फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Singapore Muslims now allowed to consume lab-cultivated meat from halal animal cell

Halal Meat: इस देश के मुस्लिम अब लैब में तैयार मांस भी खा सकेंगे; हलाल पशु कोशिका की मीट पर हुआ बड़ा फैसला

Sat, 03 Feb 2024 08:52 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 03 Feb 2024 08:52 PM IST
सार

मांसाहार करने वाले लोगों के लिए बड़ा अपडेट है। सिंगापुर में मुफ्ती के फैसले के बाद अब इस देश के मुस्लिम लैब में तैयार मांस भी खा सकेंगे। हलाल पशु कोशिका का इस्तेमाल कर प्रयोगशाला में तैयार होने वाले मांस को लेकर सिंगापुर के मुफ्ती ने यह अहम आदेश जारी किया है।

विज्ञापन
Singapore Muslims now allowed to consume lab-cultivated meat from halal animal cell
हलाल मीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिंगापुर के मुफ्ती डॉ. नजीरुद्दीन मोहम्मद नासिर ने शनिवार को कहा, मुसलमानों को प्रयोगशाला में तैयार मांस का उपभोग करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कोशिकाएं उन जानवरों की हैं जो हलाल भी हैं और अंतिम रूप से तैयार सामग्री में कोई गैर-हलाल घटक शामिल नहीं है। शनिवार टुडे अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मुफ्ती डॉ नदीरुद्दीन ने कहा, ताजा फैसला इस बात की मिसाल है कि फतवा अनुसंधान को आधुनिक तकनीक और सामाजिक परिवर्तन के साथ विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन


सिंगापुर के मुफ्ती ने जारी किया फतवा
बता दें कि इस्लामिक धर्मावलंबी फतवे का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय में धार्मिक जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर मार्गदर्शन के लिए करते हैं। इन्हें धार्मिक फैसला माना जाता है। मुफ्ती के पद पर नियुक्त योग्य धार्मिक विद्वान इस्लामी कानून की औपचारिक व्याख्या करते हैं। मुफ़्ती नज़ीरुद्दीन ने कहा, ऐसे लोग हैं जो तर्क देते हैं कि प्रयोगशाला में तैयार मांस जैसे खाद्य पदार्थों की जरूरत नहीं है। मुस्लिम समुदाय को असली मांस जैसे 'वास्तविक' (Real) भोजन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने कहा, क्या प्रयोगशाला में तैयार मांस मुसलमानों के उपभोग के लिए सही है? ऐसे तमाम सवालों पर एमयूआईएस की फतवा समिति ने तमाम पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया है।
विज्ञापन


प्रयोगशाला का मांस मुसलमानों के उपभोग के लिए हलाल
सिंगापुर में मुस्लिम मामलों के प्रभारी मंत्री मासागोस जुल्किफली ने कहा कि प्रयोगशाला में तैयार मांस के मुद्दे का 2022 से ही अध्ययन किया जा रहा है। इस्लामिक धार्मिक परिषद सिंगापुर (एमयूआईएस) इसका अध्ययन कर रहा है। मंत्री ने कहा, सिंगापुर लैब की मीट का उपभोग करने के मामले में दुनिया के चुनिंदा पहले देशों में से एक है। यहां न केवल प्रयोगशालाओं में मांस का उत्पादन हो रहा है बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसे मांस मुसलमानों के उपभोग के लिए हलाल भी हों।
विज्ञापन
विज्ञापन


लैब में मांस तैयार करने से पर्यावरण को नहीं होता नुकसान
एमयूआईएस ने शनिवार को जारी बयान में कहा, प्रयोगशालाओं में नए खाद्य पदार्थ (मांस) को पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से तैयार किया जा रहा है। पारंपरिक कृषि और जलीय कृषि की तुलना में प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाली तकनीक अधिक टिकाऊ है। इनके इस्तेमाल से पर्यावरण को अधिक नुकसान नहीं होता। स्थिरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए यह अधिक व्यावहारिक तरीका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed