{"_id":"63154aa5d12fff22db5ac56a","slug":"sheikh-hasina-says-we-have-a-heavy-burden-of-rohingyas-india-should-help","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेख हसीना बोलीं:- हम पर रोहिंग्याओं का भारी बोझ, भारत मदद करे","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
शेख हसीना बोलीं:- हम पर रोहिंग्याओं का भारी बोझ, भारत मदद करे
Mon, 05 Sep 2022 06:32 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 05 Sep 2022 06:32 AM IST
सार
शेख हसीना ने कहा कि जब तक मेरी सरकार है, अल्पसंख्यकों को डरने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं पर हमले पर खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को इसके बारे में थोड़ा उदार होकर सोचना चाहिए।
विज्ञापन
Bangladesh PM Sheikh Hasina
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का कहना है कि दस लाख रोहिंग्या उनके देश पर बहुत भारी बोझ हैं। बांग्लादेश इस मसले को संयुक्त राष्ट्र व आसियान में भी उठा रहा है। भारत इसे सुलझाने में बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। पांच सितंबर से शुरू हो रहे चार दिन के भारत दौरे से ठीक पहले एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने बांग्लादेश के अंदरूनी हालात, भारत-बांग्लादेश संबंधों व व्यक्तिगत जीवन के बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने स्वीकार किया रोहिंग्या उनकी सत्ता के लिए खतरा बन गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, रोहिंग्या अब बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। इस समुदाय के लोग ड्रग्स और हथियारों से लेकर महिलाओं-बच्चों की तस्करी व तरह-तरह के अपराधों में लगे हैं। जितने जल्दी ये म्यांमार लौटें, उतना ही बेहतर होगा। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के सवाल पर उन्होंने कहा, यह बर्दाश्त नहीं हैं। बांग्लादेश में चरमपंथी वारदात बढ़ी हैं, लेकिन पूरी दुनिया में नफरत बढ़ी है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका सबसे ज्यादा है। जब तक मेरी सरकार है, अल्पसंख्यकों को डरने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं पर हमले पर खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को इसके बारे में थोड़ा उदार होकर सोचना चाहिए। एक-दो घटनाओं के आधार पर पूरे देश या समाज का चरित्र तय नहीं होता। एजेंसी
विज्ञापन
हर जरूरत पर मिला साथ
वैक्सीन मैत्री और यूक्रेन से दक्षिण एशियाई देशों के छात्रों को भारत ने जिस तरह वहां से निकाला, यह दो बातें सार्क की अहमियत दिखाती हैं। बांग्लादेशी छात्रों को यूक्रेन से निकालने और पर्याप्त कोविड वैक्सीन के लिए पीमए मोदी का शुक्रिया।
विज्ञापन
- शेख हसीना, प्रधानमंत्री, बांग्लादेश
हसीना ने कहा, दोनों देश कई नदियों का पानी साझा करते हैं। खासतौर पर तीस्ता का पानी बांग्लादेश के लिए बेहद अहम है। पानी के बंटवारे को लेकर कई विवाद रहे हैं, लेकिन कोई भी ऐसी समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से हल न कर सकें। पानी भारत से बांग्लादेश की तरफ आता है। लिहाजा, भारत से इस मामले दरियादिली की उम्मीद रहती है।