फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Singapore detained domestic helpers who funded IS

आईएस को पैसा दे रही थी घरेलू सहायक, सिंगापुर ने हिरासत में लिया

Tue, 24 Sep 2019 01:39 PM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: Trainee Trainee Updated Tue, 24 Sep 2019 01:39 PM IST
विज्ञापन
Singapore detained domestic helpers who funded IS
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

सिंगापुर ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह को पैसा देने के आरोप में इंडोनेशियाई मूल की तीन घरेलू सहायकों को कड़े सुरक्षा कानूनों के तहत हिरासत में लिया है। उन पर कोई मुकदमा नहीं चलाया गया है।

विज्ञापन


सरकार ने कहा कि कथित तौर पर कट्टरपंथी बनाए गए विदेशी घरेलू सहायकों को गिरफ्तार करने की यह घटना बताती है कि जिहादी लगातार हिंसक विचारधारा की अपील कर रहे हैं।
विज्ञापन


गृह मंत्रालय ने कहा कि तीनों घरेलू सहायक छह से 13 वर्ष से सिंगापुर में काम कर रही थीं। वह पिछले वर्ष ऑनलाइन सामग्री देखने के बाद आईएस की समर्थक बन गई थी। उन्होंने आईएस के बम हमले, सिर कलम करने के वीडियो देखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनिंदिया अफियांत्री (33), रेत्नो हेनायानी (36) और 31 वर्षीय तुरमिनी आईएस समर्थक विचारधारा वाले विदेशियों से ऑनलाइन संपर्क में आईं। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों ने विदेशी संगठनों को आतंकवाद से जुड़े उद्देश्यों, आईएसआईएस और जेएडी जैसे संगठनों की गतिविधियों के लिए पैसा भी दिया।


जेएडी इंडोनेशिया का आतंकी संगठन है जो आईएस का समर्थन करता है। महिलाओं को आंतरिक सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया है। यह कानून बिना मुकदमे के दो वर्ष तक हिरासत में रखने की इजाजत देता है।

इस मामले से पहले, सिंगापुर में वर्ष 2015 से कट्टरपंथी बनाए गए 16 विदेशी घरेलू सहायकों की पहचान की गई ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed