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Russia-Ukraine War: अमेरिका के जखीरे में हथियारों की कमी, यूक्रेन को आपूर्ति में आ रही है दिक्कत

Sun, 20 Nov 2022 08:24 PM IST
Atul Sinha Atul Sinha
Updated Sun, 20 Nov 2022 08:24 PM IST
सार

जो बाइडेन प्रशासन ने बीते नौ महीनों में अरबों डॉलर के हथियार यूक्रेन भेजे हैं। इससे अमेरिकी जखीरा दबाव में आया है। सीएनएन के मुताबिक ये बात बाइडेन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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Shortage of weapons in America's stockpile, facing problem in supply to Ukraine
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन। - फोटो : Twitter : @POTUS/Video Grab

विस्तार

अमेरिका में कुछ प्रकार के हथियारों और अस्त्र प्रणालियों की कमी हो गई है। इसलिए यूक्रेन को उनकी पर्याप्त आपूर्ति करना मुश्किल साबित हो रहा है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने यह खबर दी है। सीएनएन के मुताबिक अमेरिका सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने उससे बातचीत में इस बात की पुष्टि की है। 
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जो बाइडेन प्रशासन ने बीते नौ महीनों में अरबों डॉलर के हथियार यूक्रेन भेजे हैं। इससे अमेरिकी जखीरा दबाव में आया है। सीएनएन के मुताबिक ये बात बाइडेन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। एक अधिकारी ने इस टीवी चैनल से कहा- अब हथियारों का भंडार सीमित ही बचा है। जिन हथियार प्रणालियों की कमी से प्रशासन में सबसे अधिक चिंता है, उनमें 155 मिलीमीटर तोपों के गोले और विमान भेदी स्टिंगर मिसाइलें शामिल हैं। 
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सीएनएन ने कहा है- ‘कुछ सूत्रों ने अतिरिक्त अस्त्र प्रणालियों के अमेरिका में हो रहे उत्पादन को लेकर चिंता जताई है। इनमें एचएआरएम रेडिएशन भेदी मिसाइलें, जीएमएलआरएस जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें और पोर्टेबल जेवेलिन टैंक भेदी मिसाइलें शामिल हैँ। अब अमेरिका ने इन और दूसरी अस्त्र प्रणालियों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।’
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रक्षा विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि दो दशक में यह पहला मौका है, जब अमेरिका सीधे किसी युद्ध में शामिल नहीं है। अफगानिस्तान से सेना वापसी के बाद से अमेरिका सिर्फ युद्ध संबंधी परामर्श देने की भूमिका निभा रहा है। सीधे युद्ध में भागीदारी ना होने के कारण हथियार उत्पादन की मात्रा में गिरावट आई। यही इस वजह हुई कमी का कारण है। रक्षा अधिकारियों ने सीएनएन से कहा कि अमेरिका ने अपने आपात भंडार को कायम रखते हुए यूक्रेन को हथियार भेजे हैं। इसलिए अमेरिकी सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है। 

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के कारखाने मांग के मुताबिक उत्पादन करने में सफल नहीं हुए हैं। दूसरी तरफ यूरोपीय देश यूक्रेन की सेना की जरूरत के मुताबिक हथियारों की सप्लाई करने में नाकाम रहे हैं। इसी वजह से हथियारों की कमी महसूस हो रही है। कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के सदस्य माइक क्विग्ले ने कहा- ‘हथियारों की आपूर्ति करना रोज अधिक कठिन होता जा रहा है। हमने सोचा था कि ये युद्ध कुछ दिन के अंदर खत्म हो जाएगा, लेकिन अब लगता है कि यह वर्षों तक चल सकता है। जिस समय वैश्विक सप्लाई चेन टूट रहे हैं, तब अधिक मांग को पूरा करना पश्चिमी देशों के लिए बहुत मुश्किल साबित होगा।’

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय- पेंटागन के सेक्रेटरी ब्रिगेडियर पैट्रिक राइडर ने सीएनएन से कहा कि यूक्रेन को जब तक जरूरत होगी, अमेरिका उसे हथियार देता रहेगा। लेकिन उन्होंने कहा- यूक्रेन को हथियार देते हुए अमेरिकी की युद्ध तैयारी से कोई समझौता नहीं किया गया है। 


थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ सलाहकार मार्क कैनसियन ने सीएनएन से कहा- अमेरिका के पास जितने हथियार या अस्त्र उत्पादन की क्षमता है, उससे बहुत कम हथियार यूक्रेन को दिए गए हैँ। इसके बावजूद लड़ाकू जहाजों के उत्पादन और ट्रेनिंग के लिए जरूरी कुछ उपकरण अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच रहे हैं।
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