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Hindi News ›   World ›   Shigeru Yokota Japanese campaigner and Father of North Korea abduction victim Megumi dies without meeting daughter

उत्तर कोरिया ने अगवा की बेटी, वापसी के लिए किया जमकर संघर्ष, अब मिले बिना ही हुई पिता की मौत

Sat, 06 Jun 2020 01:09 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 06 Jun 2020 01:09 PM IST
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Shigeru Yokota Japanese campaigner and Father of North Korea abduction victim Megumi dies without meeting daughter
अपनी बेटी की तस्वीर के साथ शिगेरू योकोता - फोटो : Twitter

1970 के दशक में उत्तर कोरिया द्वारा अपहृत की गई अपनी बेटी और एक दर्जन से अधिक अन्य लोगों की वापसी के लिए अभियान चलाने वाले जापानी प्रचारक शिगेरू योकोता का निधन हो गया है। उन्होंने 87 वर्ष की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली। 

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उनके परिवार ने कहा कि शुक्रवार को टोक्यो के पास कावासाकी के एक अस्पताल में योकोता की मौत हो गई। मरने से पहले उन्होंने अपनी बेटी से दोबारा मिलने की इच्छा जताई थी। उनकी 84 वर्षीय पत्नी सैकी ने कहा कि मेरे पति और मैंने साथ मिलकर जो बन सकता था किया, लेकिन वह मेगुमी को दोबारा देखे बगैर ही मर गए। मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं। 
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मेगुमी 1977 में जापान के उत्तरी तट पर निगाता में एक जूनियर हाई स्कूल से अपने घर जाने के दौरान गायब हो गई थी। उस दौरान उसकी उम्र महज 13 साल थी। गायब होने से एक दिन पहले मेगुमी ने जन्मदिन के उपहार के रूप में अपने पिता को कंघी दी थी। योकोता ने इसे स्मृति चिन्ह के रूप में हमेशा से अपने साथ रखा हुआ था। 
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सेंट्रल बैंक के पूर्व अधिकारी, योकोता और उनकी पत्नी ने मेगुमी की तलाश जारी रखी और उन्हें 20 साल बाद पता चला कि उत्तर कोरिया के एजेंटों ने उसका अपहरण किया था। 

1997 में, योकोता ने अन्य अपहरण पीड़ितों के परिवारों के साथ एक समूह की स्थापना की और एक दशक तक इसका नेतृत्व किया। मुस्कुराते हुए चेहरे वाले और मृदुभाषी योकोता उस अभियान का चेहरा बने जिस अंततः सरकारी समर्थन प्राप्त किया।

योकोता और उनकी पत्नी ने अपनी बेटी की तस्वीर लेकर पूरे जापान की यात्रा की थी। वर्षों से अपहरण की बात खारिज करने वाले उत्तर कोरिया ने साल 2002 में जाकर, इस बात को स्वीकार किया कि उसने 13 जापानियों का अपहरण किया था। 


जापान का कहना है कि उत्तर कोरिया ने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया की जासूसी करने के लिए जापानी भाषा और संस्कृति में एजेंटों को प्रशिक्षित करने के लिए कम से कम 17 लोगों का अपहरण कर लिया था।

अपहरणकर्ताओं में से पांच को उस साल बाद में एक यात्रा के लिए घर लौटने की अनुमति दी गई थी। उत्तर कोरिया ने कहा था कि मेगुमी सहित आठ अन्य लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, चार अन्य लोगों को लेकर उसने कहा कि वह उसके देश में कभी नहीं आए। हालांकि, इसको लेकर जापान की सरकार और उनके परिजनों ने असहमति व्यक्त की। 

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