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Singapore: धर्म के आधार पर वोट देने की अपील, सिंगापुर सरकार ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लगाया प्रतिबंध
Sat, 26 Apr 2025 08:14 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 26 Apr 2025 08:14 AM IST
सार
मलेशिया के दो राजनेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट भी प्रतिबंधित किए गए हैं। इन दोनों नेताओं पर भी आरोप है कि उन्होंने सिंगापुर के मुस्लिम मतदाताओं को धर्म के आधार पर वोट देने की अपील की थी और विपक्षी नेताओं का समर्थन किया गया था।
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- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
सिंगापुर में जल्द ही आम चुनाव होने हैं। ऐसे में सिंगापुर की सरकार सोशल मीडिया पर नजर रख रही है और जो भी सोशल मीडिया अकाउंट मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें प्रतिबंधित किया जा रहा है। एक सिंगापुर मूल के ऑस्ट्रेलियाई और दो मलेशियाई राजनेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट प्रतिबंधित कर भी दिए गए हैं। दरअसल इन सोशल मीडिया अकाउंट्स की पोस्ट में सिंगापुर सरकार की धार्मिक मामलों को हैंडल करने के तरीके की आलोचना की गई थी और लोगों को धर्म के आधार पर वोट देने की अपील की गई थी।
मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप
सिंगापुर में आगामी 3 मई को चुनाव होने हैं। इस बीच सिंगापुर के चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा को कई अकाउंट्स को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। इनमें से एक अकाउंट जुल्फीकार बिन मोहम्मद शरीफ का है, जो सिंगापुर मूल का ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। शरीफ पर आरोप है कि उसका इस्लामिक स्टेट से ताल्लुक है और सिंगापुर में उसे आईएस से संबंधों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के चलते हिरासत में भी लिया गया था। शरीफ ने सिंगापुर के मलय मूल के लोगों से अपील की कि सिंगापुर की संसद मलय मुस्लिम लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही। शरीफ ने लोगों से वोट ने देने की अपील की। शरीफ की पोस्ट का असर ये हुआ कि सिंगापुर के कई नागरिक भी उसके प्रभाव में आ गए और उसकी पोस्ट को रिपोस्ट किया।
ये भी पढ़ें- US Media Leak: सूचना लीक पर AG पाम बॉन्डी आक्रामक और सख्त, कहा- न्याय विभाग पत्रकारों को फिर सम्मन जारी करेगा
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सिंगापुर में मलेशिया मूल के लोग 15 प्रतिशत
मलेशिया के दो राजनेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट भी प्रतिबंधित किए गए हैं। इन दोनों नेताओं पर भी आरोप है कि उन्होंने सिंगापुर के मुस्लिम मतदाताओं को धर्म के आधार पर वोट देने की अपील की थी और विपक्षी नेताओं का समर्थन किया गया था और सिंगापुर सरकार के कई फैसलों की आलोचना भी की थी। सिंगापुर के गृह विभाग और चुनाव आयोग ने बयान जारी कर यह पूरी जानकारी दी है। बता दें कि सिंगापुर में कुल 27.58 लाख पंजीकृत मतदाता हैं, जो 3 मई को मतदान करेंगे। सिंगापुर में 75 प्रतिशत आबादी चाइनीज मूल के लोगों की, 15 प्रतिशत आबादी मलय लोगों की, जिनमें अधिकतर मुस्लिम है और सात प्रतिशत आबादी भारतीय मूल के लोगों की है।
ये भी पढ़ें- US: FBI की गिरफ्त में आव्रजन अधिकारियों को चकमा देने में मददगार महिला जज; पूर्व अमेरिकी सांसद को 7+ साल की जेल
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मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप
सिंगापुर में आगामी 3 मई को चुनाव होने हैं। इस बीच सिंगापुर के चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा को कई अकाउंट्स को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। इनमें से एक अकाउंट जुल्फीकार बिन मोहम्मद शरीफ का है, जो सिंगापुर मूल का ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। शरीफ पर आरोप है कि उसका इस्लामिक स्टेट से ताल्लुक है और सिंगापुर में उसे आईएस से संबंधों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के चलते हिरासत में भी लिया गया था। शरीफ ने सिंगापुर के मलय मूल के लोगों से अपील की कि सिंगापुर की संसद मलय मुस्लिम लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही। शरीफ ने लोगों से वोट ने देने की अपील की। शरीफ की पोस्ट का असर ये हुआ कि सिंगापुर के कई नागरिक भी उसके प्रभाव में आ गए और उसकी पोस्ट को रिपोस्ट किया।
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सिंगापुर में मलेशिया मूल के लोग 15 प्रतिशत
मलेशिया के दो राजनेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट भी प्रतिबंधित किए गए हैं। इन दोनों नेताओं पर भी आरोप है कि उन्होंने सिंगापुर के मुस्लिम मतदाताओं को धर्म के आधार पर वोट देने की अपील की थी और विपक्षी नेताओं का समर्थन किया गया था और सिंगापुर सरकार के कई फैसलों की आलोचना भी की थी। सिंगापुर के गृह विभाग और चुनाव आयोग ने बयान जारी कर यह पूरी जानकारी दी है। बता दें कि सिंगापुर में कुल 27.58 लाख पंजीकृत मतदाता हैं, जो 3 मई को मतदान करेंगे। सिंगापुर में 75 प्रतिशत आबादी चाइनीज मूल के लोगों की, 15 प्रतिशत आबादी मलय लोगों की, जिनमें अधिकतर मुस्लिम है और सात प्रतिशत आबादी भारतीय मूल के लोगों की है।
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