित नहीं होना चाहिए। क्योंकि देश राष्ट्रीय एकता की सरकार में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें विभाजित करने या हमें विचलित करने, संदेह या निराशा फैलाने या हमें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के हर प्रयास को अस्वीकार करना चाहिए। जो लोग हमारे रास्ते में खड़े होने की कोशिश करते हैं, जो लोग तनाव को भड़काना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे, क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी दृढ़ हैं।" रामफोसा ने सरकार की सीट, यूनियन बिल्डिंग में कहा, जबकि हजारों अतिथि, जिनमें राष्ट्राध्यक्ष और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे, देख रहे थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय एकता की नई सरकार में रामफोसा की एएनसी, केंद्र-दक्षिणपंथी और छोटी पार्टियां शामिल हैं। उन्होंने कहा "जो लोग हमारी संस्थाओं को कमजोर करना चाहते हैं, वे फेल हो जाएंगे क्योंकि लोकतंत्र हमारे लोगों के दिलों में रहता है। इसे कभी नहीं हटाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, विश्लेषकों का मानना है कि यह स्पष्ट रूप से आर्थिक स्वतंत्रता सेनानियों और मखोंटो वेसिज़वे का संदर्भ था।